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बस मार्शल मामला : आप विधायकों पर विजेंद्र गुप्ता ने लगाया हाथापाई व अभद्रता का आरोप
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सौरभ भारद्वाज, कुलदीप कुमार, जरनैल व रोहित के खिलाफ पुलिस को शिकायत
विजेंद्र गुप्ता ने कहा- आप ने औपचारिकता पूरी करने के लिए कैबिनेट नोट बनाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि शनिवार को भाजपा विधायकों के साथ मुख्यमंत्री आतिशी को मार्शलों के मुद्दे पर ज्ञापन सौंपने के बाद जब वे बाहर आए तो सचिवालय परिसर में आप विधायकों और असामाजिक तत्वों ने उनसे अभद्रता व हाथापाई की। राजनिवास से बाहर निकलने पर मंत्री सौरभ भारद्वाज, विधायक कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और रोहित महरोलिया ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर हमला किया। इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस से करके एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डीटीसी के 10 हजार बस मार्शलों को पिछले साल 11 अक्तूबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर नौकरी से बिना कारण बताए हटा दिया गया। नौकरी से हटाने से पहले 5-6 महीने तक वेतन ही नहीं मिला। मार्शलों को वेतन देने का अधिकार तत्कालीन वित्त मंत्री आतिशी के अधिकार क्षेत्र में था। उन्होंने जानबूझकर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया और फाइल उपराज्यपाल को भेज दी। शनिवार को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में सरकार की तरफ से सहयोग नहीं मिला। बैठक में विपक्षी विधायकों के दबाव में सरकार की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय में औपचारिकता पूरी करने के लिए कैबिनेट नोट बना दिया गया। इस नोट पर मंत्रियों के हस्ताक्षर तक नहीं थे और न ही भाजपा विधायकों की ओर से दिए ज्ञापन की किसी भी मांग को शामिल किया गया।
भाजपा विधायक दल की मुख्यमंत्री से मांग
1. सभी बस मार्शलों को तुरंत नियुक्त किया जाए।
2. सेवाओं को उनकी प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से नियमित किया जाए।
3. कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सभी को स्थायी नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।
4. हर वर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को वार्षिक वेतन वृद्धि भी लागू की जाए।
5. मानदेय के बजाय वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
6. नियमों के अनुसार आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
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विजेंद्र गुप्ता ने कहा- आप ने औपचारिकता पूरी करने के लिए कैबिनेट नोट बनाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि शनिवार को भाजपा विधायकों के साथ मुख्यमंत्री आतिशी को मार्शलों के मुद्दे पर ज्ञापन सौंपने के बाद जब वे बाहर आए तो सचिवालय परिसर में आप विधायकों और असामाजिक तत्वों ने उनसे अभद्रता व हाथापाई की। राजनिवास से बाहर निकलने पर मंत्री सौरभ भारद्वाज, विधायक कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और रोहित महरोलिया ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर हमला किया। इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस से करके एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डीटीसी के 10 हजार बस मार्शलों को पिछले साल 11 अक्तूबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर नौकरी से बिना कारण बताए हटा दिया गया। नौकरी से हटाने से पहले 5-6 महीने तक वेतन ही नहीं मिला। मार्शलों को वेतन देने का अधिकार तत्कालीन वित्त मंत्री आतिशी के अधिकार क्षेत्र में था। उन्होंने जानबूझकर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया और फाइल उपराज्यपाल को भेज दी। शनिवार को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में सरकार की तरफ से सहयोग नहीं मिला। बैठक में विपक्षी विधायकों के दबाव में सरकार की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय में औपचारिकता पूरी करने के लिए कैबिनेट नोट बना दिया गया। इस नोट पर मंत्रियों के हस्ताक्षर तक नहीं थे और न ही भाजपा विधायकों की ओर से दिए ज्ञापन की किसी भी मांग को शामिल किया गया।
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भाजपा विधायक दल की मुख्यमंत्री से मांग
1. सभी बस मार्शलों को तुरंत नियुक्त किया जाए।
2. सेवाओं को उनकी प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से नियमित किया जाए।
3. कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सभी को स्थायी नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।
4. हर वर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को वार्षिक वेतन वृद्धि भी लागू की जाए।
5. मानदेय के बजाय वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
6. नियमों के अनुसार आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।