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Noida News: एम्स से हटाए गए 56 संविदा कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
Fri, 12 Sep 2025 02:38 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 12 Sep 2025 02:38 AM IST
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एम्स गेट के बाहर धरना प्रदर्शन करते एम्स से हटाए गए संविदा कर्मचारी। स्रोत आयोजक।
- फोटो : विद्यालय
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के गेट के बाहर हटाए गए संविदा कर्मचारियों ने एम्स प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया।
बृहस्पतिवार को एम्स से हटाए गए करीब 56 संविदा कर्मचारियों ने गेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने एम्स चौकी प्रभारी को अस्पताल परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक ज्ञापन दिया है। संविदा कर्मचारियों का कहना है कि संस्थान प्रशासन उन्हें मानसिक उत्पीड़न का शिकार बना रहा है। शांतिपूर्वक तरीके से निदेशक कार्यालय के बाहर खड़े होकर संस्थान की ओर से लिए जाने वाले निर्णय का इंतजार कर रहे थे लेकिन उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है।
उनका कहना है कि वे अस्पताल परिसर में नहीं, बल्कि शिक्षा संस्थान के भीतर स्थित निदेशक कार्यालय के बाहर निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे। पुलिस और सुरक्षाकर्मी समय-समय पर उनका फोटो खींच रहे थे और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से उनकी गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें गेट नंबर 3 से प्रवेश नहीं दिया गया और उन्हें गेट नंबर 2 पर एकत्रित होने के लिए बाध्य किया गया है। यह पूरी स्थिति केवल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से माहौल खराब करने और उन्हें गलत तरीके से फंसाने के लिए बनाई जा रही है। प्रदर्शन करने वालों में अनुराग पंत, दीपक बिष्ट, त्रिलोक सिंह खरोला, अश्विनी कुमार, रमेश, लोकेंद्र सिंह, लोकेंद्र बिष्ट, कंचन, नीलम, दानिश आदि शामिल रहे।
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बृहस्पतिवार को एम्स से हटाए गए करीब 56 संविदा कर्मचारियों ने गेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने एम्स चौकी प्रभारी को अस्पताल परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक ज्ञापन दिया है। संविदा कर्मचारियों का कहना है कि संस्थान प्रशासन उन्हें मानसिक उत्पीड़न का शिकार बना रहा है। शांतिपूर्वक तरीके से निदेशक कार्यालय के बाहर खड़े होकर संस्थान की ओर से लिए जाने वाले निर्णय का इंतजार कर रहे थे लेकिन उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है।
उनका कहना है कि वे अस्पताल परिसर में नहीं, बल्कि शिक्षा संस्थान के भीतर स्थित निदेशक कार्यालय के बाहर निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे। पुलिस और सुरक्षाकर्मी समय-समय पर उनका फोटो खींच रहे थे और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से उनकी गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी।
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कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें गेट नंबर 3 से प्रवेश नहीं दिया गया और उन्हें गेट नंबर 2 पर एकत्रित होने के लिए बाध्य किया गया है। यह पूरी स्थिति केवल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से माहौल खराब करने और उन्हें गलत तरीके से फंसाने के लिए बनाई जा रही है। प्रदर्शन करने वालों में अनुराग पंत, दीपक बिष्ट, त्रिलोक सिंह खरोला, अश्विनी कुमार, रमेश, लोकेंद्र सिंह, लोकेंद्र बिष्ट, कंचन, नीलम, दानिश आदि शामिल रहे।
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