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दो माह में काम पूरे कर खरीदारों को पजेशन दे बिल्डर
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दो माह में काम पूरे कर खरीदारों को पजेशन दे बिल्डर
ग्रेटर नोएडा। गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड बिल्डर से जुडे़ 38 मामलों में यूपी रेरा ने शुक्रवार को सुनवाई की। बिल्डर को दो माह में अधूरे कार्यों को पूरा कर खरीदारों के नाम रजिस्ट्री कर पजेशन देने का आदेश दिया है। इस अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यूपी रेरा में शुक्रवार को कुल 49 मामलों की सुनवाई की गई। सदस्य बलविंदर कुमार ने गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड से जुड़े 38 मामलों की सुनवाई करते हुए दो मामलों का निस्तारण कर दिया। शेष 36 के संबंध में सभी कार्यवाही पूरी करने के लिए बिल्डर को दो माह का समय दिया है। परियोजना से जुड़े खरीदारों ने यूपी रेरा प्राधिकरण से शिकायत करते हुए बताया था कि बिल्डर ने वर्ष 2017 तक कब्जा देने का वायदा किया था। उन्होंने निर्माण कार्य में देरी के साथ गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। कहा कि परियोजना में क्लब, जिम, स्वीमिंग पूल आदि सुविधाओं का अभाव है। परियोजना का अधिभोग प्रमाण पत्र अब भी प्राप्त नहीं किया गया है। यूपी रेरा के कानूनी सलाहकार राज सिंह ने बताया कि बिल्डर ने परियोजना के फेस वन का अधिभोग प्रमाण पत्र, अग्निशमन विभाग सहित अन्य जरूरी दस्तावेज अभी हासिल नहीं किए हैं।
रजिस्ट्री के बिना ही दिया पजेशन
सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि बिल्डर ने कुछ खरीदारों को बगैर रजिस्ट्री फ्लैटों पर कब्जा दे दिया है। पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि दो माह के समय अंतराल में बिल्डर को समस्त विभागों से दस्तावेज व जरूरी प्रमाण पत्र प्राप्त कर खरीदारों को फ्लैटों की रजिस्ट्री करनी होगी। सुनवाई के दौरान यूपी रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने परियोजना का निरीक्षण करने की बात भी कही। इस बीच कंसीलेशन फोरम के कंसीलेटर आरडी पालिवाल खरीदारों और बिल्डर के बीच सुलह समझौता कराने का भी प्रयास करेंगे।
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बिल्डर प्रतिनिधि को चेतावनी दी गई है कि यदि दो माह में व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई गई तो इन मामलों की सुनवाई दोबारा कर कार्रवाई की जाएगी।
बलविंदर कुमार, सदस्य, यूपी रेरा
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ग्रेटर नोएडा। गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड बिल्डर से जुडे़ 38 मामलों में यूपी रेरा ने शुक्रवार को सुनवाई की। बिल्डर को दो माह में अधूरे कार्यों को पूरा कर खरीदारों के नाम रजिस्ट्री कर पजेशन देने का आदेश दिया है। इस अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यूपी रेरा में शुक्रवार को कुल 49 मामलों की सुनवाई की गई। सदस्य बलविंदर कुमार ने गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड से जुड़े 38 मामलों की सुनवाई करते हुए दो मामलों का निस्तारण कर दिया। शेष 36 के संबंध में सभी कार्यवाही पूरी करने के लिए बिल्डर को दो माह का समय दिया है। परियोजना से जुड़े खरीदारों ने यूपी रेरा प्राधिकरण से शिकायत करते हुए बताया था कि बिल्डर ने वर्ष 2017 तक कब्जा देने का वायदा किया था। उन्होंने निर्माण कार्य में देरी के साथ गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। कहा कि परियोजना में क्लब, जिम, स्वीमिंग पूल आदि सुविधाओं का अभाव है। परियोजना का अधिभोग प्रमाण पत्र अब भी प्राप्त नहीं किया गया है। यूपी रेरा के कानूनी सलाहकार राज सिंह ने बताया कि बिल्डर ने परियोजना के फेस वन का अधिभोग प्रमाण पत्र, अग्निशमन विभाग सहित अन्य जरूरी दस्तावेज अभी हासिल नहीं किए हैं।
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रजिस्ट्री के बिना ही दिया पजेशन
सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि बिल्डर ने कुछ खरीदारों को बगैर रजिस्ट्री फ्लैटों पर कब्जा दे दिया है। पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि दो माह के समय अंतराल में बिल्डर को समस्त विभागों से दस्तावेज व जरूरी प्रमाण पत्र प्राप्त कर खरीदारों को फ्लैटों की रजिस्ट्री करनी होगी। सुनवाई के दौरान यूपी रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने परियोजना का निरीक्षण करने की बात भी कही। इस बीच कंसीलेशन फोरम के कंसीलेटर आरडी पालिवाल खरीदारों और बिल्डर के बीच सुलह समझौता कराने का भी प्रयास करेंगे।
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बिल्डर प्रतिनिधि को चेतावनी दी गई है कि यदि दो माह में व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई गई तो इन मामलों की सुनवाई दोबारा कर कार्रवाई की जाएगी।
बलविंदर कुमार, सदस्य, यूपी रेरा