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Noida News: धूल फांक रहे वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के दावे
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-सीपीसीबी के निरीक्षण में सामने आई हकीकत, आरटीआई से मिली जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के दावे पुख्ता नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निरीक्षण में यह हकीकत सामने आई है। एक आरटीआई में मांगी गई सूचनाओं पर जानकारी साझा की गई।
29 अप्रैल को सीपीसीबी ने नोएडा में केंद्र से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए मिलने वाले एनकैप फंड के इस्तेमाल को लेकर शहर का निरीक्षण किया था। इस बारे में सेक्टर-77 प्रतीक निवासी अमित गुप्ता ने आरटीआई लगाई थी। जिसके जवाब में सीपीसीबी ने बताया कि नोएडा में एनकैप के तहत मिले फंड से क्या काम किए गए हैं। सीपीसीबी ने बताया है कि सेक्टरों की संकरी सड़कों पर मशीनों से सफाई नहीं हो पा रही है। निर्माण गतिविधियों से सड़क धूल में बढ़ोतरी हो रही है। अमित गुप्ता ने बताया कि आरटीआई के अनुसार अधिक पार्किंग और जाम के कारण कई सड़कें धूल युक्त बनी रहती है। खास बात यह है कि एक साल पहले जुलाई 2025 में भी सीपीसीबी के निरीक्षण में सामने आया था कि सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग होने से सड़कों की सफाई नहीं हो पा रही है लेकिन सुधार नहीं किया गया।
कमियां बताने के अलावा इनको दूर करने के लिए सुझाव भी बोर्ड की तरफ से दिए हैं। इसमें संकरी सड़कों के लिए छोटी सफाई मशीनें लगाने, रात में मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की सफाई कराने व अन्य काम शामिल हैं। वहीं प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि धूल उड़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के दावे पुख्ता नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निरीक्षण में यह हकीकत सामने आई है। एक आरटीआई में मांगी गई सूचनाओं पर जानकारी साझा की गई।
29 अप्रैल को सीपीसीबी ने नोएडा में केंद्र से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए मिलने वाले एनकैप फंड के इस्तेमाल को लेकर शहर का निरीक्षण किया था। इस बारे में सेक्टर-77 प्रतीक निवासी अमित गुप्ता ने आरटीआई लगाई थी। जिसके जवाब में सीपीसीबी ने बताया कि नोएडा में एनकैप के तहत मिले फंड से क्या काम किए गए हैं। सीपीसीबी ने बताया है कि सेक्टरों की संकरी सड़कों पर मशीनों से सफाई नहीं हो पा रही है। निर्माण गतिविधियों से सड़क धूल में बढ़ोतरी हो रही है। अमित गुप्ता ने बताया कि आरटीआई के अनुसार अधिक पार्किंग और जाम के कारण कई सड़कें धूल युक्त बनी रहती है। खास बात यह है कि एक साल पहले जुलाई 2025 में भी सीपीसीबी के निरीक्षण में सामने आया था कि सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग होने से सड़कों की सफाई नहीं हो पा रही है लेकिन सुधार नहीं किया गया।
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कमियां बताने के अलावा इनको दूर करने के लिए सुझाव भी बोर्ड की तरफ से दिए हैं। इसमें संकरी सड़कों के लिए छोटी सफाई मशीनें लगाने, रात में मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की सफाई कराने व अन्य काम शामिल हैं। वहीं प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि धूल उड़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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