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सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो गिरफ्तार
Updated Thu, 01 Nov 2018 03:36 AM IST
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कृषि मंत्रालय की फर्जी बेवसाइट बनाकर ठगी करने में दो गिरफ्तार
- आरोपियों ने साइट पर कृषि विभाग में निकाली फर्जी नियुक्तियां
- नकदी, डिमांड ड्राफ्ट के जरिए की सैकड़ों बरोजगारों से ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कृषि मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो आरोपियों को दबोचा है। इनके कब्जे से 17 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, पांच लैपटॉप, 50 स्टंप, 14 पेन कार्ड, हार्ड डिस्क और फर्जी कागजात बरामद किए गए हैं।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डा. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि साइबर सेल को सूचना मिली थी कि पंडित दीनदयाल एग्रीकल्चर डेवलपमेंट रिसर्च कांउसिल के नाम पर साइट बनाकर त्रिनगर में बेरोजगारों से वसूली की जा रही है। पुलिस ने छापा मारा तो पाया कि आरोपियों ने पंडितदीनदयालकृषिविकास. कॉम नाम से फर्जी वेबसाइट बना रखी है। साइट पर नौकरियों के लिए विज्ञापन डाले गए हैं। अपराध शाखा ने कृषि मंत्रालय से पता किया तो वह फर्जी निकली। इंस्पेक्टर विजय सानवाल व संदीप मल्होत्रा की टीम ने वेबसाइट में दिए गए पते पर दबिश देकर दो आरोपी राजस्थान निवासी खुशी मोहम्मद उर्फ अमित यादव (25) और कल्याणपुरी, दिल्ली निवासी अर्जुन सिंह (36) को गिरफ्तार कर लिया।
यह हुआ खुलासा
12वीं कक्षा पास खुशी मोहम्मद ने बताया कि पहले पंडित दीनदयाल कृषि विकास अनुसंधान संस्था के नाम से एनजीओ खोला और उसे फर्जी कागजात बनाए। अर्जुन को एनजीओ का अध्यक्ष बना दिया। फिर फर्जी कागजात पर शाहदरा की यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खुलवा लिए। इसके बाद इंटरनेट से पंडित दीनदयाल एग्रीकल्चर रिसर्च काउंसिल के बारे में सूचना एकत्रित कर मंत्रालय की ओर से विभिन्न पदों की फर्जी रिक्तियां वेबसाइट पर डाल दी और आवेदन मंगाए। बेरोजगारों से फीस के नाम पर 400, 300 और 200 के कैश व डिमांड ड्राफ्ट लिए गए। खुशी ने शाहदरा में किराए पर एक मकान लिया और फोन रिसीव करने के लिए ऑपरेटर रख लिया।
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पहले भी मामले दर्ज हैं-
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार खुशी मोहम्मद के खिलाफ पहले भी ठगी आदि के चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। सीबीआई ने उसे वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया था। अर्जुन के खिलाफ एक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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- आरोपियों ने साइट पर कृषि विभाग में निकाली फर्जी नियुक्तियां
- नकदी, डिमांड ड्राफ्ट के जरिए की सैकड़ों बरोजगारों से ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कृषि मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो आरोपियों को दबोचा है। इनके कब्जे से 17 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, पांच लैपटॉप, 50 स्टंप, 14 पेन कार्ड, हार्ड डिस्क और फर्जी कागजात बरामद किए गए हैं।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डा. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि साइबर सेल को सूचना मिली थी कि पंडित दीनदयाल एग्रीकल्चर डेवलपमेंट रिसर्च कांउसिल के नाम पर साइट बनाकर त्रिनगर में बेरोजगारों से वसूली की जा रही है। पुलिस ने छापा मारा तो पाया कि आरोपियों ने पंडितदीनदयालकृषिविकास. कॉम नाम से फर्जी वेबसाइट बना रखी है। साइट पर नौकरियों के लिए विज्ञापन डाले गए हैं। अपराध शाखा ने कृषि मंत्रालय से पता किया तो वह फर्जी निकली। इंस्पेक्टर विजय सानवाल व संदीप मल्होत्रा की टीम ने वेबसाइट में दिए गए पते पर दबिश देकर दो आरोपी राजस्थान निवासी खुशी मोहम्मद उर्फ अमित यादव (25) और कल्याणपुरी, दिल्ली निवासी अर्जुन सिंह (36) को गिरफ्तार कर लिया।
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यह हुआ खुलासा
12वीं कक्षा पास खुशी मोहम्मद ने बताया कि पहले पंडित दीनदयाल कृषि विकास अनुसंधान संस्था के नाम से एनजीओ खोला और उसे फर्जी कागजात बनाए। अर्जुन को एनजीओ का अध्यक्ष बना दिया। फिर फर्जी कागजात पर शाहदरा की यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खुलवा लिए। इसके बाद इंटरनेट से पंडित दीनदयाल एग्रीकल्चर रिसर्च काउंसिल के बारे में सूचना एकत्रित कर मंत्रालय की ओर से विभिन्न पदों की फर्जी रिक्तियां वेबसाइट पर डाल दी और आवेदन मंगाए। बेरोजगारों से फीस के नाम पर 400, 300 और 200 के कैश व डिमांड ड्राफ्ट लिए गए। खुशी ने शाहदरा में किराए पर एक मकान लिया और फोन रिसीव करने के लिए ऑपरेटर रख लिया।
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पहले भी मामले दर्ज हैं-
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार खुशी मोहम्मद के खिलाफ पहले भी ठगी आदि के चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। सीबीआई ने उसे वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया था। अर्जुन के खिलाफ एक आपराधिक मामले दर्ज हैं।