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महागुन बिल्डर के ऑफिस में डकैती
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महागुन बिल्डर के ऑफिस में डकैती, 35 लाख लूटे
नोएडा। सेक्टर-63 स्थित महागुन बिल्डर के ऑफिस में शनिवार रात 10-12 हथियारबंद नकाबपोश डकैतों धावा बोल दिया। बदमाशों ने गनमैन व दो सुरक्षा गार्डों को बंधक बनाकर रुपयों से भरी तिजोरी लूट ली। तिजोरी में 35 लाख रुपये और 600 ग्राम सोने के अलावा बिल्डर परिवार के पासपोर्ट आदि समेत कीमती दस्तावेज थे। डकैत तिजोरी को परिसर में खड़ी सेंट्रो कार में ही लादकर फरार हो गए। बिल्डर प्रतिनिधि की ओर से कोतवाली में डकैती का मामला दर्ज कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर के ए ब्लॉक में महागुन प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय है। बिल्डर के आला अधिकारी यहां बैठते हैं और यही से लेनदेन और अन्य कार्य कराए जाते हैं। कार्यालय की सुरक्षा के लिए शनिवार रात को कन्नौज निवासी गनमैन धर्मपाल, सुरक्षा गार्ड छिजारसी निवासी पवन कुमार व अंबेडकर नगर जिला निवासी साजन तैनात थे। रात करीब सवा 2 बजे 10-12 डकैत पीछे की दीवार कूदकर कार्यालय परिसर में घुसे और जेनरेटर के पास जाकर छिप गए। गनमैन राउंड पर गया तो नकाबपोश डकैतों ने गनमैन धर्मपाल को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। जब काफी देर तक गनमैन वापस गेट की तरफ नहीं आया तो सुरक्षा गार्डों ने आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया तो सुरक्षा गार्ड भी कार्यालय में पीछे की ओर आ गए। इस पर बैठे डकैतों ने दोनों को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद तीन मंजिला भवन में डकैतों ने पहली मंजिल पर धावा बोला और उसी में जाकर तिजोरी को तोड़ने का प्रयास किया। 600 किलोग्राम की तिजोरी को तोड़ने के लिए करीब ढाई घंटे तक प्रयास किया, लेकिन तिजोरी नहीं टूटी तो वह उसे नीचे लाने लगे और तोड़ने के इरादे से उसे सीढ़ियों पर ही फेंक दिया, लेकिन सीढ़ियां तो टूटीं पर तिजोरी नहीं। इसके बाद बदमाशों ने सुरक्षा गार्ड के रूम से सेंट्रो कार की चाबी ली और उसी में तिजोरी को लाद लिया। विरोध करने पर गनमैन को पीटा और उसकी राइफल भी लूटकर फरार हो गए।
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हेडिंग: कंपनी के ही कर्मचारी पर मिलीभगत का शक
सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी ले गए
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। महागुन बिल्डर के कार्यालय में डकैती मामले में पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की तो पता चला है कि बदमाश अधिकतर युवा थे। घटना को जिस प्रकार से अंजाम दिया गया है कि उससे साफ है कि कंपनी के ही किसी कर्मचारी ने कई दिन तक रेकी की और घटना को अंजाम दिलाया।
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पुलिस के अनुसार, बदमाश पीछे के रास्ते से आए और कार को लेकर कुछ बदमाश मुख्य गेट से गए। जबकि बाकी डकैत पीछे के रास्ते से ही गए थे। एक सीसीटीवी कैमरे में सामने आया है कि बदमाशों ने गाड़ी को कुछ दूर खड़ा किया था। वहीं, डकैत अपने साथ सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी ले गए। सेंट्रो कार को सतपाल चलाता था और उसका ड्राइविंग लाइसेंस आदि भी गाड़ी में ही थे। जबकि तिजोरी में महागुन के मालिकों और अफसरों के पासपोर्ट समेत कुछ दस्तावेज भी चले गए। किसी तरह सुरक्षा गार्डों ने खुद को बंधक मुक्त कर घटना की सूचना मालिक को दी। महागुन के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस कुछ मिनट में ही ऑफिस पर पहुंच गई। सुबह से लेकर दोपहर तक पुलिस छानबीन करती रही।
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सुरक्षा गार्ड भी संदेह के घेरे में
पुलिस ने घायल सुरक्षा गार्डों का इलाज कराया और फिर उनसे पूछताछ की। सबसे पहले संदेह के घेरे में तीनों सुरक्षाकर्मी ही थे। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच पड़ताल की जा रही है। 10-12 नकाबपोश बदमाशों ने डकैती की है और उन्हीं धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस की कई विशेष टीमें जांच में जुटी हैं और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी गौतमबुद्धनगर
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नोएडा। सेक्टर-63 स्थित महागुन बिल्डर के ऑफिस में शनिवार रात 10-12 हथियारबंद नकाबपोश डकैतों धावा बोल दिया। बदमाशों ने गनमैन व दो सुरक्षा गार्डों को बंधक बनाकर रुपयों से भरी तिजोरी लूट ली। तिजोरी में 35 लाख रुपये और 600 ग्राम सोने के अलावा बिल्डर परिवार के पासपोर्ट आदि समेत कीमती दस्तावेज थे। डकैत तिजोरी को परिसर में खड़ी सेंट्रो कार में ही लादकर फरार हो गए। बिल्डर प्रतिनिधि की ओर से कोतवाली में डकैती का मामला दर्ज कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर के ए ब्लॉक में महागुन प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय है। बिल्डर के आला अधिकारी यहां बैठते हैं और यही से लेनदेन और अन्य कार्य कराए जाते हैं। कार्यालय की सुरक्षा के लिए शनिवार रात को कन्नौज निवासी गनमैन धर्मपाल, सुरक्षा गार्ड छिजारसी निवासी पवन कुमार व अंबेडकर नगर जिला निवासी साजन तैनात थे। रात करीब सवा 2 बजे 10-12 डकैत पीछे की दीवार कूदकर कार्यालय परिसर में घुसे और जेनरेटर के पास जाकर छिप गए। गनमैन राउंड पर गया तो नकाबपोश डकैतों ने गनमैन धर्मपाल को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। जब काफी देर तक गनमैन वापस गेट की तरफ नहीं आया तो सुरक्षा गार्डों ने आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया तो सुरक्षा गार्ड भी कार्यालय में पीछे की ओर आ गए। इस पर बैठे डकैतों ने दोनों को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद तीन मंजिला भवन में डकैतों ने पहली मंजिल पर धावा बोला और उसी में जाकर तिजोरी को तोड़ने का प्रयास किया। 600 किलोग्राम की तिजोरी को तोड़ने के लिए करीब ढाई घंटे तक प्रयास किया, लेकिन तिजोरी नहीं टूटी तो वह उसे नीचे लाने लगे और तोड़ने के इरादे से उसे सीढ़ियों पर ही फेंक दिया, लेकिन सीढ़ियां तो टूटीं पर तिजोरी नहीं। इसके बाद बदमाशों ने सुरक्षा गार्ड के रूम से सेंट्रो कार की चाबी ली और उसी में तिजोरी को लाद लिया। विरोध करने पर गनमैन को पीटा और उसकी राइफल भी लूटकर फरार हो गए।
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हेडिंग: कंपनी के ही कर्मचारी पर मिलीभगत का शक
सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी ले गए
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। महागुन बिल्डर के कार्यालय में डकैती मामले में पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की तो पता चला है कि बदमाश अधिकतर युवा थे। घटना को जिस प्रकार से अंजाम दिया गया है कि उससे साफ है कि कंपनी के ही किसी कर्मचारी ने कई दिन तक रेकी की और घटना को अंजाम दिलाया।
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पुलिस के अनुसार, बदमाश पीछे के रास्ते से आए और कार को लेकर कुछ बदमाश मुख्य गेट से गए। जबकि बाकी डकैत पीछे के रास्ते से ही गए थे। एक सीसीटीवी कैमरे में सामने आया है कि बदमाशों ने गाड़ी को कुछ दूर खड़ा किया था। वहीं, डकैत अपने साथ सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी ले गए। सेंट्रो कार को सतपाल चलाता था और उसका ड्राइविंग लाइसेंस आदि भी गाड़ी में ही थे। जबकि तिजोरी में महागुन के मालिकों और अफसरों के पासपोर्ट समेत कुछ दस्तावेज भी चले गए। किसी तरह सुरक्षा गार्डों ने खुद को बंधक मुक्त कर घटना की सूचना मालिक को दी। महागुन के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस कुछ मिनट में ही ऑफिस पर पहुंच गई। सुबह से लेकर दोपहर तक पुलिस छानबीन करती रही।
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सुरक्षा गार्ड भी संदेह के घेरे में
पुलिस ने घायल सुरक्षा गार्डों का इलाज कराया और फिर उनसे पूछताछ की। सबसे पहले संदेह के घेरे में तीनों सुरक्षाकर्मी ही थे। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच पड़ताल की जा रही है। 10-12 नकाबपोश बदमाशों ने डकैती की है और उन्हीं धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस की कई विशेष टीमें जांच में जुटी हैं और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी गौतमबुद्धनगर