{"_id":"66833d667e5275922b0d5d27","slug":"cheated-worth-rs-22-crore-in-23-states-in-the-name-of-share-trading-na-news-c-30-1-gbd1006-410506-2024-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर की \n\n\n\n23 राज्यों में 22 करोड़ की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर की 23 राज्यों में 22 करोड़ की ठगी
विज्ञापन
गाजियाबाद। साइबर अपराध थाना पुलिस ने सोमवार को साइबर अपराधियों के गिरोह के दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 23 राज्यों के 168 लोगों के साथ 22 करोड़ 42 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। गिरफ्तार किए गए चेतन शर्मा और राहुल साहू उर्फ सोनू की भूमिका ठगी की रकम जमा कराने के लिए बैंक खाते मुहैया कराने की थी। साथ ही, सोशल मीडिया पर लोगों को जाल में फंसाते थे।
गिरोह का सरगना हुसैन है, जो विदेश में है। वह खातों के बदले मथुरा के गोविंदनगर निवासी चेतन और राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी राहुल को क्रिप्टो करंसी और अमेरिकी डाॅलर में भुगतान करता था। दोनों के पास से पांच मोबाइल, एक लैपटॉप, छह डेबिट कार्ड, सिम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार पी. ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद की तीन घटनाओं का भी खुलासा हुआ है। कुशलपाल सिंह से 70 लाख, भगवंत कुमार सिंह बोरा से 24.81 लाख और राहुल राजा से 52.51 लाख रुपये की ठगी की गई थी। ठगी गई रकम में से 36 लाख की रिकवरी की जा चुकी है।
विज्ञापन
पूछताछ में दोनों शातिरों ने बताया कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से हुसैन के संपर्क में आए थे। बातचीत के बाद वह उन्हें काम देने लगा। वे लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम से फर्जी कंपनी खुलवाते थे। कंपनी के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। ये खाते हुसैन को बेच देते थे। हुसैन इनमें ठगी की रकम जमा कराकर निकाल लेता है।
इसके अलावा हुसैन से मिली वीडियो सोशल मीडिया पर डालते थे। ये वीडियो लोगों को शेयर ट्रेडिंग सिखाने की होती हैं। इनमें रूचि रखने वालों को ही जाल में फंसाया जाता है। वीडियो डालने के बदले भी रकम मिलती थी। दोनों के खातों में 15 लाख का लेनदेन मिला है।
मोटे मुनाफे का देते हैं लालच
दोनों ने बताया कि ऐसे सभी गिरोह शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को जाल में फंसाते हैं। इसके बाद उसे टेलीग्राम पर बने ग्रुप में जोड़ लेते हैं। फिर मोटे मुनाफे का लालच देते हैं। उनका वाॅलेट बनवा देते हैं। इसमें मुनाफा नजर आता है लेकिन उसे निकाल नहीं सकते। यह केवल आभासी होता है। वास्तव में वाॅलेट में एक रुपया भी नहीं होता है। जो इस खेल को समझ जाता है, उसे टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर देते हैं।
ठगों ने दुबई में किया सेमिनार
राहुल ने पूछताछ में बताया कि पिछले दिनों ठगों ने दुबई में सेमिनार किया। इसमें वे ठग शामिल हुए जो रहते विदेश में हैं और ठगी भारत के लोगों के साथ करते हैं। सेमिनार में थाईलैंड, इंडोनेशिया और नेपाल से ठग आए थे। ये ठग गिरोह आपस में एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं। इनमें आधे से ज्यादा शेयर ट्रेडिंग के नाम पर डिजिटल अरेस्ट करके ठगी करते हैं। राहुल का कहना था कि वह भी सेमिनार का हिस्सा बना।
कहां कितनी घटनाएं
उत्तर प्रदेश - सात
आंध्र प्रदेश - 12
बिहार - पांच
चंडीगढ़ - एक
दिल्ली - 14
गुजरात - 20
हरियाणा - तीन
कर्नाटक - 13
झारखंड - दो
मध्य प्रदेश - छह
महाराष्ट्र - 21
ओडिशा - पांच
तमिलनाडू - नौ
पश्चिमी बंगाल - नौ
(गिरोह ने अन्य राज्यों के लोगों को भी ठगा है)
विज्ञापन
गिरोह का सरगना हुसैन है, जो विदेश में है। वह खातों के बदले मथुरा के गोविंदनगर निवासी चेतन और राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी राहुल को क्रिप्टो करंसी और अमेरिकी डाॅलर में भुगतान करता था। दोनों के पास से पांच मोबाइल, एक लैपटॉप, छह डेबिट कार्ड, सिम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
विज्ञापन
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार पी. ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद की तीन घटनाओं का भी खुलासा हुआ है। कुशलपाल सिंह से 70 लाख, भगवंत कुमार सिंह बोरा से 24.81 लाख और राहुल राजा से 52.51 लाख रुपये की ठगी की गई थी। ठगी गई रकम में से 36 लाख की रिकवरी की जा चुकी है।
विज्ञापन
पूछताछ में दोनों शातिरों ने बताया कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से हुसैन के संपर्क में आए थे। बातचीत के बाद वह उन्हें काम देने लगा। वे लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम से फर्जी कंपनी खुलवाते थे। कंपनी के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। ये खाते हुसैन को बेच देते थे। हुसैन इनमें ठगी की रकम जमा कराकर निकाल लेता है।
इसके अलावा हुसैन से मिली वीडियो सोशल मीडिया पर डालते थे। ये वीडियो लोगों को शेयर ट्रेडिंग सिखाने की होती हैं। इनमें रूचि रखने वालों को ही जाल में फंसाया जाता है। वीडियो डालने के बदले भी रकम मिलती थी। दोनों के खातों में 15 लाख का लेनदेन मिला है।
मोटे मुनाफे का देते हैं लालच
दोनों ने बताया कि ऐसे सभी गिरोह शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को जाल में फंसाते हैं। इसके बाद उसे टेलीग्राम पर बने ग्रुप में जोड़ लेते हैं। फिर मोटे मुनाफे का लालच देते हैं। उनका वाॅलेट बनवा देते हैं। इसमें मुनाफा नजर आता है लेकिन उसे निकाल नहीं सकते। यह केवल आभासी होता है। वास्तव में वाॅलेट में एक रुपया भी नहीं होता है। जो इस खेल को समझ जाता है, उसे टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर देते हैं।
ठगों ने दुबई में किया सेमिनार
राहुल ने पूछताछ में बताया कि पिछले दिनों ठगों ने दुबई में सेमिनार किया। इसमें वे ठग शामिल हुए जो रहते विदेश में हैं और ठगी भारत के लोगों के साथ करते हैं। सेमिनार में थाईलैंड, इंडोनेशिया और नेपाल से ठग आए थे। ये ठग गिरोह आपस में एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं। इनमें आधे से ज्यादा शेयर ट्रेडिंग के नाम पर डिजिटल अरेस्ट करके ठगी करते हैं। राहुल का कहना था कि वह भी सेमिनार का हिस्सा बना।
कहां कितनी घटनाएं
उत्तर प्रदेश - सात
आंध्र प्रदेश - 12
बिहार - पांच
चंडीगढ़ - एक
दिल्ली - 14
गुजरात - 20
हरियाणा - तीन
कर्नाटक - 13
झारखंड - दो
मध्य प्रदेश - छह
महाराष्ट्र - 21
ओडिशा - पांच
तमिलनाडू - नौ
पश्चिमी बंगाल - नौ
(गिरोह ने अन्य राज्यों के लोगों को भी ठगा है)