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27 बच्चों को बेचने से बचाया
Updated Thu, 04 Oct 2018 03:12 AM IST
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27 बच्चों को कराया मुक्त
नई दिल्ली। बचपन बचाओ आंदोलन के तहत 27 बच्चों को मुक्त कराया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन शकूरपुर में नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) और दिल्ली पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की मदद से चलाया गया। जांच अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार इनमें 15 नाबालिग शामिल हैं। अधिकांश असम, झारखंड, बंगाल और ओडिशा के रहने वाले हैं। इनमें से एक लड़की 7 लाख रुपये में बेची जा चुकी थी।
इस मामले में अजय कुमार, उसकी पत्नी सोनी देवी और रीता कुमारी मुख्य आरोपी हैं। तीनों मिलकर दूसरे राज्यों से बच्चे खासतौर पर लड़कियों की तस्करी करते थे। इन तीनों को पुलिस ने गिरफ्त में ले लिया है। बचपन बचाओ आंदोलन के मैनेजर मनीष शर्मा ने एनसीपसीआर में यह शिकारत दो अक्टूबर को की थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 अक्तूबर को सूचना मिली थी कि दो लड़कियों को बेचा जा रहा है। इस सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस ने टीम गठित की। बच्चों को छुड़ाने के बाद उनके आधार कार्ड की जांच भी की गई।
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नई दिल्ली। बचपन बचाओ आंदोलन के तहत 27 बच्चों को मुक्त कराया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन शकूरपुर में नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) और दिल्ली पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की मदद से चलाया गया। जांच अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार इनमें 15 नाबालिग शामिल हैं। अधिकांश असम, झारखंड, बंगाल और ओडिशा के रहने वाले हैं। इनमें से एक लड़की 7 लाख रुपये में बेची जा चुकी थी।
इस मामले में अजय कुमार, उसकी पत्नी सोनी देवी और रीता कुमारी मुख्य आरोपी हैं। तीनों मिलकर दूसरे राज्यों से बच्चे खासतौर पर लड़कियों की तस्करी करते थे। इन तीनों को पुलिस ने गिरफ्त में ले लिया है। बचपन बचाओ आंदोलन के मैनेजर मनीष शर्मा ने एनसीपसीआर में यह शिकारत दो अक्टूबर को की थी।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 अक्तूबर को सूचना मिली थी कि दो लड़कियों को बेचा जा रहा है। इस सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस ने टीम गठित की। बच्चों को छुड़ाने के बाद उनके आधार कार्ड की जांच भी की गई।
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