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Noida News: चाइल्ड पीजीआई को मिलेगी पानी रिसाव से राहत, 27 करोड़ की मंजूरी

Mon, 01 Dec 2025 07:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 07:18 PM IST
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Child PGI to get relief from water leakage, Rs 27 crore approved
चाइल्ड पीजीआई को मिलेगी पानी रिसाव से राहत, 27 करोड़ की मंजूरी
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पाइपलाइन में खराबी से जगह-जगह फव्वारे की तरह गिरता है पानी, बदबू और गंदगी से बुरा हाल
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। चाइल्ड पीजीआई में लंबे समय से चली आ रही बेसमेंट में पानी रिसाव की गंभीर समस्या को अब स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है। अस्पताल प्रशासन की लगातार मांग के बाद शासन स्तर से 27 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया गया है। संस्थान को अगले सप्ताह तक इस संबंध में आधिकारिक पत्र मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
चाइल्ड पीजीआई के बेसमेंट में वर्षों से पानी रिसाव की समस्या बनी हुई है। पाइपलाइन में खराबी के कारण जगह-जगह से पानी फव्वारे की तरह गिरता है। इससे न सिर्फ बदबू और गंदगी बढ़ती है, बल्कि मच्छरों के पनपने का भी खतरा बना रहता है। इसलिए प्रशासन समय-समय पर एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव कर राहत देने की कोशिश करता रहा है। लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। भवन में लगातार नमी और रिसाव रहने से स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।
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पिछले दिनों स्थिति इतनी खराब हो गई कि पानी का रिसाव ऑपरेशन थिएटर तक पहुंच गया। सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल में कई ऑपरेशन थिएटर अस्थायी रूप से बंद करने पड़े। इससे बच्चों की सर्जरी बाधित हुई और वेटिंग लिस्ट बढ़ गई। अस्पताल के सर्जिकल ग्राफ में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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संस्थान द्वारा बार-बार समस्या उठाए जाने के बाद शासन स्तर के अधिकारियों ने दौरा किया और स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम ने भवन का स्ट्रक्चरल ऑडिट किया। रिपोर्ट में बताया गया कि भवन की मरम्मत और रिसाव रोकने के लिए व्यापक कार्य योजना की आवश्यकता है, जिस पर लगभग 27 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस रिपोर्ट को आईआईटी रुड़की और निर्माण एजेंसी ने शासन को सौंप दिया, जिसके आधार पर बजट स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ी।


चाइल्ड पीजीआई के निदेशक डॉ. एके सिंह ने बताया कि शासन से जल्द ही औपचारिक पत्र मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बजट मिलते ही मरम्मत कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
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