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Noida News: विद्यालयों के विकास में मददगार बनेंगे कारपोरेट घराने व संस्थाएं
Sun, 26 Oct 2025 12:57 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sun, 26 Oct 2025 12:57 AM IST
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बाराबंकी। विद्यालयों के विकास में अब निजी संस्थाओं के साथ ही बड़े कारपोरेट घराने भी मददगार बनेंगे। इसके लिए शासन ने विद्यांजलि 5.0 अभियान की शुरूआत की है। यह अभियान स्वयंसेवियों, पूर्व छात्रों, शिक्षकों, स्थानीय उद्यमियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, एनजीओ को विद्यालयों के साथ जोड़कर उनकी शैक्षिक और भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा।
योजना के तहत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति या संस्था विद्यालय को शिक्षण गतिविधियों, संसाधनों, सेवाओं और भौतिक आवश्यकताओं में सहायता प्रदान कर सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी बताते है कि अभियान के तहत जिले में सक्रियता के साथ विद्यालयों की दीवारों की रंगाई-पुताई, लाइब्रेरी सशक्तीकरण, अध्यापक,विशेषज्ञों द्वारा शिक्षण, खेल सामग्री, स्वास्थ्य जागरूकता, डिजिटल डिवाइसेस, पुस्तकें आदि का सहयोग आमंत्रित किया गया है।
योजना के तहत विद्यालय अपनी जरूरतें संबंधित पोर्टल पर पोस्ट करते हैं, जिन्हें स्वयंसेवी संस्था अथवा संगठन अपनी सुविधा अनुसार पूरा करते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यांजलि 5.0 जैसे नवाचार स्कूलों को सामुदायिक साझेदारी का मंच प्रदान करते हैं, जिससे न सिर्फ भौतिक संसाधन बल्कि हर बच्चे की शिक्षा में कई प्रकार के अनुभव जुड़ते है। जिला स्तर पर हर विद्यालय तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए और जनसहयोग बढ़े।
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उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा कार्यक्रम के साथ विद्यांजलि के समावेशन से हमारा जिला विद्यालयों की व्यापक आवश्यकताओं की सफलता से पूर्ति करेगा। इसके लिए प्रत्येक गांव व स्कूल तक इसकी जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि इस मुहिम को एक सामाजिक आंदोलन बनाया जा सके।
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योजना के तहत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति या संस्था विद्यालय को शिक्षण गतिविधियों, संसाधनों, सेवाओं और भौतिक आवश्यकताओं में सहायता प्रदान कर सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी बताते है कि अभियान के तहत जिले में सक्रियता के साथ विद्यालयों की दीवारों की रंगाई-पुताई, लाइब्रेरी सशक्तीकरण, अध्यापक,विशेषज्ञों द्वारा शिक्षण, खेल सामग्री, स्वास्थ्य जागरूकता, डिजिटल डिवाइसेस, पुस्तकें आदि का सहयोग आमंत्रित किया गया है।
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योजना के तहत विद्यालय अपनी जरूरतें संबंधित पोर्टल पर पोस्ट करते हैं, जिन्हें स्वयंसेवी संस्था अथवा संगठन अपनी सुविधा अनुसार पूरा करते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यांजलि 5.0 जैसे नवाचार स्कूलों को सामुदायिक साझेदारी का मंच प्रदान करते हैं, जिससे न सिर्फ भौतिक संसाधन बल्कि हर बच्चे की शिक्षा में कई प्रकार के अनुभव जुड़ते है। जिला स्तर पर हर विद्यालय तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए और जनसहयोग बढ़े।
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उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा कार्यक्रम के साथ विद्यांजलि के समावेशन से हमारा जिला विद्यालयों की व्यापक आवश्यकताओं की सफलता से पूर्ति करेगा। इसके लिए प्रत्येक गांव व स्कूल तक इसकी जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि इस मुहिम को एक सामाजिक आंदोलन बनाया जा सके।