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बाइक बोट फर्जीवाड़ा : न्यायालय के बाद ईओडब्ल्यू के पास भी पहुंचा सीबीआई का पत्र
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ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े में 11 केस के स्थानांतरण के लिए सीबीआई का पत्र जिला अदालत के बाद आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ के पास भी पहुंच गया है। जल्द केस स्थानांतरित हो जाएंगे और सीबीआई जांच शुरू करेगी। वहीं, कुछ केस में आरोपियों की फर्जीवाड़े से एकत्रित की गई संपत्ति के बारे में भी जानकारी दी गई है। एक केस में बीएन तिवारी को मुख्य आरोपी संजय भाटी से भी बड़ा सरगना बताया गया है।
फर्जीवाड़े का पहला केस जयपुर के सुनील मीणा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। इसके बाद कई दर्ज किए गए। तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने मामले की सीबीआई की जांच के लिए प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर सिफारिश की थी। इसी का नतीजा है कि अब इस मामले में सीबीआई ने केस दर्ज किया है।
मामले के दादरी कोतवाली में फिलहाल 116 केस दर्ज हैं। इनकी जांच ईओडब्ल्यू मेरठ कर रही थी। इनमें से ही 11 केस की जांच अब सीबीआई करेगी। इसी केस में संजय भाटी, बीएन तिवारी समेत 15 आरोपियों को नामजद किया गया है। धरनारत मुन्ना बालियान का कहना है कि सीबीआई के ईमानदार अधिकारी पूरे मामले की गहनता से जांच करेंगे।
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अनियमित जमा पाबंदी योजना अधिनियम-2019 की धारा बढ़ाने की मांग
पीड़ितों की लड़ाई लड़ रहे मदनलाल आजाद का कहना है कि मामले में अनियमित जमा पाबंदी योजना अधिनियम-2019 की धाराएं बढ़ाई जानी चाहिए। इनकी धारा बढ़ने से छह माह के भीतर जांच पूरी करनी होगी। वहीं, पीड़ितों का केस लड़ने में रुपये खर्च नहीं होेंगे और आरोपियों की संपत्ति से पीड़ितों के रुपये भी वापस मिल सकेंगे। आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलेगी।
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फर्जीवाड़े का पहला केस जयपुर के सुनील मीणा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। इसके बाद कई दर्ज किए गए। तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने मामले की सीबीआई की जांच के लिए प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर सिफारिश की थी। इसी का नतीजा है कि अब इस मामले में सीबीआई ने केस दर्ज किया है।
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मामले के दादरी कोतवाली में फिलहाल 116 केस दर्ज हैं। इनकी जांच ईओडब्ल्यू मेरठ कर रही थी। इनमें से ही 11 केस की जांच अब सीबीआई करेगी। इसी केस में संजय भाटी, बीएन तिवारी समेत 15 आरोपियों को नामजद किया गया है। धरनारत मुन्ना बालियान का कहना है कि सीबीआई के ईमानदार अधिकारी पूरे मामले की गहनता से जांच करेंगे।
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अनियमित जमा पाबंदी योजना अधिनियम-2019 की धारा बढ़ाने की मांग
पीड़ितों की लड़ाई लड़ रहे मदनलाल आजाद का कहना है कि मामले में अनियमित जमा पाबंदी योजना अधिनियम-2019 की धाराएं बढ़ाई जानी चाहिए। इनकी धारा बढ़ने से छह माह के भीतर जांच पूरी करनी होगी। वहीं, पीड़ितों का केस लड़ने में रुपये खर्च नहीं होेंगे और आरोपियों की संपत्ति से पीड़ितों के रुपये भी वापस मिल सकेंगे। आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलेगी।