{"_id":"609826fd8ebc3ea2c45d3ad4","slug":"corona-havoc-in-villages-and-sectors-five-dead-grnoida-news-noi581057329","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवाें और सेक्टरों में कोरोना का कहर, पांच लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवाें और सेक्टरों में कोरोना का कहर, पांच लोगों की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा। पंचायत चुनाव के बाद ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना का कहर थमने का नहीं ले रहा है। गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है। शहरी क्षेत्र में भी लगातार संक्रमण का ग्राफ बढ़ रहा है। शनिवार शाम से रविवार दोपहर तक ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग गांव व सेक्टरों में पांच लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के प्राथमिकता में अब तक शहरी क्षेत्र में संक्रमण को रोकना है।
पंचायत चुनाव व मतगणना के बाद संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार को दनकौर के भट्टा पारसौल व बिलासपुर के मंडी श्यामनगर में शनिवार को करीब दर्जन मौत हुई थी। इनमें से कई लोग बुखार से पीड़ित थे। वहीं, रविवार को भी गांव व सेक्टर में पांच लोगों की मौत हुई है। स्वर्ण नगरी सेक्टर के अध्यक्ष राजेश भाटी ने बताया कि उपाध्यक्ष एसपी सिंह कैलाश अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें समय से वेंटिलेटर नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। इसी सेक्टर में रहने वाले ब्रिजेश की खुर्जा के कैलाश अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
इसके अलावा दनकौर के जमालपुर निवासी अनिल ने ग्रेनो के यथार्थ अस्पताल में दम तोड़ दिया। ग्रेनो प्राधिकरण के बिल्डर परियोजना विभाग में तैनात नंदन प्रसाद समेत शिक्षा क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा में अपनी तकनीक से बेहतर योगदान देने वाले फ्रांसिस सॉल्यूशन के राजीव फ्रांसिस की शारदा अस्पताल में मौत हो गई। वहीं, डाढ़ा गांव के रहने वाले मनोज ने शहर के एक निजी अस्पताल पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पत्नी गीता को अपेंडिस बताकर डॉक्टर ने छोटे के बजाय बड़ा ऑपरेशन कर दिया। गलत टांके लगाने से जख्म भी नहीं सूखा। शिकायत करने पर डॉक्टर ने अभद्रता भी की।
विज्ञापन
दनकौर व बिलासपुर केंद्र को कोविड सेंटर बनाने की मांग
भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक का आयोजन किया। इसमें बिलासपुर स्वास्थ्य केंद्र को कोविड सेंटर में तब्दील करने की मांग की है। भानु के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजब सिंह ने कहा कि बिलासपुर में करोड़ों की लागत से बने स्वास्थ्य केंद्र में कई कमरे हैं। क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए दनकौर व बिलासपुर स्वास्थ्य केंद्रों कोविड अस्पताल बनाया जाए। सरकारी कोविड केंद्र नहीं होने से लोगों को निजी अस्पताल व निजी नर्सिंग होम में महंगा इलाज कराना पड़ता है। बैठक में जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार नागर, अजीत शर्मा, मोहनलाल, धर्मवीर पहलवान, गणेश ठाकुर, पठान, सदाकत आदि शामिल हुए।
विज्ञापन
पंचायत चुनाव व मतगणना के बाद संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार को दनकौर के भट्टा पारसौल व बिलासपुर के मंडी श्यामनगर में शनिवार को करीब दर्जन मौत हुई थी। इनमें से कई लोग बुखार से पीड़ित थे। वहीं, रविवार को भी गांव व सेक्टर में पांच लोगों की मौत हुई है। स्वर्ण नगरी सेक्टर के अध्यक्ष राजेश भाटी ने बताया कि उपाध्यक्ष एसपी सिंह कैलाश अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें समय से वेंटिलेटर नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। इसी सेक्टर में रहने वाले ब्रिजेश की खुर्जा के कैलाश अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
इसके अलावा दनकौर के जमालपुर निवासी अनिल ने ग्रेनो के यथार्थ अस्पताल में दम तोड़ दिया। ग्रेनो प्राधिकरण के बिल्डर परियोजना विभाग में तैनात नंदन प्रसाद समेत शिक्षा क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा में अपनी तकनीक से बेहतर योगदान देने वाले फ्रांसिस सॉल्यूशन के राजीव फ्रांसिस की शारदा अस्पताल में मौत हो गई। वहीं, डाढ़ा गांव के रहने वाले मनोज ने शहर के एक निजी अस्पताल पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पत्नी गीता को अपेंडिस बताकर डॉक्टर ने छोटे के बजाय बड़ा ऑपरेशन कर दिया। गलत टांके लगाने से जख्म भी नहीं सूखा। शिकायत करने पर डॉक्टर ने अभद्रता भी की।
विज्ञापन
दनकौर व बिलासपुर केंद्र को कोविड सेंटर बनाने की मांग
भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक का आयोजन किया। इसमें बिलासपुर स्वास्थ्य केंद्र को कोविड सेंटर में तब्दील करने की मांग की है। भानु के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजब सिंह ने कहा कि बिलासपुर में करोड़ों की लागत से बने स्वास्थ्य केंद्र में कई कमरे हैं। क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए दनकौर व बिलासपुर स्वास्थ्य केंद्रों कोविड अस्पताल बनाया जाए। सरकारी कोविड केंद्र नहीं होने से लोगों को निजी अस्पताल व निजी नर्सिंग होम में महंगा इलाज कराना पड़ता है। बैठक में जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार नागर, अजीत शर्मा, मोहनलाल, धर्मवीर पहलवान, गणेश ठाकुर, पठान, सदाकत आदि शामिल हुए।