फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   ट्रैफिक पुलिस व डीटीटीडीसी के सर्वे में ब्रिज में मिली थीं खामियां

ट्रैफिक पुलिस व डीटीटीडीसी के सर्वे में ब्रिज में मिली थीं खामियां

Sat, 24 Nov 2018 07:11 AM IST
Updated Sat, 24 Nov 2018 07:11 AM IST
विज्ञापन
ट्रैफिक पुलिस व डीटीटीडीसी के सर्वे में ब्रिज में मिली थीं खामियां
सिग्नेचर ब्रिज हादसा:
विज्ञापन


ट्रैफिक पुलिस और डीटीटीडीसी के
सर्वे में ब्रिज में मिली थीं खामियां
- ट्रैफिक पुलिस के पत्र के बावजूद नहीं किए गए सुरक्षा के उपाय
- ट्रैफिक पुलिस ने 15 दिन में ब्रिज पर किए काफी चालान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सिग्नेचर ब्रिज खुद हादसों को बुलावा दे रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली पर्यटन परिवहन विकास निगम(डीटीटीडीसी) के संयुक्त सर्वे में सिग्नेचर ब्रिज पर काफी खामियां मिली थीं। साथ में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने डीटीटीडीसी को पत्र भी लिखा था। इसके बावजूद ब्रिज पर सुरक्षा के कदम नहीं उठाए गए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस एक बार डीटीटीडीसी को सुरक्षा कदम उठाने के लिए पत्र लिखने जा रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सिग्नेचर ब्रिज खुलने के बाद 15 दिनों में काफी चालान किए हैं।
दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) आलोक कुमार ने बताया कि करीब 10 दिन पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस व डीटीटीडीसी ने सिग्नेचर ब्रिज का संयुक्त सर्वे किया था। सर्वे के दौरान ब्रिज पर काफी खामियां मिली थीं। सिग्नेचर ब्रिज के कैरिज्वे पर वाहन खडे़ मिले। ब्रिज पर गति को कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए थे। ब्रिज कीरेलिंग के बीच जगह खाली मिली और तार बाहर निकले हुए थे। स्पीड पर मुड़ने के साइनेज नहीं लगाए गए थे। इससे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने डीटीटीडीसी को पत्र लिखा था। पत्र में ब्रिज पर दोनों तरफ व्यू कटर लगाने की बात कही गई थी, ताकि लोग सेल्फी न ले सकें और न ही वाहन खडे़ कर सकें। साथ में उभरी हुई सफेद पट्टी (स्पीड कॉमिंग मेजर) लगाने की बात कही गई थी। मगर डीटीटीडीसी ने उनके पत्र को न तो गंभीरता से लिया और न ही कोई कदम उठाए थे।
विज्ञापन

संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार का कहना है कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सिग्नेचर ब्रिज पर एक बार फिर सुरक्षा का ऑडिट करेगी और डीटीटीडीसी को पत्र लिखेगी। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अगर सरकार चाहती है तो ब्रिज के ऊपर सेल्फी प्वाइंट बना सकती है, मगर ब्रिज के कैरिज्वे पर सेल्फी प्वाइंट व पार्किंग बनाना सुरक्षा के लिहाज से एकदम ठीक नहीं है। सिग्नेचर ब्रिज के रखरखाव का जिम्मा डीटीटीडीसी के पास ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
15 दिन में किए 1703 चालान :
चार नवंबर को सिग्नेचर ब्रिज दिल्ली वासियों के लिए खोला गया था। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सिग्नेचर ब्रिज पर छह नवंबर से चालान करने शुरू किए थे। सिग्नेचर ब्रिज दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के दो सर्किल खजूरी खास व सिविल लाईंस में पड़ता है। दोनों ही सर्किल में 15 दिनों में सिग्नेचर ब्रिज पर खतरनाक ड्राइविंग के 42, ट्रिपल राइडिंग 85, बिना हेलमेट 453, वनवे का उल्लंघन करने पर 263, अवैध पार्किंग 359, तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने के 48, अन्य मद में 326, नो एंट्री के चार चालान किए गए। सिग्नेचर ब्रिज से कुल 123 वाहनों को क्रेन से उठाया गया।

--------
पूरी दिल्ली में किए गए चालानों की संख्या -
पूरी दिल्ली में 15 नवंबर तक तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने के कुल 1,28,839 और खतरनाक ढंग से गाड़ी चलाने के 2,14,990 चालान किए गए। ये आंकड़े एक जनवरी से लेकर 15 नवंबर तक के हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed