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सीएम के पोस्टर फाड़ने और पंचायत करने वाले 206 पर केस

Mon, 20 Sep 2021 01:23 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 01:23 AM IST
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Case on 206 for tearing CM's poster and doing Panchayat
जारचा के प्यावली गांव में आयोजित पंचायत में मौजूद लोग। संवाद - फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा/दादरी। मुख्यमंत्री के पोस्टर फाड़ने और रविवार को धारा-144 तोड़कर प्यावली गांव में पंचायत करने वालों पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की है। दादरी पुलिस ने पोस्टर फाड़ने के मामले में छह आरोपियों और जारचा पुलिस ने पंचायत करने वाले करणी सेना व राजपूत समाज के 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पंचायत करने वालों की पुलिस ने वीडियो रिकार्डिंग की है। इसकी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी करेगी। वहीं, पोस्टर फाड़ने के मामले में विपिन नागर को नामजद किया गया है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों की तलाश की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को दादरी के मिहिर भोज कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर व अन्य नेताओं के जीटी रोड और रेलवे रोड पर होर्डिंग-बैनर लगे हैं। आरोप है कि जीटी रोड के अंशु स्कूल के पास व रेलवे रोड पर लगे बैनर रेलवे रोड निवासी विपिन नागर ने फाड़ दिए। सोशल मीडिया आदि से इसकी जानकारी मिलने पर भाजपा कार्यकर्ता सतेंद्र सिंह पहुंच गए, लेकिन मौके पर विपिन नहीं मिला। इसके बाद सतेंद्र ने विपिन को नामजद कराते हुए कोतवाली में मामला दर्ज करवा दिया। वहीं, रूपवास निवासी रविंद्र कुमार ने कूड़ी खेड़ा के करतार सिंह, अनिल, लोकेश, मोहित और श्याम सिंह भाटी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 505 और 407 के अंतर्गत केस दर्ज कराया है। साथ ही, रविवार को जारचा के प्यावली गांव में पंचायत करने वाले 200 अज्ञात लोगों पर धारा-144 और कोविड नियमों के उल्लंघन पर महामारी एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
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नागरिक कर रहे भाईचारे की अपील
राजपूत व गुर्जर दोनों समाजों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग कह रहे हैं कि महापुरुष किसी जाति विशेष के नहीं होते, बल्कि वह सर्व समाज के होते हैं। विरोध को शांत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर अपील कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि लोग जाति को लेकर आपस में भेदभाव पैदा न करेें और भाईचारा कायम रखें।
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भाजपाई बोले-विपक्षी कर रहे विरोध, सपाई बोले-जातिगत राजनीति नहीं करते
फाड़े गए पोस्टर के संबंध में दादरी विधायक तेजपाल नागर का कहना है कि विपक्षी पार्टी से जुड़े चंद लोग विरोध कर रहे हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार भाटी का कहना है कि उनकी पार्टी जातिगत राजनीति नहीं करती। उनकी पार्टी जनता की समस्या और सवाल उठाती है। वही सवाल उन्होंने उठाए हैं।
पंचायत कर सम्राट मिहिर भोज के नाम से पहले गुर्जर लिखने का किया विरोध
जारचा। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने रविवार को पंचायत कर सम्राट मिहिर भोज के नाम के पहले गुर्जर लिखे जाने पर विरोध जताया है। प्यावली गांव में करीब दो घंटे चली पंचायत के बाद एसीपी को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा गया। पंचायत में दावा किया गया कि सम्राट मिहिर भोज लक्ष्मणवंशी राजपूत थे। इससे पहले पत्थर वाले मंदिर पर बुलाई गई पंचायत स्थल के आसपास पुलिस की मौजूदगी के कारण लोग पहुंच नहीं पाए। बाद में बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदान के गेट का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए और वहीं पंचायत करने लगे। पंचायत में दिल्ली, हरियाणा, मेरठ और हापुड़ से आए करणी सेना के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
प्यावली गांव के पत्थर वाले मंदिर पर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने रविवार सुबह 10 बजे पंचायत बुलाई थी। सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई। पत्थर वाले मंदिर पर भारी मात्रा में पुलिस तैनात थी। वहां से दो लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया गया। मंदिर आने वाले सभी रास्तों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अचानक सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में लोगों का जत्था प्यावली गांव के रामलीला मैदान का गेट का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हो गया। सूचना मिलने पर एसीपी दादरी नितिन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ को समझाने का प्रयास करने लगे। लोग वह नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। एक बजे तक भाषण और नारेबाजी के बीच पंचायत चलती रही। जिसके बाद करणी सेना के पदाधिकारियों ने एसीपी दादरी नितिन कुमार को ज्ञापन सौंपा।

बिसाहड़ा में पंचायत बुलाना चाहती थी करणी सेना
करणी सेना पहले बिसाहड़ा गांव में पंचायत बुलाना चाहती थी। ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह शिशौदिया के मना करने पर प्यावली गांव को चुना गया। हालांकि प्यावली गांव प्रधान ने भी अपना विरोध जताया है। रविवार को जब करणी सेना के कार्यकर्ता एक साथ प्यावली के रामलीला मैदान के गेट का ताला तोड़कर प्रवेश करने लगे तो ग्राम प्रधान के पति रिंकू ने इसका विरोध किया। आरोप है कि लोगों ने उनसे अभद्रता की गई।
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