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Noida News: सावधान... हल्दी पाउडर में मिला केमिकल, बोतलबंद पानी में थे गंदे बैक्टीरिया

Sat, 20 Sep 2025 02:12 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 20 Sep 2025 02:12 AM IST
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Beware... Turmeric powder contains chemicals, bottled water contains harmful bacteria
लखनऊ। ऐशबाग इलाके में पैक होने वाला हल्दी पाउडर और काकोरी में बोतलबंद पानी जांच में बेहद खराब निकला है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच रिपोर्ट में हल्दी पाउडर में खतरनाक केमिकल मिलाने की पुष्टि हुई है। वहीं, बोतलबंद पानी में नुकसानदायक कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले हैं। दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
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एफएसडीए के सहायक आयुक्त द्वितीय विजय प्रताप सिंह ने बताया कि ऐशबाग में वाटर वर्क्स रोड स्थित ईकॉन ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड से 7 मार्च को सैंपल लेकर जांच के लिए आगरा स्थित खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया था। छह महीने बाद आई जांच रिपोर्ट में हल्दी पाउडर में लेड क्रोमेट की उपस्थिति पाई गई, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
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इसके अलावा 27 मई को मोहान रोड काकोरी स्थित वाईपीएस फूड इंडस्ट्रीज से बोतलबंद पानी का नमूना लेकर लखनऊ की खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया था। चौथे महीने में आई जांच रिपोर्ट में पानी में कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया समेत अन्य कमियां पाई गई हैं। पीने के पानी को भी असुरक्षित व अधोमानक घोषित किया गया है।
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सहायक आयुक्त ने बताया कि थानाध्यक्ष तालकटोरा व काकोरी को पत्र लिखकर दोनों प्रतिष्ठानों को बंद कराने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा इन प्रतिष्ठानों के कारोबारियों को सात दिन के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।

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शरीर के लिए घातक हैं मिलावटी पदार्थ

केजीएमयू में मेडिसिन विभाग के डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि लेड, क्रोमाइट और पॉलीफॉर्म बैक्टीरिया हमारे शरीर के लिए बेहद खतरनाक हैं। इनसे हमें लंबी अवधि की समस्याएं हो सकती हैं। ये त्वचा, लिवर, मस्तिष्क, किडनी और अन्य अंगों में समस्या पैदा कर सकते हैं।

पदार्थ और उसके दुष्प्रभाव

लेड : बच्चों में मस्तिष्क के विकास में देरी और सीखने में कठिनाई, तंत्रिका तंत्र, गुर्दे और सुनने की क्षमता प्रभावित करना। वयस्कों में उच्च रक्तचाप, एनीमिया, सिरदर्द और प्रजनन संबंधी समस्याएं।


क्रोमाइट : नाक, गले और फेफड़ों में जलन, त्वचा के घाव, अस्थमा, लिवर और किडनी को नुकसान और फेफड़ों का कैंसर।

पॉलीफॉर्म बैक्टीरिया : उल्टी, दस्त, बुखार, टाइफाइड, हेपेटाइटिस जैसी समस्याएं।

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खड़ी हल्दी भी मिलावट से अछूती नहीं

कुछ लोगों को लगता है कि हल्दी पाउडर में ही मिलावट होती है। खड़ी हल्दी को घर में पीसकर उपयोग करना सुरक्षित होता है। ऐसा सोचना गलत है। एफएसडीए के सहायक आयुक्त द्वितीय विजय कुमार सिंह बताते हैं कि बाजार में बिकने वाली खड़ी हल्दी की गांठ भी मिलावट से सुरक्षित नहीं है। चमक बढ़ाने के लिए इसे लेड क्रोमेट जैसे केमिकल से रंगा जाता है। इससे हल्दी की गांठ साफ, सुंदर व चमकीली दिखती है। ये हल्दी जब पीसी जाती है, तो उसमें लेड के तत्व आ जाते हैं।
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