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आगे गाय, पीछे ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच करेंगे किसान
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दलित प्रेरणा स्थल पर पंचायत के दौरान मौजूद किसान।
आगे गाय, पीछे ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच करेंगे किसान
नोएडा। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन जोर पकड़ने लगा है। रविवार को दलित प्रेरणा स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) की महापंचायत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से किसान नोएडा पहुंचे। मौके पर मौजूद दो हजार से ज्यादा किसानों ने आरपार की लड़ाई के लिए हुंकार भरी। महापंचायत के दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि 26 जनवरी को एक हजार ट्रैक्टरों के साथ किसान दलित प्रेरणा स्थल से दिल्ली की ओर कूच करेंगे। किसान परेड में आगे-आगे गाय और महिलाएं चलेंगी और पीछे किसान ट्रैक्टर के साथ चलेंगे।
महापंचायत में रविवार सुबह से ही किसानों का काफिला दलित प्रेरणा स्थल पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह 10 बजे से किसानों ने महापंचायत शुरू हुई। महापंचायत के मद्देनजर दलित प्रेरणा स्थल के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। शाम करीब 5 बजे तक किसान महापंचायत चली। भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान विरोधी कृषि कानूनों को किसी भी हाल में लागू नहीं होने दिया जाएगा। सरकार दमनकारी नीति अपनाते हुए किसानों के आंदोलन को कमजोर कर रही है। किसानों को धरनास्थल पर आने से रोका जा रहा है। इसके बावजूद किसान एकजुट हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के कई विधायकों ने खुलकर सामने नहीं आते हुए कृषि कानूनों के विरोध का समर्थन दिया है। दोपहर करीब 2 बजे किसानों के बीच पहुंचे एडीसीपी रणविजय सिंह, नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सहित पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में भाकियू लोकशक्ति के प्रवक्ता राजीव मलिक ने 26 जनवरी को एक हजार ट्रैक्टरों के साथ किसानों के दिल्ली कूच की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी इन दिनों किसान आंदोलन से निपटने की गोपनीय रणनीति बना रहे हैं, लेकिन हम खुले मंच से एलान करते हैं कि 23 जनवरी से किसान अपने ट्रैक्टर लेकर नोएडा पहुंचने शुरू हो जाएंगे। 26 जनवरी को आगे गाय और महिलाएं चलेंगी और पीछे किसानों का काफिला ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली में परेड ग्राउंड की तरफ कूच करेगा। परेड में सेना के टैंक और किसानों के ट्रैक्टर जब एक साथ चलेंगे तो नजारा ही कुछ और होगा। शाम करीब 5 बजे तक चली महापंचायत में किसानों की भारी भीड़ रही।
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पुलिस की मौजूदगी में किसानों ने की परेड
दलित प्रेरणा स्थल परिसर में भारी संख्या में एकत्रित हुए किसानों ने पूरे अनुशासन के साथ परेड में कदम से कदम मिलाकर आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करने का संकेत दिया। रिहर्सल के प्रशिक्षक खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह बने। उनकी एक आवाज पर एक साथ उठ रहे किसानों के कदम देखकर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी भी हैरत में थे। पुलिस और पीएसी के जवान भी बड़े ध्यान से किसानों की पीटी देखते नजर आए। मथुरा से आए कलाकारों ने रागनी गाकर किसानों का उत्साह बढ़ाया।
बॉर्डर पर कुश्ती कर पहलवानों ने दिखाया दम
चिल्ला बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले किसानों का धरना 41वें दिन भी जारी रहा। रविवार को किसान एकता संघ के युवा जिलाध्यक्ष अमित अवाना अपने पहलवान साथियों के साथ आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। पहले पहलवानों ने दंड बैठक लगाए और कुश्ती लड़कर दमखम दिखाया। पहलवानों ने 26 जनवरी को परेड में अपनी कला का प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। भानु गुट के प्रदेश महासचिव बीसी प्रधान व जिलाध्यक्ष राजीव मलिक ने कहा कि अब लड़ाई आरपार की होगी। किसान किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। सभी राज्यों व यूपी के जिलों के कार्यकर्ताओं को 26 जनवरी से पहले दिल्ली पहुंचने की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। सभी जगह कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों की खामियां किसानों को बताने का अभियान शुरू कर दिया है। 16 जनवरी से किसान भारी संख्या में चिल्ला बॉर्डर पहुंचना शुरू हो जाएंगे।
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नोएडा। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन जोर पकड़ने लगा है। रविवार को दलित प्रेरणा स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) की महापंचायत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से किसान नोएडा पहुंचे। मौके पर मौजूद दो हजार से ज्यादा किसानों ने आरपार की लड़ाई के लिए हुंकार भरी। महापंचायत के दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि 26 जनवरी को एक हजार ट्रैक्टरों के साथ किसान दलित प्रेरणा स्थल से दिल्ली की ओर कूच करेंगे। किसान परेड में आगे-आगे गाय और महिलाएं चलेंगी और पीछे किसान ट्रैक्टर के साथ चलेंगे।
महापंचायत में रविवार सुबह से ही किसानों का काफिला दलित प्रेरणा स्थल पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह 10 बजे से किसानों ने महापंचायत शुरू हुई। महापंचायत के मद्देनजर दलित प्रेरणा स्थल के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। शाम करीब 5 बजे तक किसान महापंचायत चली। भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान विरोधी कृषि कानूनों को किसी भी हाल में लागू नहीं होने दिया जाएगा। सरकार दमनकारी नीति अपनाते हुए किसानों के आंदोलन को कमजोर कर रही है। किसानों को धरनास्थल पर आने से रोका जा रहा है। इसके बावजूद किसान एकजुट हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि भाजपा के कई विधायकों ने खुलकर सामने नहीं आते हुए कृषि कानूनों के विरोध का समर्थन दिया है। दोपहर करीब 2 बजे किसानों के बीच पहुंचे एडीसीपी रणविजय सिंह, नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सहित पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में भाकियू लोकशक्ति के प्रवक्ता राजीव मलिक ने 26 जनवरी को एक हजार ट्रैक्टरों के साथ किसानों के दिल्ली कूच की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी इन दिनों किसान आंदोलन से निपटने की गोपनीय रणनीति बना रहे हैं, लेकिन हम खुले मंच से एलान करते हैं कि 23 जनवरी से किसान अपने ट्रैक्टर लेकर नोएडा पहुंचने शुरू हो जाएंगे। 26 जनवरी को आगे गाय और महिलाएं चलेंगी और पीछे किसानों का काफिला ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली में परेड ग्राउंड की तरफ कूच करेगा। परेड में सेना के टैंक और किसानों के ट्रैक्टर जब एक साथ चलेंगे तो नजारा ही कुछ और होगा। शाम करीब 5 बजे तक चली महापंचायत में किसानों की भारी भीड़ रही।
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पुलिस की मौजूदगी में किसानों ने की परेड
दलित प्रेरणा स्थल परिसर में भारी संख्या में एकत्रित हुए किसानों ने पूरे अनुशासन के साथ परेड में कदम से कदम मिलाकर आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करने का संकेत दिया। रिहर्सल के प्रशिक्षक खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह बने। उनकी एक आवाज पर एक साथ उठ रहे किसानों के कदम देखकर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी भी हैरत में थे। पुलिस और पीएसी के जवान भी बड़े ध्यान से किसानों की पीटी देखते नजर आए। मथुरा से आए कलाकारों ने रागनी गाकर किसानों का उत्साह बढ़ाया।
बॉर्डर पर कुश्ती कर पहलवानों ने दिखाया दम
चिल्ला बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले किसानों का धरना 41वें दिन भी जारी रहा। रविवार को किसान एकता संघ के युवा जिलाध्यक्ष अमित अवाना अपने पहलवान साथियों के साथ आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। पहले पहलवानों ने दंड बैठक लगाए और कुश्ती लड़कर दमखम दिखाया। पहलवानों ने 26 जनवरी को परेड में अपनी कला का प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। भानु गुट के प्रदेश महासचिव बीसी प्रधान व जिलाध्यक्ष राजीव मलिक ने कहा कि अब लड़ाई आरपार की होगी। किसान किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। सभी राज्यों व यूपी के जिलों के कार्यकर्ताओं को 26 जनवरी से पहले दिल्ली पहुंचने की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। सभी जगह कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों की खामियां किसानों को बताने का अभियान शुरू कर दिया है। 16 जनवरी से किसान भारी संख्या में चिल्ला बॉर्डर पहुंचना शुरू हो जाएंगे।