{"_id":"64710d6f6ec8dc83890adb26","slug":"ballast-brought-from-qatar-will-be-installed-grnoida-news-c-23-1-noi1091-9336-2023-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: मोटी जीपी ट्रैक के किनारे लगेगी कतर से लाई गई गिट्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: मोटी जीपी ट्रैक के किनारे लगेगी कतर से लाई गई गिट्टी
विज्ञापन
मोटी जीपी ट्रैक के किनारे लगेगी कतर से लाई गई गिट्टी
- ट्रैक का निरीक्षण करने पहुंची 16 सदस्यीय टीम, सड़क पर कर्व दर्शाने के लिए बहरीन से लाया जाएगा पेंट
360 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से फर्रार्टा भरेंगी स्पोर्ट्स बाइक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) ट्रैक पर होने वाली बाइक रेस की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को ग्लोबल मोटो जीपी के डोर्ना स्पोर्ट्स की 16 सदस्यीय टीम ने ट्रैक का जायजा लिया। टीम ने ट्रैक की मरम्मत के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों पर चर्चा की। आयोजकों ने बताया कि रेसिंग ट्रेक के किनारे लगाने के लिए कतर से साफ्ट गिट्टी लाई जाएगी। इससे किसी दुर्घटना की सूरत में बाइकर को न्यूनतम चोट लगेगी। इसके अलावा ट्रैक पर कर्व का निशान दर्शाने के लिए बहरीन से प्लास्टिक पेंट मंगाया जाएगा। करीब 20 दिन बाद टीम फिर आकर निरीक्षण करेगी।
आयोजक फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर पुष्कर नाथ श्रीवास्तव ने बताया कि 21 सितंबर से बीआईसी पर तीन दिवसीय मोटो जीपी बाइक रेस होगी। करीब 10 साल से बंद पड़े बीआईसी को बाइक रेस के लिए तैयार करने पर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ट्रैक को रेस के लिए तैयार करने के साथ ही आॅप्टीकल फाइबर लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए करीब एक सप्ताह से विशेषज्ञों की टीम बीआसी ट्रैक का निरीक्षण कर रही है।
उन्होंने बताया कि ट्रैक पर करीब 360 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पोर्ट्स बाइक फर्राटा भरेंगी। इसके लिए सड़क पर कर्व दर्शाने के लिए 40 हजार रुपये लीटर कीमत का प्लास्टिक पेंट लगाया जाएगा। जिसे बहरीन से लाया जाएगा। सड़क पर प्लास्टिक पेंट सितंबर में ही लगाया जाएगा। ट्रैक का करीब 800 मीटर हिस्सा बदला जाएगा और इसके लिए कितनी बड़ी और कौन सी मशीन आएंगी। इसकी रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। शुक्रवार को पहुंची टीम में डोर्ना के इवेंट्स डायरेक्टर, नोर्मा लूना , तकनीकी निदेशक डेनियल ट्रंजिलो, लाइव कवरेज निदेशक एनरिक एगुइलर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
विज्ञापन
108 कैमरों से होगी लाइव कवरेज
- हेलीकॉप्टर पर 10, ट्रैक पर 90 और राइडर की बाइक पर होंगे 8 कैमरे
टीवी पर खेल का प्रसारण के लिए 108 कैमरे लगाए जाएंगे। इनके स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। ट्रैक के ऊपर मंडरा रहे हेलीकॉप्टर पर लगे 10 कैमरों से रेस पर लगातार नजर रखी जाएगी। रेस के दौरान राइडर की बाइक की लाइट, बैक लाइट, हैंडल, हेलमेट और पीठ पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी संख्या आठ होगी। इसके अलावा ट्रैक पर कुल 90 कैमरे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए कमेटी गठित की जाएगी। जिसमें लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रदेश सरकार के खाते में जाएगी कमाई
रेस अयोजन में होने वाली कमाई में यमुना प्राधिकरण ने कोई हिस्सेदारी नहीं मांगी है। बल्कि इसके लिए पूरी राशि को एस्क्रो खाते में डलवाया जाएगा। खर्च के बाद बची राशि सरकार को भेज दी जाएगी। इससे प्रदेश को मोटा राजस्व मिलने की उम्मीद है।
बीआईसी 10 साल बाद होगा गुलजार
देश का इकलौता रेसिंग ट्रैक बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट करीब 10 साल बाद गुलजार होगा। बीआईसी पर साल 2011 में पहली इंडियन ग्रां प्री का आयोजन किया गया था। इसके बाद साल 2012 और 2013 में भी फॉर्मूला वन रेस आयोजित हुई थी। बीआईसी का संचालन करने वाली कंपनी जेपी इंफ्राटेक और केंद्र सरकार के बीच कर को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। जिसके बाद एफ-वन का आयोजन रुक गया था। तब से बीआईसी पर कोई बड़ा आयोजन नहीं हुआ है। अहम है कि दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेल प्रतियोगिता में ओलंपिक और फीफा वर्ल्ड कप के बाद तीसरा स्थान मोटो जीपी का है। इसके प्रशंसकों की संख्या विश्व में करोड़ों में हैं। भारत दो पहिया वाहनों का सबसे बड़ा उत्पादक और बड़ा उपभोक्ता भी है। ऐसे में भारत में पहली बार मोटो जीपी रेस का आयोजन को खासा अहम माना जा रहा है। मोटो जीपी का आयोजन एक सप्ताह का होता है, इसमें चार दिन तैयारी चलती है और तीन दिन रेस होती है।
विज्ञापन
- ट्रैक का निरीक्षण करने पहुंची 16 सदस्यीय टीम, सड़क पर कर्व दर्शाने के लिए बहरीन से लाया जाएगा पेंट
360 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से फर्रार्टा भरेंगी स्पोर्ट्स बाइक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) ट्रैक पर होने वाली बाइक रेस की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को ग्लोबल मोटो जीपी के डोर्ना स्पोर्ट्स की 16 सदस्यीय टीम ने ट्रैक का जायजा लिया। टीम ने ट्रैक की मरम्मत के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों पर चर्चा की। आयोजकों ने बताया कि रेसिंग ट्रेक के किनारे लगाने के लिए कतर से साफ्ट गिट्टी लाई जाएगी। इससे किसी दुर्घटना की सूरत में बाइकर को न्यूनतम चोट लगेगी। इसके अलावा ट्रैक पर कर्व का निशान दर्शाने के लिए बहरीन से प्लास्टिक पेंट मंगाया जाएगा। करीब 20 दिन बाद टीम फिर आकर निरीक्षण करेगी।
आयोजक फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर पुष्कर नाथ श्रीवास्तव ने बताया कि 21 सितंबर से बीआईसी पर तीन दिवसीय मोटो जीपी बाइक रेस होगी। करीब 10 साल से बंद पड़े बीआईसी को बाइक रेस के लिए तैयार करने पर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ट्रैक को रेस के लिए तैयार करने के साथ ही आॅप्टीकल फाइबर लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए करीब एक सप्ताह से विशेषज्ञों की टीम बीआसी ट्रैक का निरीक्षण कर रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि ट्रैक पर करीब 360 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पोर्ट्स बाइक फर्राटा भरेंगी। इसके लिए सड़क पर कर्व दर्शाने के लिए 40 हजार रुपये लीटर कीमत का प्लास्टिक पेंट लगाया जाएगा। जिसे बहरीन से लाया जाएगा। सड़क पर प्लास्टिक पेंट सितंबर में ही लगाया जाएगा। ट्रैक का करीब 800 मीटर हिस्सा बदला जाएगा और इसके लिए कितनी बड़ी और कौन सी मशीन आएंगी। इसकी रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। शुक्रवार को पहुंची टीम में डोर्ना के इवेंट्स डायरेक्टर, नोर्मा लूना , तकनीकी निदेशक डेनियल ट्रंजिलो, लाइव कवरेज निदेशक एनरिक एगुइलर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
विज्ञापन
108 कैमरों से होगी लाइव कवरेज
- हेलीकॉप्टर पर 10, ट्रैक पर 90 और राइडर की बाइक पर होंगे 8 कैमरे
टीवी पर खेल का प्रसारण के लिए 108 कैमरे लगाए जाएंगे। इनके स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। ट्रैक के ऊपर मंडरा रहे हेलीकॉप्टर पर लगे 10 कैमरों से रेस पर लगातार नजर रखी जाएगी। रेस के दौरान राइडर की बाइक की लाइट, बैक लाइट, हैंडल, हेलमेट और पीठ पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी संख्या आठ होगी। इसके अलावा ट्रैक पर कुल 90 कैमरे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए कमेटी गठित की जाएगी। जिसमें लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रदेश सरकार के खाते में जाएगी कमाई
रेस अयोजन में होने वाली कमाई में यमुना प्राधिकरण ने कोई हिस्सेदारी नहीं मांगी है। बल्कि इसके लिए पूरी राशि को एस्क्रो खाते में डलवाया जाएगा। खर्च के बाद बची राशि सरकार को भेज दी जाएगी। इससे प्रदेश को मोटा राजस्व मिलने की उम्मीद है।
बीआईसी 10 साल बाद होगा गुलजार
देश का इकलौता रेसिंग ट्रैक बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट करीब 10 साल बाद गुलजार होगा। बीआईसी पर साल 2011 में पहली इंडियन ग्रां प्री का आयोजन किया गया था। इसके बाद साल 2012 और 2013 में भी फॉर्मूला वन रेस आयोजित हुई थी। बीआईसी का संचालन करने वाली कंपनी जेपी इंफ्राटेक और केंद्र सरकार के बीच कर को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। जिसके बाद एफ-वन का आयोजन रुक गया था। तब से बीआईसी पर कोई बड़ा आयोजन नहीं हुआ है। अहम है कि दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेल प्रतियोगिता में ओलंपिक और फीफा वर्ल्ड कप के बाद तीसरा स्थान मोटो जीपी का है। इसके प्रशंसकों की संख्या विश्व में करोड़ों में हैं। भारत दो पहिया वाहनों का सबसे बड़ा उत्पादक और बड़ा उपभोक्ता भी है। ऐसे में भारत में पहली बार मोटो जीपी रेस का आयोजन को खासा अहम माना जा रहा है। मोटो जीपी का आयोजन एक सप्ताह का होता है, इसमें चार दिन तैयारी चलती है और तीन दिन रेस होती है।