फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   CMS transfred Gaziabad in Pregnant women death case

गर्भवती की मौत मामले में अब सीएमएस को हटाया, गाजियाबाद तबादला

Tue, 30 Jun 2020 12:57 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 12:57 AM IST
विज्ञापन
CMS transfred Gaziabad in Pregnant women death case
गर्भवती की मौत मामले में अब सीएमएस को हटाया, गाजियाबाद तबादला
विज्ञापन

नोएडा। गत 5 जून को 8 अस्पतालों में 13 घंटे तक चक्कर काटने के बावजूद इलाज न मिलने से गर्भवती की मौत मामले में ईएसआईसी निदेशक अनिल सिंघल को हटाए जाने के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (सीएमएस) डॉ. वंदना शर्मा का भी गाजियाबाद तबादला कर दिया गया। उन्हें वहां जिला एमएमजी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता नियुक्त किया है। शासन ने तबादले के पीछे प्रशासनिक आधार का हवाला दिया है। वंदना शर्मा की जगह सीएमओ कार्यालय में एसीएमओ डॉ. वीर बहादुर ढाका को सीएमएस का चार्ज दिया गया है।
खोड़ा निवासी गर्भवती नीलम पत्नी बिजेंद्र की इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। परिजन उसे लेकर ईएसआईसी, जिला अस्पताल, शारदा, जिम्स, शिवालिक, समेत 8 अस्पतालों में 13 घंटे तक चक्कर लगाते रहे, लेकिन कहीं भी इलाज नहीं मिला और अंतत: उसकी मौत हो गई। डीएम ने एडीएम और सीएमओ को पूरे मामले की जांच सौंपी थी। रिपोर्ट में आठों अस्पतालों को दोषी पाया गया। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. वंदना शर्मा की कार्यशैली से जिलाधिकारी सुहास एलवाई खासे नाराज थे। उन्हें प्रशासनिक नियंत्रण में विफल माना गया। इस कारण उनका तबादला अन्यत्र करने के लिए शासन को पत्र लिखा। इस पर कार्रवाई करते हुए शासन ने सीएमएस डॉक्टर वंदना शर्मा को उनके पद से हटाकर गाजियाबाद जिला एमएमजी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता नियुक्त कर दिया। बता दें कि जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रसव और बच्चे का दम तोड़ना भी जांच में सीएमएस के खिलाफ गया। अन्य कई और मामले भी उनकेगले की फांस बनते गए।
विज्ञापन

नप चुकेहैं ईएसआईसी केे निदेशक
गर्भवती महिला के उपचार के मामले में सबसे खराब रवैया ईएसआईसी अस्पताल का ही रहा था। जांच अधिकारियों ने रिपोर्ट में बताया था कि ईएसआईसी अस्पताल में महिला का उपचार नहीं हुआ औरएंबुलेंस चालक महिला को जिला अस्प्ताल के बाहर तड़पता हुआ छोड़कर चला गया था। तत्कालीन निदेशक डॉक्टर अनीष सिंघल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका तबादला दिल्ली कर दिया गया था। उनकी जगह डॉक्टर बलराज भंडार जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

4 निजी अस्पताल तकनीकी जांच में फंसे
जांच में नोएडा के शिवालिक, शारदा, फोर्टिस व जेपी अस्पताल को भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना गया है। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने तकनीकीजांच समिति गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर मुकदमा तक दर्ज किया जा सकता है। वहीं, जिम्स निदेशक को जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
डॉक्टर ढाका के सामने कई चुनौतियां
डॉक्टर वीर बहादुर ढाका फिलहाल सीएमओ कार्यालय में एसीएमओ हैं। जिला अस्पताल में मरीजों को उपचार न मिलना, स्टाफ के बगावती तेवर, कोरोना के बढ़ते केस, बेडों की समुचित व्यवस्था न होना व अन्य समस्याओं पार पाना डॉक्टर ढाका केलिए चुनौती ही साबित होगा।

जिला अस्पताल के सीएमएस बनाए जाने संबंधी आदेश मिल गए हैं। चार्ज संभालने के बाद मरीजों के हित में हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. वीर बहादुर ढाका, सीएमएस, जिला अस्पताल
तबादले के आदेश मिल गए हैं। गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता बनाकर भेजा गया है। यह कार्रवाई गर्भवती की मौत मामले मेंहुई है या नहीं। इस बारे में कुछ नहीं कहना है।
डॉ. वंदना शर्मा, पूर्व सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed