नूंह। नगराधीश जयप्रकाश ने सोमवार को जिला सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को तंबाकू का सेवन न करने और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। दूसरों को भी इस दिशा में प्रेरित करने की अपील की। साथ ही राष्ट्रीय धूम्रपान नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
नगराधीश ने कहा कि सभी विभाग मिलकर सुनिश्चित करें कि हमारी युवा पीढ़ी तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों के प्रयोग से दूर रहें, तभी हम स्वच्छ समाज की कल्पना कर सकते हैं। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 के तहत किसी भी शिक्षण संस्थान से 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचना गैर कानूनी है। इसका उल्लंघन करने पर 200 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों और शिक्षा अधिकारियों से कहा कि शिक्षण संस्थानों के बाहर चेतावनी बोर्ड लगवाएं और आसपास तंबाकू उत्पाद न बिकने दें। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करवाएं। समाज में बदलाव लाने में शिक्षक और शिक्षा विभाग अहम भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षक बच्चों को धूम्रपान से होने वाले नुकसान के बारे में फोटो और वीडियो सहित समझाएं, ताकि उनके मन में इसके प्रति घृणा पैदा हो। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा तंबाकू उत्पाद बेचना और खरीदना निषेध है। तंबाकू उत्पादों के प्रयोग से विश्व में प्रतिवर्ष 60 लाख मौतें होती हैं, जिनकी संख्या 1 करोड़ तक पहुंचने की आशंका है। आदी लोग अपनी कुल आय का 10 फीसदी धूम्रपान पर खर्च कर रहे हैं। इसके उपयोग पर रोक लगाने के लिए विभिन्न विभागों में नोडल अधिकारी बनाए जा रहे हैं, जो गंभीरता से कार्रवाई कर जुर्माना लगाएंगे। इस अवसर पर उप सिविल सर्जन डॉ. आशीष, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी आरबी चोपड़ा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।