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Noida: नोएडा एयरपोर्ट के एंटी हाईजैकिंग कंटीजेंसी प्लान को बकास ने दी मंजूरी, डीजीसीए से लाइसेंस की राह आसान
Thu, 05 Mar 2026 08:50 PM IST
Akash Dubey
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: Akash Dubey
Updated Thu, 05 Mar 2026 08:50 PM IST
सार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एंटी हाइजैकिंग योजना को बकास ने मंजूरी दी, जिससे डीजीसीए से जल्द एयरोड्रम लाइसेंस मिलने की उम्मीद है और यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम है।
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Noida International Airport
- फोटो : X @AwasthiAwanishK
विस्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को डीजीसीए से परिचालन की अनुमति मिलने के लिए एक और अहम पड़ाव पार हो गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगे एंटी हाइजैकिंग उपकरण के लिए बनी योजना को मंजूरी नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बकास) ने दे दी है। ऐसे में उम्मीद है कि अब डीजीसीए से जल्दी ही एयरोड्रम लाइसेंस मिल सकता है।
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एयरपोर्ट से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए मानकों को पूरा किया जा रहा है। इसी के लिए एंटी हाईजैकिंग कंटीजेंसी प्लान तैयार किया गया है, जिससे कोई भी विमान हाइजैक नहीं किया जा सके। बकास ने इसका परीक्षण किया था, जिसके बाद इस प्लान को मंजूरी दे दी गई है। इससे अब एयरपोर्ट की पूरी सुरक्षा व्यवस्था को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद बनी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड-नायल के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए एंटी हाईजैकिंग कंटीजेंसी प्लान बेहद महत्वपूर्ण होता है। विमान के हाईजैक होने या बम रखे होने की जानकारी मिलने के तुरंत बाद यह प्लान लागू हो जाता है। इसके बाद प्लान में तय हुए प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्यवाही करनी होती है।
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इस एंटी हाईजैकिंग कंटीजेंसी प्लान में विमान कंपनी, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, सुरक्षा एजेंसियां, स्थानीय आपदा प्रबंधन समिति और शासन की अन्य एजेंसियां शामिल होकर काम करती हैं। सभी जरूरी उपकरण एयरपोर्ट पर लगने के बाद बकास खुद इसका परीक्षण करता है। परीक्षण में सभी जरूरी प्रोटोकॉल मिलने के बाद मंजूरी मिल पाती है। करीब चार महीने से एयरपोर्ट पर इन उपकरणों को लगाए जाने के बाद जांच चल रही थी।
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