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सात माह पहले जब्त कोरोना की दवा नकली निकली

Thu, 09 Dec 2021 01:00 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 01:00 AM IST
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Corona medicine seized seven months ago turned out to be fake
ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाने में पकड़ी गई दवा। फाइल फोटो - फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। सात माह पहले इकोटेक तीन थाना क्षेत्र की एक कंपनी में छापा मारकर दवाइयां जब्त की गई थीं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में यह दवाइयां नकली निकली हैं, जबकि इनका इस्तेमाल कोविड के इलाज में किया गया था। आरोपियों ने मेरठ और मुंबई में दवाइयों की आपूर्ति की थी। आरोपियों ने 50 से 60 रुपये में तैयार हो रहीं इन दवाइयों की एक स्ट्रिप की कीमत 1100 रुपये रखी थी। दवा की आपूर्ति करने के दौरान मुंबई पुलिस ने मुख्य आरोपी सुदीप मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने स्थानीय पुलिस व औषधि विभाग के साथ मिलकर कंपनी में छापा मारा था। अब औषधि विभाग मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में बंद मुख्य आरोपी से पूछताछ करेगा।
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जिले के औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया कि विभाग की टीम ने 8 जून को एक कंपनी में छापा मारा था। यहां दवा की पैकिंग हो रही थी। बड़ी मात्रा में दवाइयां और मशीनें जब्त की गई थीं। इनकी कीमत करीब 50 लाख रुपये थी। जब्त की गई दवा पर एंटीबायोटिक और एंटी वायरल लिखा हुआ था। विभाग ने दवाइयों के 7 नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में सभी दवाइयां नकली मिली हैं। इनमें एंटीबायोटिक और एंटी वायरल सॉल्ट या कंपोजीशन (मानकों के अनुसार जरूरी तत्व) नहीं मिला। इनके इस्तेमाल से कोविड के इलाज में किसी तरह की राहत नहीं मिलती। दवाइयों की एक स्ट्रिप बनाने में 50 से 60 रुपये की लागत आ रही थी जबकि इसकी कीमत 1100 रुपये रखी गई थी।
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लीवर व किडनी को होता नुकसान
दवाइयों में मानकों के अनुरूप सॉल्ट नहीं पाउडर मिला है, जिसके इस्तेमाल से लीवर और किडनी को नुकसान होता है। मेरठ और मुंबई के अलावा कहां-कहां आपूर्ति की गई थी, इस संबंध में आरोपी से पूछताछ के बाद पता चलेगा। आरोपी बड़ी मात्रा में नकली दवाइयां बेचने की फिराक में था।
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लाइसेंस से लेकर कंपनी तक निकली फर्जी
हिमाचल प्रदेश में मैक्स रिलीफ नाम से कंपनी पंजीकृत थी, लेकिन जांच में लाइसेंस फर्जी निकला। इस नाम की कोई कंपनी ही नहीं थी। नाम भी फर्जी था। आरोपी मेरठ की एक लैब से टेबलेट मंगवाकर पैकिंग मैटेरियल स्वयं तैयार करता था और फिर कंपनी में दवा पैक करता था।

आरोपी से पूछताछ करने की तैयारी में विभाग
अफसरों ने बताया कि नकली दवाइयां बनाने वाला मुख्य आरोपी सुदीप मुखर्जी मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। विभाग आरोपी से पूछताछ करने की तैयारी कर रहा है। वहीं, मेरठ की एक लैब से कंपनी दवा लेती थी। जिस पर अपनी फर्जी कंपनी का लेबल लगाकर कोविड की दवा बना दी जाती थी। लैब का मालिक भी गिरफ्तार हो चुका है।
आरोपी मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में बंद है। उससे पूछताछ कर जरूरी जानकारी निकाली जाएगी। जांच में दवाइयों के सभी नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
- वैभव बब्बर, औषधि निरीक्षक, गौतमबुद्ध नगर
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