{"_id":"5ccb73e8bdec220773764f58","slug":"131556837352-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी ईमेल भेज साढ़े छह हजार डॉलर की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
फर्जी ईमेल भेज साढ़े छह हजार डॉलर की ठगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
यूएसए की कंपनी का फर्जी मेल भेज पांच लाख की ठगी
असली मेल आने पर चला ठगी का पता, पांच महीने बाद दर्ज हुई शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। यूएसए की एक कंपनी का फर्जी ई मेल भारतीय डिस्ट्रीब्यूटर को भेजकर साढ़े छह हजार डॉलर यानी लगभग पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। बाद में कंपनी का ओरिजनल ई मेल आने पर ठगी का पता चला। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस से शिकायत की गई थी। लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इंकार कर दिया था। अब पांच महीने बाद वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है।
सेक्टर-10 में अपूर्वा वॉल्वस नामक एक डिस्ट्रीब्यूटर्स कंपनी है। कंपनी के मालिक राकेश शर्मा हैं। राकेश ने संयुक्त राज्य अमेरिका की एक कंपनी से इंक की डिस्ट्रीब्यूटरशिप ले रखी है। 11 दिसंबर को अपूर्वा कंपनी के पास एक ई मेल आया, जिसमें यूएसए की कंपनी की तरफ से 6,558 डॉलर आरटीजीएस करने को कहा गया। खाता नंबर भी दिया गया था। पैसे जमा करने के बाद भारतीय कंपनी ने जब ई मेल से अमेरिकी कंपनी से संपर्क किया तो किसी तरह के पैसे की बात से मना कर दिया गया। इसके बाद भारतीय कंपनी की तरफ से बैंक से संपर्क कर रुकवाने का भी प्रयास किया लेकिन तब तक पैसे जा चुके थे।
असली मेल आने पर चला ठगी का पता, पांच महीने बाद दर्ज हुई शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। यूएसए की एक कंपनी का फर्जी ई मेल भारतीय डिस्ट्रीब्यूटर को भेजकर साढ़े छह हजार डॉलर यानी लगभग पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। बाद में कंपनी का ओरिजनल ई मेल आने पर ठगी का पता चला। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस से शिकायत की गई थी। लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इंकार कर दिया था। अब पांच महीने बाद वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है।
सेक्टर-10 में अपूर्वा वॉल्वस नामक एक डिस्ट्रीब्यूटर्स कंपनी है। कंपनी के मालिक राकेश शर्मा हैं। राकेश ने संयुक्त राज्य अमेरिका की एक कंपनी से इंक की डिस्ट्रीब्यूटरशिप ले रखी है। 11 दिसंबर को अपूर्वा कंपनी के पास एक ई मेल आया, जिसमें यूएसए की कंपनी की तरफ से 6,558 डॉलर आरटीजीएस करने को कहा गया। खाता नंबर भी दिया गया था। पैसे जमा करने के बाद भारतीय कंपनी ने जब ई मेल से अमेरिकी कंपनी से संपर्क किया तो किसी तरह के पैसे की बात से मना कर दिया गया। इसके बाद भारतीय कंपनी की तरफ से बैंक से संपर्क कर रुकवाने का भी प्रयास किया लेकिन तब तक पैसे जा चुके थे।
विज्ञापन