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Noida News: इंप्लांट के नाम पर मरीजों से वसूली मामले में कमेटी गठित, जांच शुरू
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंप्लांट के नाम पर मरीजों से अवैध रूप से रुपये वसूलने की शिकायत सामने आने के बाद हड़कंप मचा है। प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि शिकायत मिलने को लेकर की पूरी तरह निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि दोनों पक्षों की बात सुनकर एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यदि ठगी या अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि इंप्लांट का टेंडर समाप्त हो चुका है और नया टेंडर मिलने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। जेम पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया जारी है। जैसे ही किसी कंपनी को टेंडर आवंटित होगा। आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को न्यूनतम दर पर इंप्लांट उपलब्ध कराए जाएंगे।
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इधर, हड्डी रोग वार्ड 3 में भर्ती मरीज राजन के पिता गुलाब ने बताया कि आयुष्मान कार्ड पर उनके पुत्र का कूल्हे का ऑपरेशन किया गया है। ऑपरेशन से जुड़े किसी भी इंप्लांट के लिए उनसे रुपये नहीं मांगे गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंप्लांट के नाम पर मरीजों से अवैध रूप से रुपये वसूलने की शिकायत सामने आने के बाद हड़कंप मचा है। प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि शिकायत मिलने को लेकर की पूरी तरह निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि दोनों पक्षों की बात सुनकर एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यदि ठगी या अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
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बताया कि इंप्लांट का टेंडर समाप्त हो चुका है और नया टेंडर मिलने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। जेम पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया जारी है। जैसे ही किसी कंपनी को टेंडर आवंटित होगा। आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को न्यूनतम दर पर इंप्लांट उपलब्ध कराए जाएंगे।
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इधर, हड्डी रोग वार्ड 3 में भर्ती मरीज राजन के पिता गुलाब ने बताया कि आयुष्मान कार्ड पर उनके पुत्र का कूल्हे का ऑपरेशन किया गया है। ऑपरेशन से जुड़े किसी भी इंप्लांट के लिए उनसे रुपये नहीं मांगे गए हैं।