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आर्मी ऑफिसर बनकर ओएलएक्स केजरिए करता था ठगी छात्र
Updated Sat, 03 Nov 2018 04:56 AM IST
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आर्मी ऑफिसर बनकर ओएलएक्स पर करता था ठगी
- एयरपोर्ट पुलिस ने एमए कर रहे छात्र को दबोचा
- महंगे फोन बेचने के नाम पर साथियों के साथ करता था ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डोमेस्टिक एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ठगी करने वाले एमए कर रहे छात्र को दबोचा है। आरोपी अपने साथियों के साथ आर्मी ऑफिसर बनकर ठगी करता था। वह महंगे मोबाइल फोन बेचने के नाम पर पेटीएम के जरिए मोटी रकम अपने एकाउंट में ट्रांसफर करवा लेता था और उसके बाद गायब हो जाता था। डोमेस्टिक एयरपोर्ट थाना पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी छात्र अभी तक कितने लोगों के साथ ठगी कर चुका है। इसके बैंक खाते में एक लाख से ज्यादा रुपये पाए गए हैं।
एयरपोर्ट डीसीपी संजय भाटिया ने बताया कि पीतमपुरा निवासी आकाश पाल ने सात अक्तूबर को डोमेस्टिक एयरपोर्ट थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आकाश पाल ने अपनी शिकायत में कहा था कि अज्ञात लोगों ने खुद को आर्मी ऑफिसर बताया और ओएलएक्स के जरिए उससे संपर्क किया। आरोपी लोगों ने उसे एप्पल-आई फोन 7 प्लस सस्ते दामों पर बेचने की बात कही। आरोपियों ने पेटीएम से अपने खाते में 35 हजार रुपये में एडवांस में जमा कर लिए और फोन लेने डोमेस्टिक एयरपोर्ट बुलाया। जब वह एयरपोर्ट पहुंचा तो उसे कोई नहीं मिला। आरोपियों का मोबाइल भी बंद हो गया था। डोमेस्टिक एयरपोर्ट थानाध्यक्ष नरपाल सिंह व एसआई संदीप मलिक की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस ने आरोपियों के ई-बैलेट खाते की डिटेल खंगाली। इस जांच के बाद पुलिस मोहम्मद राकिब तक पहुंची। इसके बाद एयरपोर्ट पुलिस ने गांव तोडा, डीग भरतपुर राजस्थान निवासी मो. राकिब को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी केवाईसी समेत पेटीएम बैलेट असम, उड़ीसा व अन्य राज्यों से खरीदते थे। इसके बाद महंगे मोबाइल फोन की डिटेल ओएलएक्स पर डाल देते थे और बहुत ही सस्ते दामों में देने की बात कहते थे। जब कोई इनसे संपर्क करता था तो मो. राकिब व उसके साथी खुद को आर्मी ऑफिसर बताते थे। इससे पीड़ित को विश्वास हो जाता था। ये मोबाइल देने से पहले एडवांस में ऑनलाइन पैसे जमा करा लेते थे और इसके बाद गायब हो जाते थे।
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डीग में स्थित यूनिवर्सिटी से एमए कर रहा है
मो. राकिब (29) डीग भरतपुर स्थित एडि चंदर सरकारी यूनिवर्सिटी से एमए कर रहा है। इसके पीएनबी बैंक खाते को सीज कर दिया है। खाते में एक लाख आठ हजार रुपये हैं। इसके अलावा अन्य सामान बरामद किया गया है।
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- एयरपोर्ट पुलिस ने एमए कर रहे छात्र को दबोचा
- महंगे फोन बेचने के नाम पर साथियों के साथ करता था ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डोमेस्टिक एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ठगी करने वाले एमए कर रहे छात्र को दबोचा है। आरोपी अपने साथियों के साथ आर्मी ऑफिसर बनकर ठगी करता था। वह महंगे मोबाइल फोन बेचने के नाम पर पेटीएम के जरिए मोटी रकम अपने एकाउंट में ट्रांसफर करवा लेता था और उसके बाद गायब हो जाता था। डोमेस्टिक एयरपोर्ट थाना पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी छात्र अभी तक कितने लोगों के साथ ठगी कर चुका है। इसके बैंक खाते में एक लाख से ज्यादा रुपये पाए गए हैं।
एयरपोर्ट डीसीपी संजय भाटिया ने बताया कि पीतमपुरा निवासी आकाश पाल ने सात अक्तूबर को डोमेस्टिक एयरपोर्ट थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आकाश पाल ने अपनी शिकायत में कहा था कि अज्ञात लोगों ने खुद को आर्मी ऑफिसर बताया और ओएलएक्स के जरिए उससे संपर्क किया। आरोपी लोगों ने उसे एप्पल-आई फोन 7 प्लस सस्ते दामों पर बेचने की बात कही। आरोपियों ने पेटीएम से अपने खाते में 35 हजार रुपये में एडवांस में जमा कर लिए और फोन लेने डोमेस्टिक एयरपोर्ट बुलाया। जब वह एयरपोर्ट पहुंचा तो उसे कोई नहीं मिला। आरोपियों का मोबाइल भी बंद हो गया था। डोमेस्टिक एयरपोर्ट थानाध्यक्ष नरपाल सिंह व एसआई संदीप मलिक की टीम ने जांच शुरू की।
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पुलिस ने आरोपियों के ई-बैलेट खाते की डिटेल खंगाली। इस जांच के बाद पुलिस मोहम्मद राकिब तक पहुंची। इसके बाद एयरपोर्ट पुलिस ने गांव तोडा, डीग भरतपुर राजस्थान निवासी मो. राकिब को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी केवाईसी समेत पेटीएम बैलेट असम, उड़ीसा व अन्य राज्यों से खरीदते थे। इसके बाद महंगे मोबाइल फोन की डिटेल ओएलएक्स पर डाल देते थे और बहुत ही सस्ते दामों में देने की बात कहते थे। जब कोई इनसे संपर्क करता था तो मो. राकिब व उसके साथी खुद को आर्मी ऑफिसर बताते थे। इससे पीड़ित को विश्वास हो जाता था। ये मोबाइल देने से पहले एडवांस में ऑनलाइन पैसे जमा करा लेते थे और इसके बाद गायब हो जाते थे।
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डीग में स्थित यूनिवर्सिटी से एमए कर रहा है
मो. राकिब (29) डीग भरतपुर स्थित एडि चंदर सरकारी यूनिवर्सिटी से एमए कर रहा है। इसके पीएनबी बैंक खाते को सीज कर दिया है। खाते में एक लाख आठ हजार रुपये हैं। इसके अलावा अन्य सामान बरामद किया गया है।