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छ्रा की हत्या में सीनियर को उम्रकैद
Updated Thu, 23 Aug 2018 10:12 PM IST
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छात्रा की हत्या के दोषी सीनियर को उम्रकैद
बेहद जुनूनी था दोषी, इनकार करने पर कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। 12वीं कक्षा की छात्रा श्रेया शर्मा की हत्या के मामले में उसके स्कूल के पूर्व सीनियर को दोषी ठहराते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी सार्थक कपूर ने 16 अगस्त, 2017 को उसकी हत्या की थी। वह श्रेया को लेकर बेहद जुनूनी था, लेकिन उसके इनकार करने पर हत्या कर दी थी।
रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार बंसल ने सार्थक कपूर (20) को श्रेया की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी के खिलाफ अन्य साक्ष्यों के साथ-साथ उसकी मृतका के साथ इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत को भरोसेमंद मानते हुए फैसला सुनाया है।
अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कहा कि अभियोजन अपराध से जुड़ी सभी कड़ियों और परिस्थितियों को आपस में जोड़ने में कामयाब रहा है। अभियोजन ने ऐसे कई साक्ष्य पेश किए, जिनसे आरोपी का दोष साबित होता है। पुलिस ने मृतका का आखिरी बार आरोपी के साथ घटना वाली जगह के नजदीक देखा जाना, मृतका का बैग, चप्पलें, मोबाइल, आईडी कार्ड की बरामदगी, मृतक द्वारा लिखी गई कविता व अन्य साक्ष्यों से आरोपी का दोष साबित होता है।
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पुलिस के मुताबिक, तितिक्षा पब्लिक स्कूल में 12वीं की छात्रा श्रेया 16 अगस्त, 2017 को ट्यूशन जाने के लिए शाम पांच बजे निकली थी, लेकिन वह रात आठ बजे तक नहीं लौटी तो घर वालों को चिंता हुई। अगले दिन उसका शव घर के पास मिला।
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बेहद जुनूनी था दोषी, इनकार करने पर कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। 12वीं कक्षा की छात्रा श्रेया शर्मा की हत्या के मामले में उसके स्कूल के पूर्व सीनियर को दोषी ठहराते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी सार्थक कपूर ने 16 अगस्त, 2017 को उसकी हत्या की थी। वह श्रेया को लेकर बेहद जुनूनी था, लेकिन उसके इनकार करने पर हत्या कर दी थी।
रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार बंसल ने सार्थक कपूर (20) को श्रेया की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी के खिलाफ अन्य साक्ष्यों के साथ-साथ उसकी मृतका के साथ इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत को भरोसेमंद मानते हुए फैसला सुनाया है।
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अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कहा कि अभियोजन अपराध से जुड़ी सभी कड़ियों और परिस्थितियों को आपस में जोड़ने में कामयाब रहा है। अभियोजन ने ऐसे कई साक्ष्य पेश किए, जिनसे आरोपी का दोष साबित होता है। पुलिस ने मृतका का आखिरी बार आरोपी के साथ घटना वाली जगह के नजदीक देखा जाना, मृतका का बैग, चप्पलें, मोबाइल, आईडी कार्ड की बरामदगी, मृतक द्वारा लिखी गई कविता व अन्य साक्ष्यों से आरोपी का दोष साबित होता है।
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पुलिस के मुताबिक, तितिक्षा पब्लिक स्कूल में 12वीं की छात्रा श्रेया 16 अगस्त, 2017 को ट्यूशन जाने के लिए शाम पांच बजे निकली थी, लेकिन वह रात आठ बजे तक नहीं लौटी तो घर वालों को चिंता हुई। अगले दिन उसका शव घर के पास मिला।