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कॉलेज छात्रा की हत्या में मित्र को 10 माह मिली जमानत
Updated Sat, 24 Nov 2018 07:11 AM IST
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छात्रा की हत्या के आरोप में मित्र
को 10 माह बाद मिली जमानत
नई दिल्ली। कॉलेज छात्रा की हत्या के मामले में आरोपी उसके मित्र को 10 महीने बाद अदालत ने जमानत प्रदान की है। परिजनों का आरोप था कि पैसों की मांग पूरी न होने पर आरोपी ने पीड़िता को चौथी मंजिल से धक्का दे दिया और घटना के 15 दिनों बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला करोल बाग इलाके का है। तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार ने आरोपी साहिल को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके व इतनी राशि के दो जमानती की शर्त पर जमानत प्रदान की है। अदालत ने जमानत प्रदान करते समय इस बात पर गौर किया कि पुलिस ने मृतका का बयान ही दर्ज नहीं किया, जबकि वह बयान देने के लिए फिट थी। कोर्ट के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि पीड़िता 31 दिसंबर की शाम आरोपी के साथ उसके घर पर थी। वहां से वह फिसली या उसे धक्का दिया गया इसका खुलासा पीड़िता ही कर सकती थी। वह छह जनवरी 2018 को बयान देने के लिये फिट थी लेकिन पुलिस ने उसका बयान ही दर्ज नहीं किया। घटना के बाद आरोपी खुद उसे अस्पताल लेकर गया था। ब्यूरो
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को 10 माह बाद मिली जमानत
नई दिल्ली। कॉलेज छात्रा की हत्या के मामले में आरोपी उसके मित्र को 10 महीने बाद अदालत ने जमानत प्रदान की है। परिजनों का आरोप था कि पैसों की मांग पूरी न होने पर आरोपी ने पीड़िता को चौथी मंजिल से धक्का दे दिया और घटना के 15 दिनों बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला करोल बाग इलाके का है। तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार ने आरोपी साहिल को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके व इतनी राशि के दो जमानती की शर्त पर जमानत प्रदान की है। अदालत ने जमानत प्रदान करते समय इस बात पर गौर किया कि पुलिस ने मृतका का बयान ही दर्ज नहीं किया, जबकि वह बयान देने के लिए फिट थी। कोर्ट के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि पीड़िता 31 दिसंबर की शाम आरोपी के साथ उसके घर पर थी। वहां से वह फिसली या उसे धक्का दिया गया इसका खुलासा पीड़िता ही कर सकती थी। वह छह जनवरी 2018 को बयान देने के लिये फिट थी लेकिन पुलिस ने उसका बयान ही दर्ज नहीं किया। घटना के बाद आरोपी खुद उसे अस्पताल लेकर गया था। ब्यूरो