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सीएम के आने से पहले सड़क पर सन्नाटा, जाते ही लगा जाम, एंबुलेंस भी फंसी
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मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद जाम में फंसी एंबुलेंस। संवाद
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को जिम्स में कोरोना की तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके आने से पहले जिम्स की दो किमी की परिधि में पुलिस ने सभी मार्गों पर बैरिकेड लगाकर सुरक्षा घेरा बनाया था। इस दौरान सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दिया, लेकिन उनके जाते ही मुस्तैदी के दावे धराशायी हो गए। कासना-सूरजपुर मार्ग पर लंबा जाम लग गया। इसमें आम लोगों के अलावा एंबुलेंस भी फंस गई। पुलिसकर्मियों ने मशक्कत के बाद एंबुलेंस को बाहर निकलवा और स्थिति सामान्य की।
मुख्यमंत्री बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे जिम्स पहुंचे। इससे पहले कासना मुख्य बाजार, सूरजपुर-कासना के अलावा गांव से निकलने वाले और जीबीयू की ओर से जिम्स की तरफ आने वाले मार्ग को पुलिस ने सुरक्षा घेरा में ले लिया था। कार्यक्रम में आमंत्रित लोगों के अलावा अन्य किसी को इन मार्गों से गुजरने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। कासना से जिम्स तक तीन स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेड लगा रखी थी। मुख्यमंत्री के जिम्स से निकलते ही व्यवस्था बिगड़ गई। न तो सड़क पर बैरिकेड दिखाई दिए और न ही पुलिसकर्मी। मुख्यमंत्री के काफिले व इसमें शामिल होने वाले लोगों के वाहन अचानक मुख्य मार्ग पर निकलने से जाम की स्थिति बन गई। कासना-सूरजपुर मार्ग पर जाम में फंसी एंबुलेंस को एसएचओ बादलपुर, फेज-तीन थाने के इंस्पेक्टर ने तत्परता से बाहर निकाला।
गौतमबुद्ध नगर में आने से पूर्व मुख्यमंत्रियों ने संकोच किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों ने गौतमबुद्ध नगर से खुद को किनारे रखा। हमने इस मिथक को तोड़ा है। मैं कोविड काल में भी आया, उससे पहले भी आया। एक बार फिर दिल्ली से नजदीक होने के कारण यहां कोविड की तैयारी का जायजा लेने आया हूं। पहले के मुख्यमंत्रियों ने यहां आने में संकोच किया। उनके लिए सत्ता महत्वपूर्ण थी। प्रदेश की जनता उनके लिए कुछ नहीं थी। उनके पास कोई एजेंडा नहीं था। कोराना प्रबंधन के दौरान भी मुझे यहां आने का अवसर मिला है।
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मुख्यमंत्री बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे जिम्स पहुंचे। इससे पहले कासना मुख्य बाजार, सूरजपुर-कासना के अलावा गांव से निकलने वाले और जीबीयू की ओर से जिम्स की तरफ आने वाले मार्ग को पुलिस ने सुरक्षा घेरा में ले लिया था। कार्यक्रम में आमंत्रित लोगों के अलावा अन्य किसी को इन मार्गों से गुजरने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। कासना से जिम्स तक तीन स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेड लगा रखी थी। मुख्यमंत्री के जिम्स से निकलते ही व्यवस्था बिगड़ गई। न तो सड़क पर बैरिकेड दिखाई दिए और न ही पुलिसकर्मी। मुख्यमंत्री के काफिले व इसमें शामिल होने वाले लोगों के वाहन अचानक मुख्य मार्ग पर निकलने से जाम की स्थिति बन गई। कासना-सूरजपुर मार्ग पर जाम में फंसी एंबुलेंस को एसएचओ बादलपुर, फेज-तीन थाने के इंस्पेक्टर ने तत्परता से बाहर निकाला।
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गौतमबुद्ध नगर में आने से पूर्व मुख्यमंत्रियों ने संकोच किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों ने गौतमबुद्ध नगर से खुद को किनारे रखा। हमने इस मिथक को तोड़ा है। मैं कोविड काल में भी आया, उससे पहले भी आया। एक बार फिर दिल्ली से नजदीक होने के कारण यहां कोविड की तैयारी का जायजा लेने आया हूं। पहले के मुख्यमंत्रियों ने यहां आने में संकोच किया। उनके लिए सत्ता महत्वपूर्ण थी। प्रदेश की जनता उनके लिए कुछ नहीं थी। उनके पास कोई एजेंडा नहीं था। कोराना प्रबंधन के दौरान भी मुझे यहां आने का अवसर मिला है।
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