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जानलेवा हमला
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तावडू। गांव बावला में जानलेवा हमला करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सात नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
तावडू निवासी पीड़ित महिला कौसर पत्नी उमरदीन ने बताया कि कुछ महीने पहले आरोपियों ने उनकी मुर्गियों को मार दिया था, घटना के दौरान पीड़ित का पति विदेश में था, फिलहाल पीड़िता का पति विदेश से घर पर आया हुआ है। 3 अप्रैल को जब उसके पति उमरदीन ने आरोपियों को मुर्गियों के मारने की बाबत उलाहना दिया तो, आरोपियों ने उसके पति के पर लाठी-डंडे, फरसा, बंदूक आदि से हमला कर दिया। हमले में उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़िता व उसकी सास पति को बचाने मौके पर गई तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर बेरहमी से मारपीट की। गर्भवती होने के कारण पीड़िता को काफी पीड़ा झेलनी पड़ी। पीड़िता ने बताया गंभीर हालत में पति उमरदीन को प्राथमिक उपचार के लिए नूंह सीएचसी ले जाया गया, जहां सीएचसी से उन्हें शहीद हसन खा मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ नूंह रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया।
पीड़ित महिला का आरोप है कि उसकी सास ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। वहीं पुलिस आरोपियों के साथ मिली हुई है और कोई कार्यवाही नहीं की। पीड़ित महिला ने पुलिस की कार्यशैली व घटना से परेशान होकर कोर्ट में एक इस्तगासा दायर की, जिसके बाद पुलिस ने घटना के चार महीने बाद सात नामजद आरोपी गांव बावला निवासी इस्लाम, अरशद, तारीफ, साहिल, जाहूल, जावेद व सोहेब के खिलाफ जानलेवा हमला करने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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तावडू निवासी पीड़ित महिला कौसर पत्नी उमरदीन ने बताया कि कुछ महीने पहले आरोपियों ने उनकी मुर्गियों को मार दिया था, घटना के दौरान पीड़ित का पति विदेश में था, फिलहाल पीड़िता का पति विदेश से घर पर आया हुआ है। 3 अप्रैल को जब उसके पति उमरदीन ने आरोपियों को मुर्गियों के मारने की बाबत उलाहना दिया तो, आरोपियों ने उसके पति के पर लाठी-डंडे, फरसा, बंदूक आदि से हमला कर दिया। हमले में उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़िता व उसकी सास पति को बचाने मौके पर गई तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर बेरहमी से मारपीट की। गर्भवती होने के कारण पीड़िता को काफी पीड़ा झेलनी पड़ी। पीड़िता ने बताया गंभीर हालत में पति उमरदीन को प्राथमिक उपचार के लिए नूंह सीएचसी ले जाया गया, जहां सीएचसी से उन्हें शहीद हसन खा मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ नूंह रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया।
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पीड़ित महिला का आरोप है कि उसकी सास ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। वहीं पुलिस आरोपियों के साथ मिली हुई है और कोई कार्यवाही नहीं की। पीड़ित महिला ने पुलिस की कार्यशैली व घटना से परेशान होकर कोर्ट में एक इस्तगासा दायर की, जिसके बाद पुलिस ने घटना के चार महीने बाद सात नामजद आरोपी गांव बावला निवासी इस्लाम, अरशद, तारीफ, साहिल, जाहूल, जावेद व सोहेब के खिलाफ जानलेवा हमला करने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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