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Noida News: एओए में बढ़ रहे वित्तीय गड़बड़ियों के मामले
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-नोफा ने डिप्टी रजिस्ट्रार को एओए की वित्तीय ऑडिट से संबंधित दिशा निर्देश जारी करने को लिखा पत्र
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सोसाइटियों में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) के वित्तीय गड़बड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। अधिकतर मामले दो पक्षों के बीच विवाद के हैं। नोएडा फेडरेशन आफ अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (नोफा) ने डिप्टी रजिस्ट्रार को पत्र लिख ऑडिट संबंधी दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है।
बता दें कि बीते दिनों में नोफा के पास वित्तीय मामलों में गड़बडी से संबंधित चार शिकायत दर्ज हुईं। एओए पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए और लाखों रुपये की हेराफेरी की बात कही गई। ऑडिट से संबंधित कोई दिशा निर्देश नहीं हैं। शिकायत मिलने पर डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से नियुक्त अधिकारी या बाहरी एजेंसियां जांच करतीं हैं। ऑडिट के वक्त एओए बिंदुवार दस्तावेज देने में असमर्थ नजर आती है। नोफा अध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि जिन बिंदुओं पर एओए की बैलेंस सीट ऑडिट होनी चाहिए वह डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से तय की जाए तो एओए खुद भी उन्हीं बिंदुओं पर ऑडिट करा पाएंगी। यूपी अपार्टमेंट एक्ट में भी ऑडिट से संबंधित कोई मानदंड नहीं हैं। यह सोसाइटियों में बढ़ रहे आंतरिक विवादों को खत्म करने या निपटाने के लिए बेहद जरूरी है। दिशा निर्देश होने पर जीबीएम के माध्यम से भी ऑडिट शीट को निवासियों के सामने हर बिंदु पर रखा जा सकेगा। डिप्टी रजिस्ट्रार को इस विषय पर जल्द ही दिशा निर्देश जारी करने चाहिए।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सोसाइटियों में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) के वित्तीय गड़बड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। अधिकतर मामले दो पक्षों के बीच विवाद के हैं। नोएडा फेडरेशन आफ अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (नोफा) ने डिप्टी रजिस्ट्रार को पत्र लिख ऑडिट संबंधी दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है।
बता दें कि बीते दिनों में नोफा के पास वित्तीय मामलों में गड़बडी से संबंधित चार शिकायत दर्ज हुईं। एओए पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए और लाखों रुपये की हेराफेरी की बात कही गई। ऑडिट से संबंधित कोई दिशा निर्देश नहीं हैं। शिकायत मिलने पर डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से नियुक्त अधिकारी या बाहरी एजेंसियां जांच करतीं हैं। ऑडिट के वक्त एओए बिंदुवार दस्तावेज देने में असमर्थ नजर आती है। नोफा अध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि जिन बिंदुओं पर एओए की बैलेंस सीट ऑडिट होनी चाहिए वह डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से तय की जाए तो एओए खुद भी उन्हीं बिंदुओं पर ऑडिट करा पाएंगी। यूपी अपार्टमेंट एक्ट में भी ऑडिट से संबंधित कोई मानदंड नहीं हैं। यह सोसाइटियों में बढ़ रहे आंतरिक विवादों को खत्म करने या निपटाने के लिए बेहद जरूरी है। दिशा निर्देश होने पर जीबीएम के माध्यम से भी ऑडिट शीट को निवासियों के सामने हर बिंदु पर रखा जा सकेगा। डिप्टी रजिस्ट्रार को इस विषय पर जल्द ही दिशा निर्देश जारी करने चाहिए।
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