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धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्र्ज न करने से न्याय पर कुठाराघात-हाईकोर्ट
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:00 PM IST
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धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज नही करना न्याय पर कुठाराघात : हाईकोर्ट
-निवेश के नाम पर रियल स्टेट कंपनी ने की थी धोखाधड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली में मॉल बनाने की परियोजना में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की खिंचाई की है। इस मामले में न्यायालय ने पुलिस को आरोपी रियल स्टेट कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने कहा कि कपंनी की ओर से की गई धोखाधड़ी के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में तत्परता नहीं दिखाई। यह कदम याचिकाकर्ताओं के प्रति न्याय पर कुठाराघात है। लिहाजा पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज करे। कोर्ट ने कहा कि आरोपी (टुडे होम्स एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, उसके सीएमडी वी के गंभीर और निदेशक अरुण नैयर) बिल्डर काफी पैसे वाले हैं और इनपर तंत्र को प्रभावित करने की क्षमता की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि वह मामले की जांच सीबीआई को स्थानांतरित करने की इच्छुक है, लेकिन उसे पुलिस से उम्मीद है कि वह खुद को साबित करने का प्रयास करेगी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील रवि गुप्ता और धनेश पेश
कोर्ट ने कंपनी और उसके दो अधिकारियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि खुद को ठगे जाने का दावा करने वाले शिकायतकर्ता अगर पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हुए तो वे इस मामले की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाने के लिए भी याचिका दायर कर सकते हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायतकर्ताओं की याचिकाएं खारिज करने के मजिस्ट्रेटी और सत्र अदालत के आदेश को भी रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की शिकायतों पर मामला दर्ज न करने के निर्देश से न्याय पर कुठाराघात हुआ है।
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-निवेश के नाम पर रियल स्टेट कंपनी ने की थी धोखाधड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली में मॉल बनाने की परियोजना में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की खिंचाई की है। इस मामले में न्यायालय ने पुलिस को आरोपी रियल स्टेट कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने कहा कि कपंनी की ओर से की गई धोखाधड़ी के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में तत्परता नहीं दिखाई। यह कदम याचिकाकर्ताओं के प्रति न्याय पर कुठाराघात है। लिहाजा पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज करे। कोर्ट ने कहा कि आरोपी (टुडे होम्स एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, उसके सीएमडी वी के गंभीर और निदेशक अरुण नैयर) बिल्डर काफी पैसे वाले हैं और इनपर तंत्र को प्रभावित करने की क्षमता की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि वह मामले की जांच सीबीआई को स्थानांतरित करने की इच्छुक है, लेकिन उसे पुलिस से उम्मीद है कि वह खुद को साबित करने का प्रयास करेगी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील रवि गुप्ता और धनेश पेश
कोर्ट ने कंपनी और उसके दो अधिकारियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि खुद को ठगे जाने का दावा करने वाले शिकायतकर्ता अगर पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हुए तो वे इस मामले की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाने के लिए भी याचिका दायर कर सकते हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायतकर्ताओं की याचिकाएं खारिज करने के मजिस्ट्रेटी और सत्र अदालत के आदेश को भी रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की शिकायतों पर मामला दर्ज न करने के निर्देश से न्याय पर कुठाराघात हुआ है।
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