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वीडियो बनाने पर बिफरे सीएमओ, पुलिस से शिकायत
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वीडियो बनाने पर बिफरे सीएमओ, पुलिस से शिकायत
नोएडा। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत नामक संगठन के पदाधिकारियों को सीएमओ का वीडियो बनाना भारी पड़ गया। सीएमओ ने पुलिस अधिकारियों से उनकी शिकायत मौखिक शिकायत की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
अपंजीकृत चिकित्सकों की जांच के नोडल अफसर डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत नामक एक संगठन के कुछ पदाधिकारी बृहस्पतिवार को ममूरा पहुंचे थे। उन्होंने वहां कुछ चिकित्सकों को झोलाछाप बताते हुए उनकी वीडियो बनाई। शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे संगठन के पदाधिकारियों ने कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि संगठन के पदाधिकारी गुपचुप तरीके से सीएमओ की भी वीडियो बनाने लगे। इसका पता चलते ही सीएमओ बिफर गए। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से कहा कि वह किसी के कार्यालय में घुसकर बिना अनुमति वीडियो कैसे बना सकते हैं? यह सरासर गलत है। हालांकि वीडियो बनाए जाने पर बाद में संगठन के पदाधिकारियों ने खेद भी जताया, लेकिन सीएमओ संतुष्ट नहीं हुए। डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि इसकी शिकायत एडिशनल डीसीपी से की गई है। जिन चिकित्सकों के झोलाछाप होने का दावा किया गया है, उन्होंने भी संगठन पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। वहीं संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सिस्टम को चेताना है, इसलिए वीडियो बनाई गई थी। एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि सीएमओ की ओर से मौखिक शिकायत मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जनता के साथ कुछ गलत होता है तो हम खड़े होंगे। ममूरा में फर्जी डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। इसकी पूरी वीडियो हमारे पास है। साक्ष्यों के साथ ही सीएमओ कार्यालय में जाकर कार्रवाई की मांग की थी। सीएमओ हम पर ही आरोप लगाने लगे। हम चुप नहीं बैठेंगे।
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सोनिया शर्मा, मुख्य सचिव, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत संगठन
किसी भी चिकित्सक की जांच करने के लिए सीएमओ कार्यालय की अनुमति लेनी चाहिए। संगठन ने डॉक्टरों का गलत तरीके से वीडियो बनाया, उसके बाद मेरे कार्यालय में आकर मेरा वीडियो बनाने लगे। इसकी शिकायत एडिशनल डीसीपी से की है।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
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नोएडा। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत नामक संगठन के पदाधिकारियों को सीएमओ का वीडियो बनाना भारी पड़ गया। सीएमओ ने पुलिस अधिकारियों से उनकी शिकायत मौखिक शिकायत की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
अपंजीकृत चिकित्सकों की जांच के नोडल अफसर डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत नामक एक संगठन के कुछ पदाधिकारी बृहस्पतिवार को ममूरा पहुंचे थे। उन्होंने वहां कुछ चिकित्सकों को झोलाछाप बताते हुए उनकी वीडियो बनाई। शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे संगठन के पदाधिकारियों ने कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि संगठन के पदाधिकारी गुपचुप तरीके से सीएमओ की भी वीडियो बनाने लगे। इसका पता चलते ही सीएमओ बिफर गए। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से कहा कि वह किसी के कार्यालय में घुसकर बिना अनुमति वीडियो कैसे बना सकते हैं? यह सरासर गलत है। हालांकि वीडियो बनाए जाने पर बाद में संगठन के पदाधिकारियों ने खेद भी जताया, लेकिन सीएमओ संतुष्ट नहीं हुए। डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि इसकी शिकायत एडिशनल डीसीपी से की गई है। जिन चिकित्सकों के झोलाछाप होने का दावा किया गया है, उन्होंने भी संगठन पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। वहीं संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सिस्टम को चेताना है, इसलिए वीडियो बनाई गई थी। एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि सीएमओ की ओर से मौखिक शिकायत मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जनता के साथ कुछ गलत होता है तो हम खड़े होंगे। ममूरा में फर्जी डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। इसकी पूरी वीडियो हमारे पास है। साक्ष्यों के साथ ही सीएमओ कार्यालय में जाकर कार्रवाई की मांग की थी। सीएमओ हम पर ही आरोप लगाने लगे। हम चुप नहीं बैठेंगे।
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सोनिया शर्मा, मुख्य सचिव, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत संगठन
किसी भी चिकित्सक की जांच करने के लिए सीएमओ कार्यालय की अनुमति लेनी चाहिए। संगठन ने डॉक्टरों का गलत तरीके से वीडियो बनाया, उसके बाद मेरे कार्यालय में आकर मेरा वीडियो बनाने लगे। इसकी शिकायत एडिशनल डीसीपी से की है।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ