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प्रदूषण के कारण दादरी एनटीपीसी का कोयला प्लांट 15 तक बंद
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ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण एनसीआर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन के आदेश पर दादरी एनटीपीसी के कोयला प्लांट को 15 दिसंबर तक बंद किया गया है। इससे दिल्ली समेत कई राज्यों में बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। पिछले माह भी कोयला प्लांट करीब 15 दिन तक बंद रहा था।
दादरी एनटीपीसी में कोयले से बिजली उत्पादन की दो यूनिटें हैं। एक की क्षमता 840 व 980 मेगावाट है, जबकि 829 मेगावाट की एक गैस संचालित पावर यूनिट है। यहां से ग्रिड के जरिये उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली समेत अन्य राज्यों व भारतीय रेल को बिजली आपूर्ति होती है। नवंबर में एनटीपीसी के 15 से 30 तारीख तक भी कोयला प्लांट बंद रहे थे। अब प्रदूषण के कारण कमीशन के आदेश पर प्लांट को बंद किया गया है। इससे कई राज्यों में बिजली संकट हो सकता है। वहीं, इस संबंध में एनटीपीसी के अफसर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
उद्योगों में साप्ताहिक बंदी व आठ घंटे काम का आदेश
एनसीआर कमीशन के आदेश में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग शनिवार और रविवार को पूरी तरह से बंद रहेंगे, जबकि सोमवार से शुक्रवार के बीच दिन में केवल आठ घंटे काम कर सकेंगे। इस आदेश से उद्यमी परेशान हैं। उनका कहना है कि काफी उद्योगों में बॉयलर का प्रयोग होता है। इसे शुरू करने में ही काफी समय लग जाता है। कुछ उद्योगों में मशीनों को 24 घंटे चलाया जाता है। अगर इन्हें बंद किया गया तो काम करना मुश्किल है। बाकी उद्योगों में डीजल जनरेटर के इस्तेमाल भी रोक से परेशानी हो रही है। कमीशन को इस आदेश की फिर से समीक्षा करनी चाहिए। प्रदूषण में उद्योगों की भूमिका काफी कम है। हालांकि, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अफसरों का कहना है कि उद्योगों को इस तरह चला पाना मुश्किल होगा। इस संबंध में प्रदेश सरकार की तरफ से जवाब दाखिल किया गया है। उस पर निर्णय आने के बाद इसे लागू कराया जाएगा।
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ग्रेनो वेस्ट में काम बंद कराने पहुंची सीपीसीबी की टीम
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीमों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा का निरीक्षण करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार रात सीपीसीबी की टीम ग्रेनो वेस्ट में पहुंची थी। वहां पर दो प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य होता मिला। ऐसे में निर्माण कार्य को बंद कराया गया। यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि बाहरी निर्माण कार्य पर रोक है। बिल्डिंग के अंदर निर्माण कार्य कराया जा सकता है। वहीं, फ्रेट कॉरिडोर व नोएडा एयरपोर्ट जैसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के निर्माण पर रोक नहीं है।
एनसीआर का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा नोएडा
एक दिन की राहत के बाद शनिवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण बढ़ गया। शनिवार को ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ऑरेंज से रेड जोन में 335 पहुंच गया है, जबकि नोएडा का एक्यूआई 312 से 355 पहुंच गया। नोएडा एनसीआर का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। पहले नंबर पर दिल्ली (एक्यूआई 362) और दूसरे नंबर पर फरीदाबाद (356) रहा है। ग्रेनो चौथे स्थान पर रहा। बारिश और हवा के अलावा प्रदूषण में सुधार की कोई उम्मीद नहीं है।
कमीशन के आदेश के तहत एनटीपीसी दादरी के थर्मल प्लांट को बंद कराया गया है। उद्योगों से संबंधित बिंदु पर सरकार ने जवाब दाखिल किया है। प्रोजेक्टों पर बाहरी निर्माण कार्य पर रोक है। निर्माण को बंद कराने के लिए सीपीसीबी की टीम भी जांच कर रही है।
- भुवन यादव, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी
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दादरी एनटीपीसी में कोयले से बिजली उत्पादन की दो यूनिटें हैं। एक की क्षमता 840 व 980 मेगावाट है, जबकि 829 मेगावाट की एक गैस संचालित पावर यूनिट है। यहां से ग्रिड के जरिये उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली समेत अन्य राज्यों व भारतीय रेल को बिजली आपूर्ति होती है। नवंबर में एनटीपीसी के 15 से 30 तारीख तक भी कोयला प्लांट बंद रहे थे। अब प्रदूषण के कारण कमीशन के आदेश पर प्लांट को बंद किया गया है। इससे कई राज्यों में बिजली संकट हो सकता है। वहीं, इस संबंध में एनटीपीसी के अफसर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
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उद्योगों में साप्ताहिक बंदी व आठ घंटे काम का आदेश
एनसीआर कमीशन के आदेश में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग शनिवार और रविवार को पूरी तरह से बंद रहेंगे, जबकि सोमवार से शुक्रवार के बीच दिन में केवल आठ घंटे काम कर सकेंगे। इस आदेश से उद्यमी परेशान हैं। उनका कहना है कि काफी उद्योगों में बॉयलर का प्रयोग होता है। इसे शुरू करने में ही काफी समय लग जाता है। कुछ उद्योगों में मशीनों को 24 घंटे चलाया जाता है। अगर इन्हें बंद किया गया तो काम करना मुश्किल है। बाकी उद्योगों में डीजल जनरेटर के इस्तेमाल भी रोक से परेशानी हो रही है। कमीशन को इस आदेश की फिर से समीक्षा करनी चाहिए। प्रदूषण में उद्योगों की भूमिका काफी कम है। हालांकि, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अफसरों का कहना है कि उद्योगों को इस तरह चला पाना मुश्किल होगा। इस संबंध में प्रदेश सरकार की तरफ से जवाब दाखिल किया गया है। उस पर निर्णय आने के बाद इसे लागू कराया जाएगा।
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ग्रेनो वेस्ट में काम बंद कराने पहुंची सीपीसीबी की टीम
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीमों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा का निरीक्षण करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार रात सीपीसीबी की टीम ग्रेनो वेस्ट में पहुंची थी। वहां पर दो प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य होता मिला। ऐसे में निर्माण कार्य को बंद कराया गया। यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि बाहरी निर्माण कार्य पर रोक है। बिल्डिंग के अंदर निर्माण कार्य कराया जा सकता है। वहीं, फ्रेट कॉरिडोर व नोएडा एयरपोर्ट जैसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के निर्माण पर रोक नहीं है।
एनसीआर का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा नोएडा
एक दिन की राहत के बाद शनिवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण बढ़ गया। शनिवार को ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ऑरेंज से रेड जोन में 335 पहुंच गया है, जबकि नोएडा का एक्यूआई 312 से 355 पहुंच गया। नोएडा एनसीआर का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। पहले नंबर पर दिल्ली (एक्यूआई 362) और दूसरे नंबर पर फरीदाबाद (356) रहा है। ग्रेनो चौथे स्थान पर रहा। बारिश और हवा के अलावा प्रदूषण में सुधार की कोई उम्मीद नहीं है।
कमीशन के आदेश के तहत एनटीपीसी दादरी के थर्मल प्लांट को बंद कराया गया है। उद्योगों से संबंधित बिंदु पर सरकार ने जवाब दाखिल किया है। प्रोजेक्टों पर बाहरी निर्माण कार्य पर रोक है। निर्माण को बंद कराने के लिए सीपीसीबी की टीम भी जांच कर रही है।
- भुवन यादव, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी