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चिटहेरा भूमि घोटाला : शिकायतकर्ता ने सौंपे दस्तावेज, आरोपियों को कल जारी होंगे नोटिस
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ग्रेटर नोएडा। चिटहेरा भूमि घोटाले की जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की तरफ से सोमवार को आरोपियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। घोटाले में शामिल सभी आरोपियों को पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद ही जांच रफ्तार पकड़ेगी। वहीं, शनिवार को शिकायतकर्ता ने घोटाले के दस्तावेज जांच अधिकारी को सौंप दिए हैं।
चिटहेरा गांव में अनुसूचित जाति और भूमिहीन के नाम सरकारी जमीन के पट्टे हुए थे। आरोप है कि भूमाफिया ने इन पट्टों की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली, जबकि कुछ पट्टों का एग्रीमेंट टू सेल करा लिया। बाद में इस जमीन का मुआवजा उठा लिया। अरबों रुपये के इस घोटाले में नेता और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप है। एक शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत प्रदेश के डीजीपी से की थी। डीजीपी के आदेश पर एसटीएफ ने जांच शुरू की है। वहीं, जिलाधिकारी सुहास एलवाई के आदेश पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) भी जांच कर रही हैं। एडीएम ने शिकायतकर्ता से दस्तावेज मांगे थे। शनिवार को शिकायतकर्ता ने घोटाले से जुड़े सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायतकर्ता ने जो दस्तावेज दिए है, उनका अध्ययन किया जा रहा है। सोमवार को मामले से जुड़े सभी आरोपियों को नोटिस जारी होंगे।
चिटहेरा गांव के इस घोटाले में दूसरे जिलों के अनुसूचित जाति के लोगों को चिटहेरा का मूल निवासी दिखाया गया। इसी आधार पर उनके नाम रजिस्ट्री व एग्रीमेंट टू सेल कराए गए। जमीन पर बाहरी लोगों के नाम पर दर्ज की गई। उसके बाद तहसील की तरफ से जमीन को संक्रमणीय भूमिधर घोषित किया गया। बाद में जमीन का प्राधिकरण से मुआवजा उठा लिया गया।
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चिटहेरा गांव में अनुसूचित जाति और भूमिहीन के नाम सरकारी जमीन के पट्टे हुए थे। आरोप है कि भूमाफिया ने इन पट्टों की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली, जबकि कुछ पट्टों का एग्रीमेंट टू सेल करा लिया। बाद में इस जमीन का मुआवजा उठा लिया। अरबों रुपये के इस घोटाले में नेता और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप है। एक शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत प्रदेश के डीजीपी से की थी। डीजीपी के आदेश पर एसटीएफ ने जांच शुरू की है। वहीं, जिलाधिकारी सुहास एलवाई के आदेश पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) भी जांच कर रही हैं। एडीएम ने शिकायतकर्ता से दस्तावेज मांगे थे। शनिवार को शिकायतकर्ता ने घोटाले से जुड़े सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायतकर्ता ने जो दस्तावेज दिए है, उनका अध्ययन किया जा रहा है। सोमवार को मामले से जुड़े सभी आरोपियों को नोटिस जारी होंगे।
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चिटहेरा गांव के इस घोटाले में दूसरे जिलों के अनुसूचित जाति के लोगों को चिटहेरा का मूल निवासी दिखाया गया। इसी आधार पर उनके नाम रजिस्ट्री व एग्रीमेंट टू सेल कराए गए। जमीन पर बाहरी लोगों के नाम पर दर्ज की गई। उसके बाद तहसील की तरफ से जमीन को संक्रमणीय भूमिधर घोषित किया गया। बाद में जमीन का प्राधिकरण से मुआवजा उठा लिया गया।
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