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डॉक्टर के नाबालिग कम्पाउंडर से दोस्त के साथ मिलकर रची थी साजिश
Updated Tue, 20 Nov 2018 06:43 AM IST
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नाबालिग कंपाउंडर ने रची थी साजिश
जहांगीरपुरी में डॉक्टर इकबाल मुकीम की हत्या और लूटपाट का मामला
- पुलिस ने कंपाउंडर समेत नौ आरोपी पकड़े, लूट का सामान रखने में एक आरोपी के माता-पिता भी धरे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जहांगीरपुरी इलाके में डॉक्टर इकबाल मुकीम कासिम की हत्या और घर में लूटपाट की साजिश उनके नाबालिग कंपाउंडर ने रची थी। एक साल से उनके पास काम करने वाले कंपाउंडर ने दोस्त के साथ मिलकर वारदात की। पुलिस ने कंपाउंडर समेत 9 लोगों को पकड़ा है। इनमें एक आरोपी के माता-पिता और लूट का सामान खरीदने वाले भी शामिल हैं। इनसे 5.50 लाख रुपये और लूटे गये जेवरों में से करीब 70 फीसदी बरामद हो गए हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त असलम खान ने बताया कि नाबालिग ने डॉक्टर इकबाल की बेटी की शादी की वजह से घर में नकदी और जेवरात होने की जानकारी अपने दोस्त जहांगीरपुरी निवासी मोहम्मद अम्मार को दी। दोनों ने लूटपाट की योजना बनाई। अम्मार ने वारदात के लिए जहांगीरपुरी निवासी रिजवान उर्फ नस्टी, भलस्वा निवासी रिजवान उर्फ रिज्जू और भलस्वा निवासी विशाल रावत उर्फ बंटी को राजी किया। 12 नवंबर की सुबह डॉक्टर की बेटी के स्कूल जाने के बाद चारों डॉक्टर के घर के बाहर पहुंचे। नाबालिग किसी बहाने से क्लीनिक से चला गया। तीन बदमाश घर में घुसे, जबकि मोहम्मद अम्मार बाहर रुका। लूटपाट के दौरान डॉक्टर ने विरोध किया तो तीनों आरोपियों ने गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपियों ने लूट की रकम और जेवर आपस में बांट लिए। आरोपियों ने मामला शांत होने के बाद कश्मीर और शिमला घूमने की योजना बनाई थी।
पूछताछ में पता चला कि विशाल रावत ने माता-पिता को लूट की रकम और जेवर सौंपे और झारखंड में रहने वाले मामा के घर चला गया। इधर पुलिस को जांच के दौरान कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले। विशाल की पहचान कर उसे तकनीकी जांच के आधार पर जामताड़ा से गिरफ्तार किया गया। उसे दिल्ली लाकर रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई तो अन्य आरोपियों की पहचान हुई। पुलिस ने एक-एक कर सभी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विशाल के माता-पिता संध्या रावत और राजू रावत को लूट का सामान रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से लूट का सामान खरीदने के आरोप में पुलिस ने जहांगीरपुरी निवासी रियासत और भलस्वा डेयरी निवासी अफरोज को गिरफ्तार किया।
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जहांगीरपुरी में डॉक्टर इकबाल मुकीम की हत्या और लूटपाट का मामला
- पुलिस ने कंपाउंडर समेत नौ आरोपी पकड़े, लूट का सामान रखने में एक आरोपी के माता-पिता भी धरे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जहांगीरपुरी इलाके में डॉक्टर इकबाल मुकीम कासिम की हत्या और घर में लूटपाट की साजिश उनके नाबालिग कंपाउंडर ने रची थी। एक साल से उनके पास काम करने वाले कंपाउंडर ने दोस्त के साथ मिलकर वारदात की। पुलिस ने कंपाउंडर समेत 9 लोगों को पकड़ा है। इनमें एक आरोपी के माता-पिता और लूट का सामान खरीदने वाले भी शामिल हैं। इनसे 5.50 लाख रुपये और लूटे गये जेवरों में से करीब 70 फीसदी बरामद हो गए हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त असलम खान ने बताया कि नाबालिग ने डॉक्टर इकबाल की बेटी की शादी की वजह से घर में नकदी और जेवरात होने की जानकारी अपने दोस्त जहांगीरपुरी निवासी मोहम्मद अम्मार को दी। दोनों ने लूटपाट की योजना बनाई। अम्मार ने वारदात के लिए जहांगीरपुरी निवासी रिजवान उर्फ नस्टी, भलस्वा निवासी रिजवान उर्फ रिज्जू और भलस्वा निवासी विशाल रावत उर्फ बंटी को राजी किया। 12 नवंबर की सुबह डॉक्टर की बेटी के स्कूल जाने के बाद चारों डॉक्टर के घर के बाहर पहुंचे। नाबालिग किसी बहाने से क्लीनिक से चला गया। तीन बदमाश घर में घुसे, जबकि मोहम्मद अम्मार बाहर रुका। लूटपाट के दौरान डॉक्टर ने विरोध किया तो तीनों आरोपियों ने गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपियों ने लूट की रकम और जेवर आपस में बांट लिए। आरोपियों ने मामला शांत होने के बाद कश्मीर और शिमला घूमने की योजना बनाई थी।
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पूछताछ में पता चला कि विशाल रावत ने माता-पिता को लूट की रकम और जेवर सौंपे और झारखंड में रहने वाले मामा के घर चला गया। इधर पुलिस को जांच के दौरान कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले। विशाल की पहचान कर उसे तकनीकी जांच के आधार पर जामताड़ा से गिरफ्तार किया गया। उसे दिल्ली लाकर रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई तो अन्य आरोपियों की पहचान हुई। पुलिस ने एक-एक कर सभी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विशाल के माता-पिता संध्या रावत और राजू रावत को लूट का सामान रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से लूट का सामान खरीदने के आरोप में पुलिस ने जहांगीरपुरी निवासी रियासत और भलस्वा डेयरी निवासी अफरोज को गिरफ्तार किया।
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