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पौधरोपण
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नूंह। वन विभाग ने जिले में पर्यावरण को बढ़ावा के साथ लोगों के स्वास्थ्य को मजबूती प्रदान करने की पहल की है। इसके तहत विभाग निशुल्क औषधीय पौधे वितरित करेगा। योजना के तहत एक लाख तुलसी व गिलोय के पौधे बांटे जाएंगे। लोगों की रुचि के अनुसार इसे बढ़ाया भी जा सकता है। विभाग ने इसकी शुरूआत कर दी है।
शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने वाले तुलसी, गिलोय के साथ आंवले के पौधे घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब तक फलदार व छायादार के 30 हजार पौधे बांटे जा चुके हैं।
अधिकतर लोग जगह के अभाव में पौधे लगाने से कतराते हैं लेकिन तुलसी व गिलोय के पौधे को घर के आंगन में आसानी से लगा सकते हैं। वह इनके औषधीय गुणों का लाभ उठा सकते हैं। लोग इनके लाभ से कोरोना वायरस से लड़ने की शरीर में प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो सके।
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बीते साल से ही देश प्रदेश में तुलसी व गिलोय की मांग बहुत अधिक बढ़ी है। बिना किसी खर्च के घर पर ही इन औषधीय पौधे का काढ़ा बनाकर कई तरह के रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है।
लोगों ने जताई खुशी
पर्यावरण प्रेमी हजी अली मोहम्मद खेड़ला, इसलाम मेंबर नवाबगढ़, सुरेंद्र छपेड़ा ने बताया कि भारत में प्राचीन समय में इन घरेलू उपायों से ही हर छोटी बीमारी पर काबू पा लेते थे। आज फिर से हम अपनी प्राचीन संस्कृति की और लौट रहे हैं। इससे निश्चित तौर काफी लाभ मिलेगा।
जिले में 1 लाख तुलसी व गिलोय के औषधीय पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इन पौधे से आंगन में सुंदरता के साथ स्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी। लोगों को इस अभियान में विभाग का सहयोग करना चाहिए।- विजेंद्र सिंह, डीएफओ, नूंह।
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शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने वाले तुलसी, गिलोय के साथ आंवले के पौधे घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब तक फलदार व छायादार के 30 हजार पौधे बांटे जा चुके हैं।
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अधिकतर लोग जगह के अभाव में पौधे लगाने से कतराते हैं लेकिन तुलसी व गिलोय के पौधे को घर के आंगन में आसानी से लगा सकते हैं। वह इनके औषधीय गुणों का लाभ उठा सकते हैं। लोग इनके लाभ से कोरोना वायरस से लड़ने की शरीर में प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो सके।
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बीते साल से ही देश प्रदेश में तुलसी व गिलोय की मांग बहुत अधिक बढ़ी है। बिना किसी खर्च के घर पर ही इन औषधीय पौधे का काढ़ा बनाकर कई तरह के रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है।
लोगों ने जताई खुशी
पर्यावरण प्रेमी हजी अली मोहम्मद खेड़ला, इसलाम मेंबर नवाबगढ़, सुरेंद्र छपेड़ा ने बताया कि भारत में प्राचीन समय में इन घरेलू उपायों से ही हर छोटी बीमारी पर काबू पा लेते थे। आज फिर से हम अपनी प्राचीन संस्कृति की और लौट रहे हैं। इससे निश्चित तौर काफी लाभ मिलेगा।
जिले में 1 लाख तुलसी व गिलोय के औषधीय पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इन पौधे से आंगन में सुंदरता के साथ स्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी। लोगों को इस अभियान में विभाग का सहयोग करना चाहिए।- विजेंद्र सिंह, डीएफओ, नूंह।