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Noida News: सरकारी स्कूल के बच्चे सीखेंगे नृत्य, गायन और थियेटर के गुर
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-शिक्षा निदेशालय ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित करेगा कार्यशाला
-विभिन्न अकादमियों के सहयोग से बच्चों को कलाओं में किया जाएगा पारंगत
-22 मई से 22 जून तक प्रत्येक दिन करीब तीन घंटे की लगाई जाएगी क्लास
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों के लिए मस्ती की पाठशाला लगेगी। इस पाठशाला में उन्हें संगीत, थियेटर, पेटिंग, नृत्य, मैथिली लेखन कला में प्रशिक्षित किया जाएगा। बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए शिक्षा निदेशालय दिल्ली की विभिन्न अकादमियों से सहयोग ले रहा है। यह कार्यशाला 22 मई से 22 जून तक सुबह 8:30 बजे से सुबह 11:30 बजे तक चलेगी। इससे बच्चों में सामाजिक और भावनात्मक विकास भी होगा।
सरकारी स्कूलों में 11 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश की शुरूआत हो रही है, यह 30 जून तक जारी रहेंगे। ऐसे में बच्चों को रचनात्मक सिखाने के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश आयोजित की जा रही है। इस वर्ष शिक्षा निदेशालय ने कला संस्कृति और भाषा विभाग के अंतर्गत आने वाली विभिन्न अकादमियों से सहयोग करने की पहल की है। विभिन्न संस्कृति क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले विभिन्न कला रूपों(नृत्य, गायन, पेटिंग, लेखन कला, थियेटर) में ग्रीष्मकालीन कार्यशाला में बच्चों को तीन घंटे इन कलाओं को सिखाएंगे। शिक्षा निदेशालय के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चे ग्रीष्मकालीन कार्यशालाओं में शामिल होते हैं जहां वे नए कौशल सीखते हैं। निजी संस्थाएं इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित करती हैं। निदेशालय का कहना है कि अपना समय व्यतीत करने व शौक को पूरा करने के लिए इन कलाओं में से किसी एक में बच्चों को जुडऩा चाहिए।
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150 स्कूलों में चलेगी कार्यशाला
यह कार्यशाला 150 स्कूलों में चलेंगी। कला संस्कृति और भाषा विभाग ने उच्च गुणवत्ता वाले कलाकारों को बच्चों को नृत्य, संगीत थिएटर पेंटिंग आदि जैसे कला के रूप में काम करने के लिए प्रशिक्षकों के रूप में नियुक्त किया है। ये कार्यशालाएं सरकारी स्कूलों व आसपास के बच्चों के लिए भी खुली होंगी। स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वह बच्चों को इस कार्यशाला के बारे में बताएं। बच्चे और उनके माता-पिता इसके बारे में जागरूक हों और किसी कला को सीखें। जिन स्कूलों में कार्यशाला होगी उन स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वह बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करें।
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-विभिन्न अकादमियों के सहयोग से बच्चों को कलाओं में किया जाएगा पारंगत
-22 मई से 22 जून तक प्रत्येक दिन करीब तीन घंटे की लगाई जाएगी क्लास
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों के लिए मस्ती की पाठशाला लगेगी। इस पाठशाला में उन्हें संगीत, थियेटर, पेटिंग, नृत्य, मैथिली लेखन कला में प्रशिक्षित किया जाएगा। बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए शिक्षा निदेशालय दिल्ली की विभिन्न अकादमियों से सहयोग ले रहा है। यह कार्यशाला 22 मई से 22 जून तक सुबह 8:30 बजे से सुबह 11:30 बजे तक चलेगी। इससे बच्चों में सामाजिक और भावनात्मक विकास भी होगा।
सरकारी स्कूलों में 11 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश की शुरूआत हो रही है, यह 30 जून तक जारी रहेंगे। ऐसे में बच्चों को रचनात्मक सिखाने के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश आयोजित की जा रही है। इस वर्ष शिक्षा निदेशालय ने कला संस्कृति और भाषा विभाग के अंतर्गत आने वाली विभिन्न अकादमियों से सहयोग करने की पहल की है। विभिन्न संस्कृति क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले विभिन्न कला रूपों(नृत्य, गायन, पेटिंग, लेखन कला, थियेटर) में ग्रीष्मकालीन कार्यशाला में बच्चों को तीन घंटे इन कलाओं को सिखाएंगे। शिक्षा निदेशालय के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चे ग्रीष्मकालीन कार्यशालाओं में शामिल होते हैं जहां वे नए कौशल सीखते हैं। निजी संस्थाएं इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित करती हैं। निदेशालय का कहना है कि अपना समय व्यतीत करने व शौक को पूरा करने के लिए इन कलाओं में से किसी एक में बच्चों को जुडऩा चाहिए।
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150 स्कूलों में चलेगी कार्यशाला
यह कार्यशाला 150 स्कूलों में चलेंगी। कला संस्कृति और भाषा विभाग ने उच्च गुणवत्ता वाले कलाकारों को बच्चों को नृत्य, संगीत थिएटर पेंटिंग आदि जैसे कला के रूप में काम करने के लिए प्रशिक्षकों के रूप में नियुक्त किया है। ये कार्यशालाएं सरकारी स्कूलों व आसपास के बच्चों के लिए भी खुली होंगी। स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वह बच्चों को इस कार्यशाला के बारे में बताएं। बच्चे और उनके माता-पिता इसके बारे में जागरूक हों और किसी कला को सीखें। जिन स्कूलों में कार्यशाला होगी उन स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वह बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करें।
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