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आंधी तूफान के साथ हुई बरसात, गेहूं की फसल को नुकसान
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नूंह। आंधी तूफान के साथ शनिवार देर रात हुई बरसात की मार जिले में गेहूं की फसल पर पड़ रही है। अचानक से हुई बरसात की वजह से नूंह, पुन्हाना, नगीना व फिरोजपुर झिरका सहित अन्य क्षेत्रों में गेहूं की फसल लेट गई। हालांकि गनीमत रही कि बरसात के साथ ओलावृष्टि नहीं हुई। वैसे प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि की मार भी फसलों पर पड़ी है। जिले के 80 फीसदी किसान खेती पर निर्भर है। ऐसे में शनिवार रात 11 बजे के बाद मौसम में अचानक बदलाव के कारण किसान फसलों को लेकर चिंतित है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में 15 से 20 मिमी बरसात हुई है। वहीं बरसात के बाद रविवार को अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहा। 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 3.8 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। जिले में किसानों ने वर्तमान में 75500 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, 26 हजार हेक्टेयर में सरसों, 1250 हेक्टेयर जौ व करीब एक हजार हेक्टेयर पर चने की फसल बोई है। सरसों की फसल अभी पक रही है। जबकि गेहूं व जौ की फसल में भी दाना आ रहा है। लेकिन तूफान ने फसल को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। चने की फसल में किसी नुकसान की खबर नहीं है।
हाजी अली मोहम्मद खेड़ला, खेड़ली दोसा निवासी किसान सत्ते गुर्जर, छपैड़ा निवासी गिरधर, बलदेव, सुरेंद्र जाट छपैड़ा, घासेड़ा निवासी हनीफ, इरफान, इस्लाम मेंबर निवासी नवाबगढ़ सहित अन्य किसानों ने बताया कि कड़ी मेहनत व पूंजी लगाकर वे फसलों को तैयार कर रहे हैं, लेकिन शनिवार को तूफान के साथ हुई बरसात से अगेती गेहूं व जौ की फसल लेट गई, जिससे काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि उनके खेतों की गिरदावरी कराकर सरकार द्वारा नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिया जाए।
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बिजली आपूर्ति प्रभावित :
बरसात के साथ तेज हवाओं से आसमानी बिजली कड़कने से कई घरों में बिजली के उपकरण भी जल गए हैं। तेज तूफान के कारण कई गांवों में बिजली चली गई लेकिन रविवार दोपहर बाद बिजली निगम द्वारा बिजली की आपूर्ति कराई गई। लोगों का कहना है, कि बिजली निगम द्वारा ऐसे मौके पर बहुत अधिक बिजली की कटौती की जाती है। इससे दैनिक कार्य प्रभावित होते हैं। फसलों के नुकसान का आंकलन मुआयना करने के बाद ही लगाया जा सकता है।
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कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में 15 से 20 मिमी बरसात हुई है। वहीं बरसात के बाद रविवार को अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहा। 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 3.8 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। जिले में किसानों ने वर्तमान में 75500 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, 26 हजार हेक्टेयर में सरसों, 1250 हेक्टेयर जौ व करीब एक हजार हेक्टेयर पर चने की फसल बोई है। सरसों की फसल अभी पक रही है। जबकि गेहूं व जौ की फसल में भी दाना आ रहा है। लेकिन तूफान ने फसल को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। चने की फसल में किसी नुकसान की खबर नहीं है।
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हाजी अली मोहम्मद खेड़ला, खेड़ली दोसा निवासी किसान सत्ते गुर्जर, छपैड़ा निवासी गिरधर, बलदेव, सुरेंद्र जाट छपैड़ा, घासेड़ा निवासी हनीफ, इरफान, इस्लाम मेंबर निवासी नवाबगढ़ सहित अन्य किसानों ने बताया कि कड़ी मेहनत व पूंजी लगाकर वे फसलों को तैयार कर रहे हैं, लेकिन शनिवार को तूफान के साथ हुई बरसात से अगेती गेहूं व जौ की फसल लेट गई, जिससे काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि उनके खेतों की गिरदावरी कराकर सरकार द्वारा नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिया जाए।
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बिजली आपूर्ति प्रभावित :
बरसात के साथ तेज हवाओं से आसमानी बिजली कड़कने से कई घरों में बिजली के उपकरण भी जल गए हैं। तेज तूफान के कारण कई गांवों में बिजली चली गई लेकिन रविवार दोपहर बाद बिजली निगम द्वारा बिजली की आपूर्ति कराई गई। लोगों का कहना है, कि बिजली निगम द्वारा ऐसे मौके पर बहुत अधिक बिजली की कटौती की जाती है। इससे दैनिक कार्य प्रभावित होते हैं। फसलों के नुकसान का आंकलन मुआयना करने के बाद ही लगाया जा सकता है।