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जेल भेजा गया वर्कशॉप का मालिक, तीन शवों के हुए पोस्टमार्टम
Updated Wed, 21 Nov 2018 06:51 AM IST
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बीडनपुरा हादसा : वर्कशॉप मालिक को भेजा जेल
तीन शवों का हुआ पोस्टमार्टम, भगन राय का परिवार नहीं पहुंचा दिल्ली
आरोपी अजय खुराना का दावा, वह अकेला है वर्कशॉप का मालिक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। करोलबाग के बीडनपुरा में हुए हादसे के मामले में अवैध वर्कशॉप के मालिक अजय खुराना को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल में आरती, आशा और रामनरेश के शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए हैं। परिवार के दिल्ली न आने की वजह से भगन राय के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। बुधवार को परिवार के आने के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्कशॉप के मालिक अजय खुराना ने दावा किया है कि अकेला वह ही वर्कशॉप का मालिक है। जबकि सोमवार को हादसे के बाद जब पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि पश्चिम विहार निवासी अजय व उसका भाई मोनू वर्कशॉप के मालिक हैं। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर अजय से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके भाई मोनू का वर्कशॉप से कोई लेना-देना नहीं है। वह तो बस वहां वर्कशॉप की देखरेख के लिए आता था। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। पुलिस ने मंगलवार को हादसे के चश्मदीद और घायल कर्मचारी अजीत का बयान लिया। बयान में उसने केमिकल में अचानक आग लगने को ही हादसे का कारण बताया है।
गौरतलब है कि करोलबाग के बीडनपुरा इलाके में सोमवार दोपहर कोट-पैंट प्रेस करने की अवैध वर्कशॉप में आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने वर्कशॉप के मालिक अजय खुराना को गिरफ्तार किया था।
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आशा और आरती का परिवार नहीं कर पाए अंगदान.
आशा की बेटी लिपिका का रोते-रोते बुरा हाल है। यही हाल आरती के पिता इंद्रपाल का भी है। आरएमएल अस्पताल की मोर्चरी के बाहर मृतकों के परिजन इकट्ठा थे। आशा की बेटी लिपिका और आरती के पिता इंद्रपाल ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि वह आशा व आरती के शरीर के अंगों को दान कर सकें। इसके लिए उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत भी की, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि दोनों के शव बुरी तरह झुलसने की वजह से उनके अंगदान संभव नहीं है। ऐसे में परिवारों की इच्छा अधूरी ही रह गई।
क्राइम टीम व एफएसएल ने दोबारा की घटनास्थल की जांच
एक बार फिर क्राइम टीम व एफएसएल की टीम ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा कर वहां से कुछ और साक्ष्य जुटाए। छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग से बचने के लिए वर्कशॉप में किसी भी तरह के उपाय नहीं किए गए थे। इमारत का एक खाका बनाकर छानबीन की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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तीन शवों का हुआ पोस्टमार्टम, भगन राय का परिवार नहीं पहुंचा दिल्ली
आरोपी अजय खुराना का दावा, वह अकेला है वर्कशॉप का मालिक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। करोलबाग के बीडनपुरा में हुए हादसे के मामले में अवैध वर्कशॉप के मालिक अजय खुराना को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल में आरती, आशा और रामनरेश के शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए हैं। परिवार के दिल्ली न आने की वजह से भगन राय के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। बुधवार को परिवार के आने के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्कशॉप के मालिक अजय खुराना ने दावा किया है कि अकेला वह ही वर्कशॉप का मालिक है। जबकि सोमवार को हादसे के बाद जब पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि पश्चिम विहार निवासी अजय व उसका भाई मोनू वर्कशॉप के मालिक हैं। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर अजय से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके भाई मोनू का वर्कशॉप से कोई लेना-देना नहीं है। वह तो बस वहां वर्कशॉप की देखरेख के लिए आता था। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। पुलिस ने मंगलवार को हादसे के चश्मदीद और घायल कर्मचारी अजीत का बयान लिया। बयान में उसने केमिकल में अचानक आग लगने को ही हादसे का कारण बताया है।
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गौरतलब है कि करोलबाग के बीडनपुरा इलाके में सोमवार दोपहर कोट-पैंट प्रेस करने की अवैध वर्कशॉप में आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने वर्कशॉप के मालिक अजय खुराना को गिरफ्तार किया था।
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आशा और आरती का परिवार नहीं कर पाए अंगदान.
आशा की बेटी लिपिका का रोते-रोते बुरा हाल है। यही हाल आरती के पिता इंद्रपाल का भी है। आरएमएल अस्पताल की मोर्चरी के बाहर मृतकों के परिजन इकट्ठा थे। आशा की बेटी लिपिका और आरती के पिता इंद्रपाल ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि वह आशा व आरती के शरीर के अंगों को दान कर सकें। इसके लिए उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत भी की, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि दोनों के शव बुरी तरह झुलसने की वजह से उनके अंगदान संभव नहीं है। ऐसे में परिवारों की इच्छा अधूरी ही रह गई।
क्राइम टीम व एफएसएल ने दोबारा की घटनास्थल की जांच
एक बार फिर क्राइम टीम व एफएसएल की टीम ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा कर वहां से कुछ और साक्ष्य जुटाए। छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग से बचने के लिए वर्कशॉप में किसी भी तरह के उपाय नहीं किए गए थे। इमारत का एक खाका बनाकर छानबीन की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।