दरोगा हत्याकांड : शोमिन के धोखे में अख्तर पर चली थी गोलियां
- गुलफाम उर्फ तोता ने पुलिस की पूछताछ में किया खुलासा
- जावेद और शोमिन के गिरोह के बीच चल रही थी तनातनी
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सिकंदराबाद में गिरफ्तार दरोगा अख्तर खान की हत्या के आरोपी गुलफाम उर्फ तोता ने ग्रेटर नोएडा पुलिस को बताया कि शोमीन गैंग के लोगों के धोखे में दरोगा पर गोलियां चलाईं गईं थी। इसके बाद वे लोग खुद को बचाने के लिए छत पर चढ़कर फायरिंग करते हुए भाग निकले थे। इस दौरान तोता अलीगढ़, बुलंदशहर में छुपा रहा।
वह सिकंदराबाद भी गया था। हालांकि दोबारा जाने पर सिकंदराबाद पुलिस ने बुधवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, 25 अप्रैल को दादरी के नई आबादी कस्बे में मुठभेड़ के दौरान दरोगा अख्तर खान की मौत हो गई थी। मुठभेड़ से कुछ दिन पहले जावेद और शोमिन गैंग के बीच आपसी तनातनी चल रही थी।
शोमिन अपने साथियों के साथ कस्बे में आकर जावेद को खुलेआम ललकार गया था। इस बात की जानकारी जावेद को हुई तो उसने फुरकान के घर अन्य बदमाशों के साथ अड्डा जमा लिया था। वहां शोमिन को मारने की नियत से इकट्ठा हुए थे। दोनों के बीच गैंगवार होने की सूचना दादरी पुलिस को मिली थी। इसके बाद मुठभेड़ से एक दिन पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ आपराधिक तत्व कस्बे में खुले आम तमंचा लेकर घूम रहे हैं।
जो किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना पाकर दादरी पुलिस अपनी टीम के साथ फुरकान के घर दबिश देने पहुंची। ताश खेल रहे बदमाशों को लगा कि शोमिन के गैंग ने उन पर हमला कर दिया है। गैंग समझकर बदमाशों ने गोली चला दी, जिसमें दरोगा अख्तर खान के गले में गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गुलफाम उर्फ तोता से पूछताछ के लिए ग्रेेटर नोएडा से पुलिस की टीम भेजी गई थी। उसने गोली चलाने बात कुबूल की है। तोता ने बताया कि शोमिन के धोखे में पुलिस पर गोली चलाई थी। हालांकि अभी जावेद को रिमांड पर लेने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद ही पूरी घटना की पुष्टि होगी। - अभिषेक यादव, एसपी देहात