फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   दरोगा और सिपाही समेत चार को गिरफ्तार करने के आदेश

दरोगा और सिपाही समेत चार को गिरफ्तार करने के आदेश

Tue, 07 May 2019 08:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2019 08:43 PM IST
विज्ञापन
दरोगा और सिपाही समेत चार को गिरफ्तार करने के आदेश

विज्ञापन
दारोगा और सिपाही समेत चार को गिरफ्तार करने के आदेश
ग्रेटर नोएडा। भाजपा नेता शिवकुमार यादव समेत तिहरे हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस के दारोगा अमित यादव और सिपाही रविंद्र यादव समेत दोनों के रिश्तेदार अमन व प्रवीण के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए हैं। बिसरख कोतवाली क्षेत्र के हैबतपुर गोलचक्कर के पास 16 नवंबर 2017 को हुए इस हत्याकांड की साजिश दारोगा के भाई अरुण यादव ने रची थी। उसने बदमाश सुंदर भाटी के भतीजे अनिल भाटी को सुपारी देकर हत्या कराई थी। वहीं, जांच गौतमबुद्ध नगर से गाजियाबाद स्थानांतरण होने के बाद केस में दारोगा और सिपाही का नाम शामिल किया गया था। अदालत ने चारों आरोपियों को 16 मई तक गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद आरोपियों पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
बिसरख कोतवाली क्षेत्र के हैबतपुर गोलचक्कर के पास 16 नवंबर 2017 को नोएडा के बहलोलपुर गांव निवासी भाजपा नेता शिवकुमार यादव, चालक बलीनाथ और निजी सुरक्षाकर्मी रईस पाल की ताबड़तोड़ 40 राउंड गोलियां बरसाकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस दौरान एक कार की चपेट में आकर एक युवती की भी मौत हुई थी। हमलावर बाइक व स्कूटी पर सवार बताए गए थे। पुलिस को जानकारी मिली थी कि शूटरों ने दोनों हाथों में पिस्टल लेकर गोलियां चलाईं थीं। शिवकुमार के भाई योगेश यादव ने केस दर्ज कराया था।
विज्ञापन

-----------
पिता की हत्या के शक में दी थी सुपारी
4 दिसंबर 2017 को एसटीएफ ने शूटर नरेश तेवतिया, मुख्य साजिशकर्ता अरुण यादव, धर्मदत्त शर्मा को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। अरुण के पिता की 17 वर्ष पूर्व सड़क हादसे में मौत हुई थी, लेकिन उसे शक था कि शिवकुमार ने उनकी हत्या कराई है। इसका बदला लेने के लिए उसने सुंदर भाटी गैंग को सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलवाया। इसी केस में एसटीएफ ने शार्प शूटर अनिरुद्ध भारद्वाज उर्फ रावण निवासी छपार मुजफ्फरनगर को भी 22 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कुख्यात सुंदर भाटी के भाई सहदेव और भतीजे अनिल भाटी को शामली में गिरफ्तार किया गया था। कुछ दिन बाद 50 हजार के इनामी और घटना में शामिल शूटर अमर सिंह को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------
सीएम के आदेश पर बदली जांच, तब शामिल हुए नाम
केस के वादी शिवकुमार के भाई योगेश ने बताया कि मामला बिसरख कोतवाली में दर्ज किया गया था। जांच अधिकारी दारोगा अरुण यादव के बैचमेट बताए गए थे। वादी पक्ष ने बिसरख कोतवाली में अरुण यादव के आने और धमकी देने का भी आरोप लगाया था। इसके बाद जांच बादलपुर थाने स्थानांतरित की गई। पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर निष्पक्ष व गैरजनपद में जांच कराने की मांग की। इसके बाद गाजियाबाद के लिंकरोड थाना को मामले में जांच की जिम्मेदारी मिली। यहां से क्राइम ब्रांच को जांच की गई और निरीक्षक अशोक पाल ने विवेचना की। योगेश ने बताया कि उनके घर पर कुछ दिन पहले फायरिंग भी की गई थी।

------
गाजियाबाद एसएसपी ने गोंडा व जेपीनगर एसएसपी को लिखे पत्र
योगेश ने बताया कि दारोगा अमित यादव वर्तमान में गोंडा में और सिपाही रविंद्र यादव जेपी नगर (अमरोहा) में तैनात है। रविंद्र अमित का चाचा है। अदालत से गैर जमानती वारंट होने के बाद एसएसपी गाजियाबाद ने गोंडा व जेपी नगर एसएसपी को पत्र लिखकर अदालत की कार्रवाई से अवगत करा दिया है। अगर, जल्द आरोपी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश नहीं किए जाते तो उन पर कुर्की की कार्रवाई शुरू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed