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क्राइम 2
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नगीना। पहलू खान भीड़ हिंसा मामले में सबूतों के अभाव में बरी किए गए आरोपी विपिन यादव, रविंद्र यादव, कालू राम यादव, दयानंद यादव, योगेश खत्री व भीम राठी को राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर ने सोमवार को तलब किया। खंडपीठ ने बरी किए गए सभी छह आरोपियों को दस-दस हजार के जमानती वारंट से तलब करने के आदेश जारी कर दिए। मंगलवार को जयसिंहपुर गांव में लोगों ने खुशी जताई है। सुनवाई के दौरान पहलू खान केस की पैरवी कर रहे सरकारी अधिवक्ता आरपी सिंह व अलका भटनागर तथा निजी अधिवक्ता नासिर अहमद नकवी ने न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार व विजय बिश्नोई की खंडपीठ के सामने दोनों अपीलों पर अपनी दलीलें पेश की।
राजस्थान सरकार एवं पहलू खान के बेटे इरशाद ने आरोपियों को बरी करने के अलवर एडीजे कोर्ट के आदेश को जयपुर उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। अपील पर कोरोना के कारण सुनवाई नहीं हो पाई थी। पहलू खान के बेटे इरशाद ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने इस मामले में 6 बरी किए गए आरोपियों को तलब किया है। अब हमें न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता नासिर ए नकवी ने बताया कि हमारा आरोप था कि अलवर एडीजे कोर्ट ने गवाहों के बयान रिकॉर्ड पर नहीं लिये थे। आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। यह आदेश दोषपूर्ण हैं इसलिए हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई की जाए। इसी मामले में जुवेनाइल कोर्ट ने 2 नाबालिगों को दोषी मानते हुए 3-3 साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया है। जबकि एक नाबालिग का मामला पॉक्सो कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है।
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गोतस्करी के शक में1 अप्रैल 2017 को पहलू खान को पीटा, 4 अप्रैल को अस्पताल में मौत हुई थी। वहीं, दूसरी एफआईआर में पहलू और उसके परिवार के खिलाफ गोतस्करी के आरोप थे।
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राजस्थान सरकार एवं पहलू खान के बेटे इरशाद ने आरोपियों को बरी करने के अलवर एडीजे कोर्ट के आदेश को जयपुर उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। अपील पर कोरोना के कारण सुनवाई नहीं हो पाई थी। पहलू खान के बेटे इरशाद ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने इस मामले में 6 बरी किए गए आरोपियों को तलब किया है। अब हमें न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।
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पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता नासिर ए नकवी ने बताया कि हमारा आरोप था कि अलवर एडीजे कोर्ट ने गवाहों के बयान रिकॉर्ड पर नहीं लिये थे। आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। यह आदेश दोषपूर्ण हैं इसलिए हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई की जाए। इसी मामले में जुवेनाइल कोर्ट ने 2 नाबालिगों को दोषी मानते हुए 3-3 साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया है। जबकि एक नाबालिग का मामला पॉक्सो कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है।
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गोतस्करी के शक में1 अप्रैल 2017 को पहलू खान को पीटा, 4 अप्रैल को अस्पताल में मौत हुई थी। वहीं, दूसरी एफआईआर में पहलू और उसके परिवार के खिलाफ गोतस्करी के आरोप थे।