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धरना देने जाते किसानों को दौड़ाकर पकड़ा, पुलिस के साथ धक्कामुक्की

Thu, 02 Sep 2021 01:36 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 01:36 AM IST
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Caught farmers on their way to protest , scuffle with police
किसानों को पकड़ने की कोशिश करते पुलिसकर्मी।
नोएडा। आबादी निस्तारण समेत अन्य मांगों के लिए बुधवार को सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण दफ्तर पर धरना देने जा रहे 300 से अधिक किसानों को हरौला के पास पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान एक घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पुलिस ने पकड़ा। इससे पुलिस और किसानों में धक्कामुक्की भी हुई। एक महिला बेहोश भी हो गई। इसके बाद हिरासत में लिए गए किसानों को बसों में भरकर पुलिस लाइन लाया गया। हालांकि, देर शाम ज्यादातर किसानों को छोड़ दिया गया, लेकिन 33 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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आबादी निस्तारण व अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान परिषद के बैनर तले 81 गांवों के किसानों ने धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इनमें किसानों के कई संगठनों ने समर्थन दिया था। ऐसे में प्राधिकरण दफ्तर से लेकर आसपास के इलाकों में अर्द्धसैनिक बल के साथ तीन सौ से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। प्राधिकरण के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी। सुबह हरौला व संदीप पेपर मिल के पास करीब तीन सौ से अधिक किसान पहुंच गए। इनमें महिलाएं भी काफी संख्या में थीं। पुलिस ने जब उन्हें प्राधिकरण दफ्तर की ओर जाने से रोका तो किसान सड़क पर बैठ गए। करीब आधे घंटे तक किसान वहां बैठे रहे।
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पुलिस अधिकारियों से बातचीत में किसान मानने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में लेना शुरू किया तो हंगामा हो गया। जब पुलिसकर्मी किसानों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाने लगे, तो धक्कामुक्की शुरू हो गई। थोड़ी देर में पुलिस बल ने सभी किसानों को बसों में बिठा दिया और सूरजपुर पुलिस लाइन लेकर आ गए। इस दौरान किसान नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। किसानों ने अपनी मांग को मनवाने के लिए आगे भी लड़ाई जारी रखने की बात कही। हिरासत में लिए जाने के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को महिला प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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उद्योग मार्ग समेत कई रास्ते बंद
प्राधिकरण पर किसानों के धरना प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने कई रास्तों को मंगलवार रात से ही बंद कर दिया था। गोलचक्कर से झुंडपुरा आने जाने वाले उद्योग मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई थी। इसके अलावा संदीप पेपर मिल, हरौला, सेक्टर-6,7,8 से लेकर कई अन्य स्थानों पर भी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित था। इससे कई स्थानों पर जाम लग गया।
ऑफिस जाने वाले लोग रहे परेशान
प्राधिकरण दफ्तर के आसपास काफी संख्या में फैक्ट्रियां और कंपनियां हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। बुधवार सुबह बारिश के बीच जब काम करने वाले लोग ऑफिस आने लगे तो जगह-जगह बैरिकेडिंग होने से रास्ता बंद था। वहां से निजी वाहन या अन्य सार्वजनिक वाहन को जाने की इजाजत नहीं थी। इस कारण पैदल ही लोगों को गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। बारिश के दौरान इससे लोगों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा।
शहर के एंट्री प्वाइंट पर भी जांच
बुधवार सुबह शहर के एंट्री प्वाइंट पर भी पुलिस ने वाहनों की चेकिंग की। पुलिस को अंदेशा था कि सुबह के वक्त किसानों का जत्था बनाकर प्राधिकरण दफ्तर पहुंचेंगे। इस कारण पुलिस अधिकारियों की निगरानी में यह अभियान चलाया गया। इस कारण कोई भी किसान संगठन के लोग शहर में दाखिल नहीं हो पाए। सभी थाना क्षेत्रों में छह से सात ऐसे चेकिंग प्वाइंट बनाए गए थे।
प्राधिकरण पर प्रदर्शन करने जा रहे 300 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया है। किसानों को प्राधिकरण दफ्तर तक नहीं पहुंचने दिया गया। जनपद में धारा-144 लागू होने के बाद किसी तरह के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा
प्रदर्शनकारी किसानों पर भारी पड़ी पुलिस की रणनीति
नोएडा। प्रदर्शनकारी किसानों पर पुलिस की रणनीति इस बार भारी पड़ी। पहली बार किसान धरना प्रदर्शन देने प्राधिकरण कार्यालय तक नहीं पहुंच पाए। अब तक किसान घोषणा के अनुसार प्राधिकरण पहुंचकर कई दिनों तक धरनारत रहते हैं। इस बार पुलिस ने अभेद्य सुरक्षा प्लान तैयार कर प्राधिकरण के आसपास चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों को तैनात कर एक-एक कट को सील कर दिया था। प्राधिकरण से करीब एक किलोमीटर दूर ही किसानों को रोककर पुलिस लाइन भेज दिया गया। ऐसे में एक घंटे में सड़क खाली हो गई।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि जिले में धारा-144 लागू है। ऐसे में किसी तरह के प्रदर्शन पर रोक है। इस बारे में किसान संगठनों से बातचीत भी की गई थी। इसके बावजूद वह प्रदर्शन करने आ गए। इस कारण प्राधिकरण के आसपास चार से पांच किलोमीटर तक के रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाने से लेकर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। प्राधिकरण के आसपास गोलचक्कर से लेकर सेक्टर-6 पुलिस चौकी, संदीप पेपर मिल, हरौला, सेक्टर-7, 8, झुंडपुरा से लेकर अन्य स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इसके अलावा शहर में एंट्री करने वाले हर वाहन पर पुलिस की नजर थी। इस योजना के सफल होने के बाद अब पुलिस इसे आगे होने वाले आंदोलनों व प्रदर्शनों के दौरान भी आजमाएगी।
38 प्वाइंट पर गेट लगाने के लिए प्राधिकरण से बात
एडीसीपी ने बताया कि प्राधिकरण के दफ्तर के आसपास ऐसे 38 प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं जहां से प्रदर्शनकारी पहुंच सकते हैं। इन प्वाइंट पर स्थायी गेट लगाने को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। गेट लग जाते हैं तो आने वाले दिनों में इस तरह के धरना प्रदर्शन के लिए प्राधिकरण तक पहुंच पाना मुश्किल होगा।

प्राधिकरण का मुख्य गेट अर्द्धसैनिक बलों से सहारे
उद्योग मार्ग से प्राधिकरण के मुख्य गेट से ही प्रदर्शनकारी अंदर घुसते हैं। इस बार प्राधिकरण के मुख्य गेट पर अर्द्धसैनिक बल के जवानों को तैनात कर दिया गया था। साथ ही, उद्योग मार्ग का रास्ता सुबह बंद था। इस कारण प्राधिकरण के मुख्य गेट तक कोई पहुंच ही नहीं पाया।

 हरौला के पास प्रर्दशन कर रहे किसानों को बस में ले जाती पुलिस।

हरौला के पास प्रर्दशन कर रहे किसानों को बस में ले जाती पुलिस।

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