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Noida News: जर्जर सड़कों और जाम से हांफ रही सांसें, प्रदूषण हॉटस्पॉट और जांच केंद्र हुए दोगुने
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नोएडा एलिवेटेड में मरम्मत के बाद बिछाई गई बिटूबीन
- 20 केंद्रों पर होगी प्रदूषण की सख्त निगरानी, उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की खराब सड़कें और सड़कों पर लगने वाला गाड़ियों का लंबा जाम प्रदूषण कम न होने का मुख्य कारण है। यही वजह है कि नोएडा प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ट्रैफिक विभाग मिलकर भी नोएडा का प्रदूषण कम नहीं कर पा रहे हैं। परिवहन विभाग के मुताबिक, जिले में 13 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं इसके साथ ही हर महीने करीब 13-14 हजार नई गाड़ियां आती हैं। हालांकि इस साल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हॉटस्पॉट और जांच केंद्र (स्टेशन) केंद्र दोगुने कर दिए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इस बार 20 केंद्रों पर प्रदूषण की सख्त निगरानी की जाएगी, जबकि पिछली बार 10 हॉटस्पॉट ही बने थे। इसके अलावा प्रदूषण जांच केंद्र भी चार से बढ़ाकर 8 कर दिए गए हैं। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि हर साल एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू हो जाता है और ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। प्रदूषण नियंत्रण का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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नोएडा में बने 20 हॉटस्पॉट
कंस्ट्रक्शन डस्ट (निर्माण क्षेत्र)
सेक्टर-150 से 162
सेक्टर-94, 124 से 135
सेक्टर-50 व 51
सेक्टर-140 से 145
सेक्टर-62 (ब्लॉक-ए)
चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर (एलिवेटेड रोड का निर्माण)
सेक्टर-96 से 98
सेक्टर-105
सेक्टर-113, 115 और 117
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उद्योगों का धुआं
होजरी कॉम्प्लेक्स की एयर पॉल्यूटिंग इंडस्ट्रीज
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कच्ची व टूटी सड़कें
-यमुना पुश्ता रोड
-सेक्टर-1 रोड (कृभको ऑफिस के सामने)
-सोरखा गांव रोड (सेक्टर-115)
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ठोस कचरा क्षेत्र
-सेक्टर-145 (डंपिंग साइट)
-सेक्टर-32 (प्राधिकरण की हॉर्टिकल्चर वेस्ट साइट)
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जाम में फसे वाहनों का धुआं
-दादरी रोड (एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन से हिंडन ब्रिज)
-सेक्टर-62 चौराहा
-दलित प्रेरणा स्थल
-कालिंदी कुंज बॉर्डर
-छिजारसी तिराहा (सेक्टर-63)
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हॉटस्पॉट की सूची से हटाया सेवन एक्स
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल के 10 हॉटस्पॉट में से इस साल सेवन एक्स हटा दिया गया है। बोर्ड के मुताबिक यहां पर फिलहाल निर्माण कार्य नहीं चल रहा है और धूल आदि की समस्या भी नहीं है। हालांकि सेवन एक्स के आसपास के सेक्टरों को हॉटस्पॉट में शामिल किया गया है।
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पुराने चार जांच केंद्र - इस साल के नए जांच केंद्र
सेक्टर 62 - सेक्टर 39 (राजकीय डिग्री कॉलेज के पास)
सेक्टर 125 - सेक्टर 143 (गुलशन इकेबाना सोसाइटी के पास)
सेक्टर 116 - सेक्टर 150 (भगत सिंह पार्क के पास)
सेक्टर 1 - सेक्टर 110 (महर्षि विश्वविद्यालय के पास)
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निर्माण कार्य स्थलों पर कैमरे लगवा दिए गए हैं जहां से सीधी निगरानी हो रही है। हॉटस्पॉट और जांच केंद्र भी दोगुने कर दिए गए हैं। इसके बाद भी शहर की खराब सड़कें और सड़कों पर उड़ती धूल, वाहनों का भारी जाम प्रदूषण बढ़ाने का मुख्य कारण बनता जा रहा है। -रितेश तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोएडा
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की खराब सड़कें और सड़कों पर लगने वाला गाड़ियों का लंबा जाम प्रदूषण कम न होने का मुख्य कारण है। यही वजह है कि नोएडा प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ट्रैफिक विभाग मिलकर भी नोएडा का प्रदूषण कम नहीं कर पा रहे हैं। परिवहन विभाग के मुताबिक, जिले में 13 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं इसके साथ ही हर महीने करीब 13-14 हजार नई गाड़ियां आती हैं। हालांकि इस साल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हॉटस्पॉट और जांच केंद्र (स्टेशन) केंद्र दोगुने कर दिए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इस बार 20 केंद्रों पर प्रदूषण की सख्त निगरानी की जाएगी, जबकि पिछली बार 10 हॉटस्पॉट ही बने थे। इसके अलावा प्रदूषण जांच केंद्र भी चार से बढ़ाकर 8 कर दिए गए हैं। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि हर साल एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू हो जाता है और ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। प्रदूषण नियंत्रण का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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नोएडा में बने 20 हॉटस्पॉट
कंस्ट्रक्शन डस्ट (निर्माण क्षेत्र)
सेक्टर-150 से 162
सेक्टर-94, 124 से 135
सेक्टर-50 व 51
सेक्टर-140 से 145
सेक्टर-62 (ब्लॉक-ए)
चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर (एलिवेटेड रोड का निर्माण)
सेक्टर-96 से 98
सेक्टर-105
सेक्टर-113, 115 और 117
उद्योगों का धुआं
होजरी कॉम्प्लेक्स की एयर पॉल्यूटिंग इंडस्ट्रीज
कच्ची व टूटी सड़कें
-यमुना पुश्ता रोड
-सेक्टर-1 रोड (कृभको ऑफिस के सामने)
-सोरखा गांव रोड (सेक्टर-115)
ठोस कचरा क्षेत्र
-सेक्टर-145 (डंपिंग साइट)
-सेक्टर-32 (प्राधिकरण की हॉर्टिकल्चर वेस्ट साइट)
जाम में फसे वाहनों का धुआं
-दादरी रोड (एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन से हिंडन ब्रिज)
-सेक्टर-62 चौराहा
-दलित प्रेरणा स्थल
-कालिंदी कुंज बॉर्डर
-छिजारसी तिराहा (सेक्टर-63)
हॉटस्पॉट की सूची से हटाया सेवन एक्स
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल के 10 हॉटस्पॉट में से इस साल सेवन एक्स हटा दिया गया है। बोर्ड के मुताबिक यहां पर फिलहाल निर्माण कार्य नहीं चल रहा है और धूल आदि की समस्या भी नहीं है। हालांकि सेवन एक्स के आसपास के सेक्टरों को हॉटस्पॉट में शामिल किया गया है।
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पुराने चार जांच केंद्र - इस साल के नए जांच केंद्र
सेक्टर 62 - सेक्टर 39 (राजकीय डिग्री कॉलेज के पास)
सेक्टर 125 - सेक्टर 143 (गुलशन इकेबाना सोसाइटी के पास)
सेक्टर 116 - सेक्टर 150 (भगत सिंह पार्क के पास)
सेक्टर 1 - सेक्टर 110 (महर्षि विश्वविद्यालय के पास)
निर्माण कार्य स्थलों पर कैमरे लगवा दिए गए हैं जहां से सीधी निगरानी हो रही है। हॉटस्पॉट और जांच केंद्र भी दोगुने कर दिए गए हैं। इसके बाद भी शहर की खराब सड़कें और सड़कों पर उड़ती धूल, वाहनों का भारी जाम प्रदूषण बढ़ाने का मुख्य कारण बनता जा रहा है। -रितेश तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोएडा