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एयरपोर्ट परिसर के 60 एकड़ में बनेगा व्यावसायिक कांप्लेक्स
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कुछ इस तरह बनेगा व्यावसायिक कांप्लेक्स। अमर उजाला
- फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। एयरपोर्ट परिसर के 60 एकड़ यानी 24 हेक्टेयर में व्यावसायिक कांप्लेक्स बनेगा। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए यहां होटल, मॉल, दुकानों समेत कई वाणिज्यिक संस्थानों का निर्माण होगा। एयरपोर्ट निर्माण के अंतिम चरण तक इसे 167 एकड़ में विस्तार देने की योजना है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड इसका खाका तैयार कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट के मास्टर प्लान में यात्रियों की सुविधा के लिए इस तरह के निर्माण की योजना बनाई गई है। व्यावसायिक कांप्लेक्स एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल के पास होगा। यह पूरी तरह से ट्रांसपोर्टेशन केंद्र तक फैला होगा, ताकि यहां से आने-जाने वाले लोगों को सहूलियत मिल सके। इस योजना पर फिलहाल अध्ययन का काम चल रहा है। हालांकि, यहां आवासीय परिसर जैसी किसी तरह की योजना नहीं है। पहले चरण में निर्माण के बाद एक रनवे से एयरपोर्ट शुरू होगा। इस दौरान करीब 1.2 करोड़ यात्रियों के प्रति वर्ष आने की संभावना है। इसके लिए 1334 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यात्रियों की संख्या का लक्ष्य पूरा होने के बाद दूसरे रनवे पर काम करने की योजना है।
ऐसे ही अन्य चरणों का काम किया जाएगा। यहां कांप्लेक्स बनाने का मकसद यह भी है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट होने से दूसरे देशों के लोग भी यहां आएंगे। उनके ठहरने आदि के लिए व्यवस्था जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें दिल्ली या नोएडा के होटलों में रुकने के लिए मशक्कत करनी होगी। वहीं, प्रदेश सरकार की राजस्व बढ़ाने की योजना पर भी इससे काफी फायदा होगा।
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विकास योजना के परीक्षण के लिए कंपनी का चयन
एयरपोर्ट की विकास योजना का परीक्षण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) की ओर से चयनित कंपनी करेगी। इसमें किसी सरकारी एजेंसी को काम सौंपा जाएगा। यहां अनुभवी इंजीनियरों को विकास योजना के अध्ययन का मौका दिया जाएगा। कंपनी यह देखेगी कि मास्टर प्लान के नक्शे के मुताबिक इसे बनाया गया है या नहीं। इसमें यह भी देखा जाएगा कि एयरपोर्ट को बेहतर तरीके से बनाने में इंजीनियरिंग के मानकों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है या नहीं।
इसके अलावा यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से एक बार चार्ट भी बनाया जाएगा। इसमें महीनेवार और वर्षवार काम का लक्ष्य निर्धारित होगा, ताकि निरीक्षण के दौरान इस पर पूरी तरह से फोकस किया जा सके। इससे पहले नियाल की ओर से एयरपोर्ट के विकास का खाका शासन को सौंप दिया गया है।
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अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट के मास्टर प्लान में यात्रियों की सुविधा के लिए इस तरह के निर्माण की योजना बनाई गई है। व्यावसायिक कांप्लेक्स एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल के पास होगा। यह पूरी तरह से ट्रांसपोर्टेशन केंद्र तक फैला होगा, ताकि यहां से आने-जाने वाले लोगों को सहूलियत मिल सके। इस योजना पर फिलहाल अध्ययन का काम चल रहा है। हालांकि, यहां आवासीय परिसर जैसी किसी तरह की योजना नहीं है। पहले चरण में निर्माण के बाद एक रनवे से एयरपोर्ट शुरू होगा। इस दौरान करीब 1.2 करोड़ यात्रियों के प्रति वर्ष आने की संभावना है। इसके लिए 1334 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यात्रियों की संख्या का लक्ष्य पूरा होने के बाद दूसरे रनवे पर काम करने की योजना है।
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ऐसे ही अन्य चरणों का काम किया जाएगा। यहां कांप्लेक्स बनाने का मकसद यह भी है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट होने से दूसरे देशों के लोग भी यहां आएंगे। उनके ठहरने आदि के लिए व्यवस्था जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें दिल्ली या नोएडा के होटलों में रुकने के लिए मशक्कत करनी होगी। वहीं, प्रदेश सरकार की राजस्व बढ़ाने की योजना पर भी इससे काफी फायदा होगा।
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विकास योजना के परीक्षण के लिए कंपनी का चयन
एयरपोर्ट की विकास योजना का परीक्षण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) की ओर से चयनित कंपनी करेगी। इसमें किसी सरकारी एजेंसी को काम सौंपा जाएगा। यहां अनुभवी इंजीनियरों को विकास योजना के अध्ययन का मौका दिया जाएगा। कंपनी यह देखेगी कि मास्टर प्लान के नक्शे के मुताबिक इसे बनाया गया है या नहीं। इसमें यह भी देखा जाएगा कि एयरपोर्ट को बेहतर तरीके से बनाने में इंजीनियरिंग के मानकों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है या नहीं।
इसके अलावा यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से एक बार चार्ट भी बनाया जाएगा। इसमें महीनेवार और वर्षवार काम का लक्ष्य निर्धारित होगा, ताकि निरीक्षण के दौरान इस पर पूरी तरह से फोकस किया जा सके। इससे पहले नियाल की ओर से एयरपोर्ट के विकास का खाका शासन को सौंप दिया गया है।