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उत्कृष्ट कार्य के लिए बाल कल्याण समिति सम्मानित
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उत्कृष्ट कार्य के लिए बाल कल्याण समिति सम्मानित
नूंह। गणतंत्र दिवस के मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा द्वारा सराहनीय कार्यों के लिए नूंह की बाल कल्याण समिति को सम्मानित किया गया। यह सम्मान बाल कल्याण के क्षेत्र में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए दिया गया। समिति ने बाल कल्याण के क्षेत्र में अपने कार्य में और भी अधिक तेजी लाने का संकल्प दोहराया।
समिति द्वारा दिए गए आंकडों के मुताबिक अपने मौजूदा कार्यकाल के दौरान समिति द्वारा बाल मजदूरी रोकने तथा बच्चों द्वारा भीख मांगने पर अंकुश लगाने में बेहतर कार्य किया गया है। वहीं दूसरी ओर समिति द्वारा परिवारों से बिछडे़ करीब दस बच्चों को उनके परिवारों से मिलवाया। इनमें दो बच्चे कई सालों से जिले के बाल गृह में रह रहे थे। एक बच्चा दिमागी रूप से कमजोर भी था।
समिति के चेयरमैन राजेश से मिली जानकारी के मुताबिक नूंह बाल कल्याण समिति द्वारा अब तक सौ से अधिक बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त करवाया गया। जिन्हें आवश्यक काउंसलिंग के बाद परिवार में भेजा गया। बाल मजदूरी करने वाले जिन बच्चों के स्कूलों में एडमिशन नहीं थे, उनके परिवारों को प्रेरित कर उनका एडमिशन कराया गया। बाल मजदूरी कराने वाले दुकानदारों के खिलाफ केस भी दर्ज कराए।
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समिति के सदस्य दिनेश, विनोद कुमार, संजय कुमार तथा ममता सिंह ने बताया कि जो लोग दुकानों, प्रतिष्ठानों या होटलों पर बच्चों से काम कराते पाए जाएंगे, उन पर केस दर्ज किया जाएगा। समिति नूंह की नई इकाई का गठन सितंबर 2019 में किया गया था। जिसमें चार मैंबर तथा एक चेयरपर्सन होता है।
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नूंह। गणतंत्र दिवस के मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा द्वारा सराहनीय कार्यों के लिए नूंह की बाल कल्याण समिति को सम्मानित किया गया। यह सम्मान बाल कल्याण के क्षेत्र में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए दिया गया। समिति ने बाल कल्याण के क्षेत्र में अपने कार्य में और भी अधिक तेजी लाने का संकल्प दोहराया।
समिति द्वारा दिए गए आंकडों के मुताबिक अपने मौजूदा कार्यकाल के दौरान समिति द्वारा बाल मजदूरी रोकने तथा बच्चों द्वारा भीख मांगने पर अंकुश लगाने में बेहतर कार्य किया गया है। वहीं दूसरी ओर समिति द्वारा परिवारों से बिछडे़ करीब दस बच्चों को उनके परिवारों से मिलवाया। इनमें दो बच्चे कई सालों से जिले के बाल गृह में रह रहे थे। एक बच्चा दिमागी रूप से कमजोर भी था।
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समिति के चेयरमैन राजेश से मिली जानकारी के मुताबिक नूंह बाल कल्याण समिति द्वारा अब तक सौ से अधिक बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त करवाया गया। जिन्हें आवश्यक काउंसलिंग के बाद परिवार में भेजा गया। बाल मजदूरी करने वाले जिन बच्चों के स्कूलों में एडमिशन नहीं थे, उनके परिवारों को प्रेरित कर उनका एडमिशन कराया गया। बाल मजदूरी कराने वाले दुकानदारों के खिलाफ केस भी दर्ज कराए।
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समिति के सदस्य दिनेश, विनोद कुमार, संजय कुमार तथा ममता सिंह ने बताया कि जो लोग दुकानों, प्रतिष्ठानों या होटलों पर बच्चों से काम कराते पाए जाएंगे, उन पर केस दर्ज किया जाएगा। समिति नूंह की नई इकाई का गठन सितंबर 2019 में किया गया था। जिसमें चार मैंबर तथा एक चेयरपर्सन होता है।