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एडीएम और कर्नल का विवाद

Fri, 17 Aug 2018 01:00 AM IST
Updated Fri, 17 Aug 2018 01:00 AM IST
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एडीएम और कर्नल का  विवाद
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हेडिंग: एडीएम की पत्नी से छेड़छाड़ में रि. कर्नल को बताया निर्दोष
सबहेड: पूर्व सैन्य अधिकारियों ने धाराएं खत्म कर रिहा करने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। एक एडीएम की पत्नी से छेड़छाड़ करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपी रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान के पक्ष में रिटायर्ड सैन्य अधिकारी आ गए हैं। उन्होंने पुलिस पर झूठे केस में वीरेंद्र को फंसाने का आरोप लगाया है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ न्यायिक जांच कराने व एडीएम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
सेक्टर-37 स्थित आरडब्ल्यूए कार्यालय में प्रेसवार्ता करके पूर्व सैनिक सीपी सिंह, रिटायर्ड ब्रिगेडियर एनबी सिंह, रिटायर्ड कर्नल केके बोहरा, रिटायर्ड कर्नल एसकेबी ने संयुक्त रूप से कहा कि वीरेंद्र को गलत तरीके से फंसाया गया है। एडीएम के परिवार और वीरेंद्र के बीच काफी दिन से विवाद चल रहा है। 14 अगस्त को वीरेंद्र आगरा जाने के लिए निकले थे, लेकिन कैब आने में देर हुई तो वह पार्क में आकर खडे़ हो गए। इसी दौरान एडीएम ने पत्नी और गनर के साथ पार्क में पहुंचकर वीरेंद्र से अभद्रता और मारपीट की। इसके बाद महिला ने 100 नंबर पर फोन करके छेड़छाड़ व अपहरण का झूठा आरोप लगा दिया। ऐसे में झूठे आरोप के तहत जो रिपोर्ट दर्ज कराई गई है उनकी धाराएं हटाकर वीरेंद्र को रिहा किया जाए। साथियों पर जो कार्रवाई की गई है उन्हें तुरंत बरी किया जाए। उन्होंने मांग की कि एडीएम की संपत्ति की भी जांच कराई जाए। एसएसपी से मिलकर पूरी बात रखी थी। उन्होंने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। उधर, एसएसपी ने वीरेंद्र को हथकड़ी लगाने पर सेक्टर-20 पुलिस को सख्त लहजे में हिदायत भी दी है।
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वीरेंद्र का सियाचिन ग्लेशियर के कब्जे के ऑपरेशन में महत्वपूर्ण योगदान रहा था। वह थल सेना अध्यक्ष के एडीसी भी रह चुके हैं। उनको वीरता और अन्य राष्ट्र सेवाओं के लिए 16 मेडल मिल हैं। 1965 के युद्ध में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई करना गलत है।
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- सीपी सिंह, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए अरुण विहार
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रिटायर्ड कर्नल भूतल पर रहते हैं और करीब 4 साल में उन्होंने मेरी छवि समाज में पूरी तरह धूमिल कर दी है। अक्सर अभद्र भाषा का प्रयोग करना और जाति सूचक शब्दों के साथ बात करते हुए बच्चों तक पर फब्तियां कसते रहे हैं। न्याय के लिए अगर उन्हें सर्वोच्च अदालत तक भी जाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगी।
- आरोप लगाने वाली एडीएम की पत्नी
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सेक्टर-29 में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के परिवार की महिलाएं सब कुछ बता सकती हैं। यदि वीरेंद्र का सच जानना है तो सुबह या शाम को पार्क में किसी महिला रिपोर्टर को भेज दें। पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी कि कर्नल कैसा व्यक्ति है। उसके घर में जो महिला एक बार काम कर जाती है वह दूसरे दिन दिखाई नहीं देती हैं और काम छोड़कर भाग जाती है।
- एडीएम, आरोप लगाने वाली महिला के पति
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क्या कहता है कानून
यदि किसी महिला द्वारा किसी व्यक्ति के खिलाफ छेड़छाड़, दुष्कर्म या अन्य यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया जाता है तो उसमें किसी साक्ष्य की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए पीड़ित महिला का बयान ही उपयुक्त होता है। आईपीसी की धारा 376 और 354 में पुलिस किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है।

- सुशील भाटी, अधिवक्ता
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100 नंबर पर छेड़छाड़ की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद महिलाओं ने वीरेंद्र को पकड़ रखा था। महिलाएं काफी उग्र थी और थाने आई थीं। शिकायत के आधार पर पूर्व कर्नल को गिरफ्तार किया गया था। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
- अनित कुमार सिंह, सीओ
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