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-मां-बाप और अपने नाम से पत्रकार वेलफेयर समिति बनाकर हडपे 9 लाख रूपये
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पुन्हाना। मुख्यमंत्री मनोहर लाल कोष से पत्रकार वेलफेयर समिति पुन्हाना को दिए करीब 9 लाख रुपये में फर्जीवाड़ा सामने आया है। करीब दो साल पहले जिले के पत्रकारों ने मामले की जांच नूंह के सीटीएम को एक पत्रकार द्वारा अपने परिजनों के नाम पर ही समिति बना रुपये हड़पने की शिकायत दी थी। जिसकी जांच पुन्हाना की तत्कालीन एसडीएम वैशाली शर्मा ने 2020 में की थी। एसडीएम की जांच में सरकारी रकम फर्जीवाड़ा पाया गया था। एसडीएम की जांच पर सोमवार को उपायुक्त ने अपनी सहमति जताते हुए पत्रकार और अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
पत्रकार कृष्ण आर्य ने बताया कि पुन्हाना के पत्रकार मनीष आहूजा ने अपनी मां, पिता, भाई, चाचा के लड़के के अलावा एक अन्य पत्रकार योगेश कुमार के नाम से फर्जी पत्रकार वेलफेयर समिति बनाई है। समिति के गठन में व्यवसाय की जगह मनीष और योगेश को पत्रकार व अन्य को सोशल वर्कर दिखाया है। इनका पत्रकारिता से कोई लेना देना नहीं है। इसके बावजूद भी पत्रकार वेलफेयर समिति के नाम पर सरकार से 9 लाख रुपये की राशि मंजूर कराई थी, जिसमे पांच लाख रुपये मार्च 2018 मेें मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा समिति के कम्प्यूटर, लैपटॉप, कमरों की मरम्मत, फर्नीचर, कैमरों आदि के लिए दिए थे। इसके अलावा मुख्यमंत्री कोष से ही जनवरी 2019 को इसी फर्नीचर, वीडियो, कैमरा, कैमरा स्टैंड, लाइटिंग खरीदने के लिए चार लाख रुपये जारी किये थे।
जिले के पत्रकारों को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने मामले की जांच कराने के लिए 2019 में सीटीएम नूंह को शिकायत दी थी। जिसकी जांच पुन्हाना की तत्कालीन एसडीएम वैशाली शर्मा ने मौके पर जाकर की थी। जहां उन्होंने सरकार द्वारा दिए गए पैसों में फर्जीवाड़ा होना पाया। मौके पर न तो कोई कार्यालय था और न ही सरकार द्वारा दी गई राशि से खरीदा गया सामान। ।
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क्या कहते हैं डीसी
नूंह के डीसी शक्ति सिंह ने बताया कि पत्रकारों की शिकायत पर पुन्हाना की एसडीएम व अन्य सूत्रों से इसकी जांच कराई गई थी। जिसमें पाया गया कि सरकार द्वारा दिये गए 9 लाख रुपये के इस्तेमाल में भारी अनियमितनाऐं बरती गई हैं। समिति के सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को लिख दिया गया है।
क्या कहते हैं डीएसपी
पुन्हाना के डीएसपी शमशेर सिंह का कहना है कि अभी तक डीसी की ओर से रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी।
फोटो फाईल-दो साल पहले नूंह के सीटीएम को षिकायत सौंपते जिले के पत्रकार
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पत्रकार कृष्ण आर्य ने बताया कि पुन्हाना के पत्रकार मनीष आहूजा ने अपनी मां, पिता, भाई, चाचा के लड़के के अलावा एक अन्य पत्रकार योगेश कुमार के नाम से फर्जी पत्रकार वेलफेयर समिति बनाई है। समिति के गठन में व्यवसाय की जगह मनीष और योगेश को पत्रकार व अन्य को सोशल वर्कर दिखाया है। इनका पत्रकारिता से कोई लेना देना नहीं है। इसके बावजूद भी पत्रकार वेलफेयर समिति के नाम पर सरकार से 9 लाख रुपये की राशि मंजूर कराई थी, जिसमे पांच लाख रुपये मार्च 2018 मेें मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा समिति के कम्प्यूटर, लैपटॉप, कमरों की मरम्मत, फर्नीचर, कैमरों आदि के लिए दिए थे। इसके अलावा मुख्यमंत्री कोष से ही जनवरी 2019 को इसी फर्नीचर, वीडियो, कैमरा, कैमरा स्टैंड, लाइटिंग खरीदने के लिए चार लाख रुपये जारी किये थे।
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जिले के पत्रकारों को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने मामले की जांच कराने के लिए 2019 में सीटीएम नूंह को शिकायत दी थी। जिसकी जांच पुन्हाना की तत्कालीन एसडीएम वैशाली शर्मा ने मौके पर जाकर की थी। जहां उन्होंने सरकार द्वारा दिए गए पैसों में फर्जीवाड़ा होना पाया। मौके पर न तो कोई कार्यालय था और न ही सरकार द्वारा दी गई राशि से खरीदा गया सामान। ।
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क्या कहते हैं डीसी
नूंह के डीसी शक्ति सिंह ने बताया कि पत्रकारों की शिकायत पर पुन्हाना की एसडीएम व अन्य सूत्रों से इसकी जांच कराई गई थी। जिसमें पाया गया कि सरकार द्वारा दिये गए 9 लाख रुपये के इस्तेमाल में भारी अनियमितनाऐं बरती गई हैं। समिति के सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को लिख दिया गया है।
क्या कहते हैं डीएसपी
पुन्हाना के डीएसपी शमशेर सिंह का कहना है कि अभी तक डीसी की ओर से रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी।
फोटो फाईल-दो साल पहले नूंह के सीटीएम को षिकायत सौंपते जिले के पत्रकार