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यमुना एक्सप्रेसवे पर लेन तोड़ी तो कटेंगे चालान
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ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर अब यदि कोई वाहन चालक लेन तोड़कर दूसरी में जाएगा तो उसका चालान काटा जाएगा। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि जल्द ही चार थानों को स्थापित कराते हुए एंबुलेंस और गश्त करने के लिए गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। पुलिस गश्त करेगी तो किसी भी वाहन को सड़क किनारे खड़ा नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावा रंबल स्ट्रिप भी और अधिक लगाए जाएंगे। आईआईटी से फिर अध्ययन कराकर हादसों का कारण जाना जाएगा।
सीईओ ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद जेपी प्रबंधन के साथ बैठक कर सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन कराने के लिए योजना बनाई गई। अब लेन तोड़कर दूसरी में जाने वाले वाहनों के चालान काटे जाएंगे। गलत तरीके से ओवरटेक व दूसरी लेन पर कब्जा करके चलना भी नियम तोड़ना माना जाएगा। इन वाहनों ने यदि तीन से अधिक बार नियम तोड़े तो एक्सप्रेसवे पर चलना प्रतिबंधित कराने की भी योजना है। एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्ड और कंक्रीट के दूरीसूचक पोल भी हटाकर क्रैश बीम के बाहर लगवाए जाएंगे। अभी तक 185 किमी में 58 स्थानों पर रंबल स्ट्रिप लगवाए गए हैं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। यह उन स्थानों पर लगवाए जाएंगे जहां पर हादसे अधिक होते हैं।
ज्यादा ओवरलोड वाहनों को नहीं मिलेगी एंट्री
सीईओ ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर हादसों को देखते हुए जल्द ही ज्यादा ओवरलोड वाहनों को रोकने की भी योजना बनाई जाएगी। प्रयास होगा कि ओवरलोड वाहनों को एंट्री ही न दी जाए। इससे ओवरलोड का प्रचलन घटेगा और हादसों की संख्या में भी कमी आएगी।
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मुख्यमंत्री की सड़क सुरक्षा बैठक में छाया रहा हादसा, शोक जताया
प्रदेश भर के एक्सप्रेसवे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को लखनऊ में सभी प्रबंधन के साथ बैठक की। इसमें यमुना एक्सप्रेसवे पर आए दिन होने वाले हादसों पर भी उन्होंने जानकारी मांगी। साथ ही, पांच लोगों की मौत मामले पर उन्होंने शोक भी जताया। यमुना प्राधिकरण के सीईओ और जेपी प्रबंधन की ओर से थाने और एंबुलेंस के अलावा गश्त बढ़ाने की बात रखी गई। मुख्यमंत्री ने सीईओ को निर्देश दिए कि यमुना एक्सप्रेसवे पर नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसके बाद ही हादसों पर लगाम लग सकेगी। ब्यूरो
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सीईओ ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद जेपी प्रबंधन के साथ बैठक कर सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन कराने के लिए योजना बनाई गई। अब लेन तोड़कर दूसरी में जाने वाले वाहनों के चालान काटे जाएंगे। गलत तरीके से ओवरटेक व दूसरी लेन पर कब्जा करके चलना भी नियम तोड़ना माना जाएगा। इन वाहनों ने यदि तीन से अधिक बार नियम तोड़े तो एक्सप्रेसवे पर चलना प्रतिबंधित कराने की भी योजना है। एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्ड और कंक्रीट के दूरीसूचक पोल भी हटाकर क्रैश बीम के बाहर लगवाए जाएंगे। अभी तक 185 किमी में 58 स्थानों पर रंबल स्ट्रिप लगवाए गए हैं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। यह उन स्थानों पर लगवाए जाएंगे जहां पर हादसे अधिक होते हैं।
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ज्यादा ओवरलोड वाहनों को नहीं मिलेगी एंट्री
सीईओ ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर हादसों को देखते हुए जल्द ही ज्यादा ओवरलोड वाहनों को रोकने की भी योजना बनाई जाएगी। प्रयास होगा कि ओवरलोड वाहनों को एंट्री ही न दी जाए। इससे ओवरलोड का प्रचलन घटेगा और हादसों की संख्या में भी कमी आएगी।
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मुख्यमंत्री की सड़क सुरक्षा बैठक में छाया रहा हादसा, शोक जताया
प्रदेश भर के एक्सप्रेसवे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को लखनऊ में सभी प्रबंधन के साथ बैठक की। इसमें यमुना एक्सप्रेसवे पर आए दिन होने वाले हादसों पर भी उन्होंने जानकारी मांगी। साथ ही, पांच लोगों की मौत मामले पर उन्होंने शोक भी जताया। यमुना प्राधिकरण के सीईओ और जेपी प्रबंधन की ओर से थाने और एंबुलेंस के अलावा गश्त बढ़ाने की बात रखी गई। मुख्यमंत्री ने सीईओ को निर्देश दिए कि यमुना एक्सप्रेसवे पर नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसके बाद ही हादसों पर लगाम लग सकेगी। ब्यूरो