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दो नर-मादा लंगूर मुक्त कराए, एक गिरफ़्तार
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:40 PM IST
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बुलंदशहर के लिए उपयोगी.....
फोटो----
दो नर-मादा लंगूर मुक्त कराए, एक गिरफ्तार
- मोटर कंपनी में बंदरों को भगाने के लिए वेतन पर रखे गए थे
- पीपल फॉर एनिमल की अध्यक्ष बोलीं, जिले में सक्रिय हैं माफिया
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। क्षेत्र में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन कर दो लंगूरों को बंधक बनाकर वेतन पर कंपनी में रखने का खुलासा हुआ है। ‘पीपल फॉर एनिमल’ संस्था की अध्यक्ष कावेरी राणा भारद्वाज और वाइस प्रेसीडेंट ने डीएफओ पीके श्रीवास्तव को सूचना देकर कासना कोतवाली क्षेत्र स्थित होंडा कंपनी से दो लंगूरों (नर-मादा) को मुक्त कराया है। मामले में एक आरोपी रईस निवासी बुलंदशहर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी भागने में कामयाब हो गया।
कावेरी राणा भारद्वाज ने बताया कि जिले में जंगल से लंगूर पकड़कर फैक्ट्री व कंपनियों में बंदर भगाने के लिए बंधक बनाकर रखने का गोरखधंधा चल रहा है। उन्हें सोमवार को सूचना मिली थी कि कासना कोतवाली क्षेत्र स्थित होंडा कंपनी में लंगूरों को इसी तरह बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना पर उन्होंने मौके पर जाकर पड़ताल की और बंधक बनाकर रखे गए लंगूरों के साथ दो लोगों को देख वन विभाग और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर डीएफओ पीके श्रीवास्तव के निर्देश वन विभाग के रेंजर शीतल पंवार मौके पर पहुंचे। तभी एक आरोपी मौके से भाग गया। टीम ने दूसरे आरोपी को पकड़कर दोनों लंगूरों को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया। आरोप है कि माफिया के इशारे पर जंगलों से नर-मादा को पकड़कर एक साथ बंधक बनाकर कंपनी में 15-20 हजार रुपये महीने पर रखा जाता है। उनके बच्चों के बड़े होने पर उन्हें भी इसी काम में लगा दिया जाता है।
- आज कोर्ट करेगा लंगूर और आरोपी का निर्णय
नर-मादा दोनों लंगूरों को आरोपियों के चंगुल से मुक्त करा दिया गया है। आरोपी पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में केस दर्ज किया गया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेश पर लंगूर व आरोपी के संबंध में आगे कार्रवाई की जाएगी। आरोपी से पूछताछ में कुछ अन्य लंगूरों के संबंध में जानकारी मिली है। उनको भी जल्द मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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- शीतल पवार, रेंजर (वन विभाग)
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दो नर-मादा लंगूर मुक्त कराए, एक गिरफ्तार
- मोटर कंपनी में बंदरों को भगाने के लिए वेतन पर रखे गए थे
- पीपल फॉर एनिमल की अध्यक्ष बोलीं, जिले में सक्रिय हैं माफिया
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। क्षेत्र में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन कर दो लंगूरों को बंधक बनाकर वेतन पर कंपनी में रखने का खुलासा हुआ है। ‘पीपल फॉर एनिमल’ संस्था की अध्यक्ष कावेरी राणा भारद्वाज और वाइस प्रेसीडेंट ने डीएफओ पीके श्रीवास्तव को सूचना देकर कासना कोतवाली क्षेत्र स्थित होंडा कंपनी से दो लंगूरों (नर-मादा) को मुक्त कराया है। मामले में एक आरोपी रईस निवासी बुलंदशहर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी भागने में कामयाब हो गया।
कावेरी राणा भारद्वाज ने बताया कि जिले में जंगल से लंगूर पकड़कर फैक्ट्री व कंपनियों में बंदर भगाने के लिए बंधक बनाकर रखने का गोरखधंधा चल रहा है। उन्हें सोमवार को सूचना मिली थी कि कासना कोतवाली क्षेत्र स्थित होंडा कंपनी में लंगूरों को इसी तरह बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना पर उन्होंने मौके पर जाकर पड़ताल की और बंधक बनाकर रखे गए लंगूरों के साथ दो लोगों को देख वन विभाग और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर डीएफओ पीके श्रीवास्तव के निर्देश वन विभाग के रेंजर शीतल पंवार मौके पर पहुंचे। तभी एक आरोपी मौके से भाग गया। टीम ने दूसरे आरोपी को पकड़कर दोनों लंगूरों को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया। आरोप है कि माफिया के इशारे पर जंगलों से नर-मादा को पकड़कर एक साथ बंधक बनाकर कंपनी में 15-20 हजार रुपये महीने पर रखा जाता है। उनके बच्चों के बड़े होने पर उन्हें भी इसी काम में लगा दिया जाता है।
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- आज कोर्ट करेगा लंगूर और आरोपी का निर्णय
नर-मादा दोनों लंगूरों को आरोपियों के चंगुल से मुक्त करा दिया गया है। आरोपी पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में केस दर्ज किया गया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेश पर लंगूर व आरोपी के संबंध में आगे कार्रवाई की जाएगी। आरोपी से पूछताछ में कुछ अन्य लंगूरों के संबंध में जानकारी मिली है। उनको भी जल्द मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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- शीतल पवार, रेंजर (वन विभाग)