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Noida News: कवर कंडक्टर बनेगा सुरक्षा कवच... अब आंधी या टहनियां टकराने से नहीं जाएगी बिजली
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कवर कंडक्टर लगाती विद्युत निगम की टीम।
बिजली लाइन में लगाए जा रहे हैं कवर कंडक्टर, उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध आपूर्ति
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अब आंधी आने या बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने के बाद भी शहर के उपभोक्ताओं की बिजली गुल नहीं होगी। जिले में अब कवर कंडक्टर लगाए जा रहे हैं जिससे लाइन हर समय सुचारू बनी रहेगी। निगम का दावा है कि प्रदेश में सबसे पहले गौतमबुद्ध नगर में इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था काफी हद तक सुधरेगी।
मानसून के मौसम में बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से अक्सर बिजली बाधित होती है। इससे उपभोक्ताओं को घंटों बगैर बिजली के रहना पड़ता है। साथ ही शिकायतों के समाधान करने के लिए भी निगम को दोगुनी दौड़ लगाना पड़ता है। पहले तो पेट्रोलिंग करके पता करना पड़ता है कि लाइन कहां से टूटी है और बाद में पेड़ या टहनी को हटाने की मशक्कत में समय लगता है। इस दौरान बिजली बंद होने के कारण उपभोक्ता भी परेशान हो जाते हैं। कंट्रोल रूम में भी इस बीच काफी फोन आ जाते हैं। इन लचीली व्यवस्था को सुधारने के लिए निगम ने कवर कंडक्टर लगाने का निर्णय लिया गया है। विद्युत निगम ने खुली एलटी और एचटी लाइनों पर कवर कंडक्टर लगाने का काम शुरू कर दिया है। सेक्टर-39 से काम की शुरुआत की गई है। साथ ही अन्य सेक्टरों में भी अलग-अलग टीम काम कर रही है।
ट्रिपिंग भी होगी कम
शहर के उपभोक्ताओं की ट्रिपिंग की समस्या को लेकर भी शिकायतें रहती हैं। पेड़ गिरने के बजाय हवा चलने, पक्षी टकराने, पतंग फंस जाने से बिजली की लाइन ट्रिप कर जाती है। फिर विद्युत निगम की टीम पेट्रोलिंग करके लाइन को दुरुस्त करती है। लोड कम होने पर भी ऐसी स्थिति बन जाती है। बिजली विभाग ने ट्रिपिंग की समस्या से राहत दिलाने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही इंसुलेटेड कंडक्टर होने से जोखिम कम हाेंगे। रखरखाव की लागत भी घटेगी।
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कवर कंडक्टर लगाने से लाइन में ट्रिपिंग की समस्या कम होगी। प्रदेश में पहला जिला गौतमबुद्ध नगर है जहां पर कवर कंडक्टर लगाए जा रहे हैं। बारिश के मौसम में इनकी उपयोगिता ज्यादा महत्वपूर्ण होगी।-विवेक कुमार पटेल, अधीक्षण अभियंता, तकनीकी
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अब आंधी आने या बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने के बाद भी शहर के उपभोक्ताओं की बिजली गुल नहीं होगी। जिले में अब कवर कंडक्टर लगाए जा रहे हैं जिससे लाइन हर समय सुचारू बनी रहेगी। निगम का दावा है कि प्रदेश में सबसे पहले गौतमबुद्ध नगर में इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था काफी हद तक सुधरेगी।
मानसून के मौसम में बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से अक्सर बिजली बाधित होती है। इससे उपभोक्ताओं को घंटों बगैर बिजली के रहना पड़ता है। साथ ही शिकायतों के समाधान करने के लिए भी निगम को दोगुनी दौड़ लगाना पड़ता है। पहले तो पेट्रोलिंग करके पता करना पड़ता है कि लाइन कहां से टूटी है और बाद में पेड़ या टहनी को हटाने की मशक्कत में समय लगता है। इस दौरान बिजली बंद होने के कारण उपभोक्ता भी परेशान हो जाते हैं। कंट्रोल रूम में भी इस बीच काफी फोन आ जाते हैं। इन लचीली व्यवस्था को सुधारने के लिए निगम ने कवर कंडक्टर लगाने का निर्णय लिया गया है। विद्युत निगम ने खुली एलटी और एचटी लाइनों पर कवर कंडक्टर लगाने का काम शुरू कर दिया है। सेक्टर-39 से काम की शुरुआत की गई है। साथ ही अन्य सेक्टरों में भी अलग-अलग टीम काम कर रही है।
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ट्रिपिंग भी होगी कम
शहर के उपभोक्ताओं की ट्रिपिंग की समस्या को लेकर भी शिकायतें रहती हैं। पेड़ गिरने के बजाय हवा चलने, पक्षी टकराने, पतंग फंस जाने से बिजली की लाइन ट्रिप कर जाती है। फिर विद्युत निगम की टीम पेट्रोलिंग करके लाइन को दुरुस्त करती है। लोड कम होने पर भी ऐसी स्थिति बन जाती है। बिजली विभाग ने ट्रिपिंग की समस्या से राहत दिलाने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही इंसुलेटेड कंडक्टर होने से जोखिम कम हाेंगे। रखरखाव की लागत भी घटेगी।
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कवर कंडक्टर लगाने से लाइन में ट्रिपिंग की समस्या कम होगी। प्रदेश में पहला जिला गौतमबुद्ध नगर है जहां पर कवर कंडक्टर लगाए जा रहे हैं। बारिश के मौसम में इनकी उपयोगिता ज्यादा महत्वपूर्ण होगी।-विवेक कुमार पटेल, अधीक्षण अभियंता, तकनीकी